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जिला अस्पताल में प्रसव के लिए ढाई घंटे दर्द से तड़पती रही महिला, डीएम की फटकार के बाद हुआ इलाज
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जिला अस्पताल में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिला अस्पताल में इलाज को आ रहे मरीज अस्पताल प्रबंधन की लचर कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ रहे हैं। शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों से गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड को आईं, जहां पर महिला अस्पताल के चिकित्सक अवकाश पर थे, जिस पर जिला अस्पताल में भी डॉक्टर नहीं मिले। दर्द से कराह रही गर्भवती की जानकारी पर डीएम आलोक सिंह ने संज्ञान लिया, जिसके बाद अल्ट्रासाउंड शुरू हुए।
जिला अस्पताल मेें लचर व्यवस्थाएं दुुरुत होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। यहां पर पैथोलॉजी में सैंपल लेने का समय सीमित होने के चलते जांच नहीं हो पा रही है। वहीं गर्भवती महिलाओं केे अल्ट्रासाउंड जांच के लिए परेेशान होना पड़ रहा है। यहां पर जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा है, लेकिन अधिकांश समय पर एक न एक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड के चिकित्सक अवकाश पर रहते हैं। ऐसे में मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। जब तक अल्ट्रासाउंड होता तब तक चिकित्सक ओपीडी से चली जातीं है। शनिवार को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को आई महिला की प्रसव पीड़ा देखकर लोगों की रूह कांप गई, लेकिन जिला अस्पताल की पैथोलॉजी के कर्मचारी नहीं पसीजे। यहां पर कस्बा तालबेहट निवासी एक महिला प्रसव को जिला महिला अस्पताल में आई। जहां पर चिकित्सक ने प्रसव से पहले अल्ट्रासाउंड लिख दिया, जिस पर वह दर्द से कराहती हुई जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को आई। जहां पर चिकित्सक नहीं मिले। इससे परेशानी और बढ़ गई। महिला को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिली। सर्दी से कांपती और प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने धूप की इच्छा जताई जिस पर तीमारदार धूप में ले गए। जहां पर महिला जमीन पर बैठ गई। रो-रो कर बुरा हाल हो गया। इसी प्रकार घुसयाना निवासी एक युवक भी दर्द से कराह रहा था। वहीं नदनवारा निवासी एक सहरिया महिला भी अधिक परेशान रही। जब प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की सूचना जिलाधिकारी आलोक सिंह को मिली तो उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य महकमा को फटकार लगाई। जिलाधिकारी की फटकार के बाद स्वास्थ्य महकमा समेत अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद तत्काल दोपहर ढाई बजे पैथोलॉजी खुली और चिकित्सक व कर्मचारी मौके पर आए। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला का अल्ट्रासाउंड कराया जिसके बाद उसका इलाज किया। मामला गंभीर बताते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां पर उसका प्रसव कराया गया। बताया गया है कि जच्चा और बच्चा ठीक हैं।
पेट में अधिक दर्द हो रहा है, चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिखा, दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं आए हैं। - सुरेंद्र, घुसयाना
पेट में परेशानी है। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिखा है। दोपहर 12 बजे से चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं। अब तक अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका है। - रजनी सहरिया, नदनवारा
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जिला अस्पताल मेें लचर व्यवस्थाएं दुुरुत होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। यहां पर पैथोलॉजी में सैंपल लेने का समय सीमित होने के चलते जांच नहीं हो पा रही है। वहीं गर्भवती महिलाओं केे अल्ट्रासाउंड जांच के लिए परेेशान होना पड़ रहा है। यहां पर जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा है, लेकिन अधिकांश समय पर एक न एक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड के चिकित्सक अवकाश पर रहते हैं। ऐसे में मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। जब तक अल्ट्रासाउंड होता तब तक चिकित्सक ओपीडी से चली जातीं है। शनिवार को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को आई महिला की प्रसव पीड़ा देखकर लोगों की रूह कांप गई, लेकिन जिला अस्पताल की पैथोलॉजी के कर्मचारी नहीं पसीजे। यहां पर कस्बा तालबेहट निवासी एक महिला प्रसव को जिला महिला अस्पताल में आई। जहां पर चिकित्सक ने प्रसव से पहले अल्ट्रासाउंड लिख दिया, जिस पर वह दर्द से कराहती हुई जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को आई। जहां पर चिकित्सक नहीं मिले। इससे परेशानी और बढ़ गई। महिला को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिली। सर्दी से कांपती और प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने धूप की इच्छा जताई जिस पर तीमारदार धूप में ले गए। जहां पर महिला जमीन पर बैठ गई। रो-रो कर बुरा हाल हो गया। इसी प्रकार घुसयाना निवासी एक युवक भी दर्द से कराह रहा था। वहीं नदनवारा निवासी एक सहरिया महिला भी अधिक परेशान रही। जब प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की सूचना जिलाधिकारी आलोक सिंह को मिली तो उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य महकमा को फटकार लगाई। जिलाधिकारी की फटकार के बाद स्वास्थ्य महकमा समेत अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद तत्काल दोपहर ढाई बजे पैथोलॉजी खुली और चिकित्सक व कर्मचारी मौके पर आए। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला का अल्ट्रासाउंड कराया जिसके बाद उसका इलाज किया। मामला गंभीर बताते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां पर उसका प्रसव कराया गया। बताया गया है कि जच्चा और बच्चा ठीक हैं।
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पेट में अधिक दर्द हो रहा है, चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिखा, दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं आए हैं। - सुरेंद्र, घुसयाना
पेट में परेशानी है। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिखा है। दोपहर 12 बजे से चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं। अब तक अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका है। - रजनी सहरिया, नदनवारा
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