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Lalitpur News: आधे-अधूरे आंकड़ों के सहारे अफसर कर रहे मलेरिया रोगियों की संख्या शून्य का दावा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में आधे-अधूरे आंकड़ों के सहारे स्वास्थ्य विभाग के अफसर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। यहां पर सरकारी अस्पतालों में आठ माह में 56,166 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें एक भी रोगी नहीं पाया गया है, जबकि निजी पैथोलॉजी की रिपोर्ट ही नहीं मिल पा रही है। ऐसे में विभागों की दावों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
बुखार के मरीजों की अस्पताल में कतार लगी हुई है। इसके बाद भी विभाग के अफसर मलेरिया रोगियों की संख्या शून्य बता रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित पैथोलॉजी पर जांच की जा रही है। जनवरी माह से अगस्त तक मलेरिया के लक्षणों वाले 56,166 मरीजों की जांच की गई। इसमें एक भी मलेरिया रोगी की पुष्टि नहीं हुई है। इन सरकारी आंकड़ों के आधार पर विभाग मलेरिया रोगियों की संख्या शून्य होने का दावा कर रहा है। जबकि जिले में संचालित दो दर्जन पैथोलॉजी की रिपोर्ट नहीं मिल रही हैं।
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नोटिस तक सीमिति रह गई कार्रवाई
जनपद में दो दर्जन से अधिक पैथोलॉजी संचालित हो रही हैं। प्रत्येक पैथोलॉजी संचालक को मरीजों का डाटा स्वास्थ्य विभाग को देना होता है। इनमें डेंगू व अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों का डाटा तत्काल में देना होता है। लेकिन, पैथोलॉजी संचालक खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर संचालन कर रहे हैं। विभाग को वर्षों से डाटा नहीं दे रहे हैं। इससे विभाग को बीमारियों के फैलने व नियंत्रण की स्थिति तक स्पष्ट नहीं हो पा रही है। हद तो तब हो गई, जब दो वर्ष से लगातार नोटिस देने के बाद भी निजी पैथोलॉजी संचालक डाटा या रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं।
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प्रत्येक पैथोलॉजी संचालक को जांच की संख्या व बीमारियों के रिपोर्ट का आंकड़ा विभाग को देना अनिवार्य है। नोटिस के बाद भी नहीं दे रहे हैं। ऐसे में इन पैथोलाॅजी पर कार्रवाई की जाएगी।
- डाॅ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी