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गैर इरादतन हत्या में पुलिस कर्मचारी गया जेल
Lalitpur
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:52 AM IST
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murdur
- फोटो : demo
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ललितपुर। पांच माह पूर्व पुलिस के वाहन से नगर पंचायत कर्मचारी की मौत के मामले में सड़क दुर्घटना का मामला गैर इरादतन हत्या की धारा में तब्दील होने के बाद गिरफ्त में आए वाहन चालक पुलिस कर्मचारी को सीजेएम न्यायालय ने 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि मुहल्ला आजादपुरा निवासी इंद्रकुमार उर्फ इंद्रजीत सिंह कुशवाहा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि आठ अक्टूूबर 2017 की रात करीब आठ बजे उसके पिता शोभाराम जो निवार्चन कार्यालय एवं नगर पंचायत कर्मचारी थे, वह करवा चौथ के व्रत के पूजन के लिए स्टेशन से मोटरसाइकिल से मिठाई व पूजन सामग्री लेकर अपने घर आ रहे थे। रास्ते में स्टेशन रोड स्थित जिला पंचायत कार्यालय के पास पुलिस की गाड़ी संख्या यूपी 94 0024 के ड्राईवर द्वारा उसके पिता की मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे उसके पिता घायल हो गए थे । उक्त वाहन चालक उसके पिता के पैर के ऊपर से वाहन निकालते हुए भाग गया।
घटना के समय मसौराखुर्द निवासी रामस्वरूप, मुकेश एवं आसपास के दुकानदारों राहगीरों व अन्य लोगों ने घटना को देखा है। उसके पिता को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत गंभीर स्थिति में होने के कारण उन्हें 10 अक्टूबर को संजीवनी अस्पताल ग्वालियर ले गए, जहां दूसरे दिन करीब बारह बजे दिन में उनकी मृत्यु हो गई। इस पर वह अपने पिता का शव ललितपुर लाया, जहां उनका पोस्टमार्टम कराया गया।
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घटना में गंभीर घायल अवस्था के दौरान उसके पिता ने उसे बताई थी, इस आधार पर उसने कोतवाली पुलिस को लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने से पुलिस वाहन की टक्कर से उसके पिता की मौत हुई है। इंद्रजीत की तहरीर पर पुलिस ने 27 अक्टूबर 2010 को अज्ञात पुलिस वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन, बाद में विवेचना के दौरान उक्त वाहन चालक पुलिस कर्मचारी बाबूराम का नाम प्रकाश में आया। जिसका चिकित्सीय परीक्षण के आधार पर थाना कोतवाली पुलिस ने उक्त सड़क दुर्घटना के मामले को गैर इरादतन हत्या की धाराओं में बढ़ोतरी की गई और शुक्रवार को सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। जहां से न्यायालय द्वारा उक्त पुलिस कर्मचारी को 14 दिनकी रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस कर्मचारी को जेल जाता देख वहां उसके परिजन और अधिवक्ताओं व वादकारियों की भीड़ जमा हो गई।
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गौरतलब है कि मुहल्ला आजादपुरा निवासी इंद्रकुमार उर्फ इंद्रजीत सिंह कुशवाहा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि आठ अक्टूूबर 2017 की रात करीब आठ बजे उसके पिता शोभाराम जो निवार्चन कार्यालय एवं नगर पंचायत कर्मचारी थे, वह करवा चौथ के व्रत के पूजन के लिए स्टेशन से मोटरसाइकिल से मिठाई व पूजन सामग्री लेकर अपने घर आ रहे थे। रास्ते में स्टेशन रोड स्थित जिला पंचायत कार्यालय के पास पुलिस की गाड़ी संख्या यूपी 94 0024 के ड्राईवर द्वारा उसके पिता की मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे उसके पिता घायल हो गए थे । उक्त वाहन चालक उसके पिता के पैर के ऊपर से वाहन निकालते हुए भाग गया।
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घटना के समय मसौराखुर्द निवासी रामस्वरूप, मुकेश एवं आसपास के दुकानदारों राहगीरों व अन्य लोगों ने घटना को देखा है। उसके पिता को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत गंभीर स्थिति में होने के कारण उन्हें 10 अक्टूबर को संजीवनी अस्पताल ग्वालियर ले गए, जहां दूसरे दिन करीब बारह बजे दिन में उनकी मृत्यु हो गई। इस पर वह अपने पिता का शव ललितपुर लाया, जहां उनका पोस्टमार्टम कराया गया।
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घटना में गंभीर घायल अवस्था के दौरान उसके पिता ने उसे बताई थी, इस आधार पर उसने कोतवाली पुलिस को लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने से पुलिस वाहन की टक्कर से उसके पिता की मौत हुई है। इंद्रजीत की तहरीर पर पुलिस ने 27 अक्टूबर 2010 को अज्ञात पुलिस वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन, बाद में विवेचना के दौरान उक्त वाहन चालक पुलिस कर्मचारी बाबूराम का नाम प्रकाश में आया। जिसका चिकित्सीय परीक्षण के आधार पर थाना कोतवाली पुलिस ने उक्त सड़क दुर्घटना के मामले को गैर इरादतन हत्या की धाराओं में बढ़ोतरी की गई और शुक्रवार को सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। जहां से न्यायालय द्वारा उक्त पुलिस कर्मचारी को 14 दिनकी रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस कर्मचारी को जेल जाता देख वहां उसके परिजन और अधिवक्ताओं व वादकारियों की भीड़ जमा हो गई।