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Lalitpur News: मौसम का बदला मिजाज, दोपहर बाद कुछ जगह हुई हल्की बूंदाबांदी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रविवार सुबह मौसम का अचानक मिजाज बदल गया। सुबह से ही छाए बादलों ने किसानों को परेशानी में डाल दिया। दोपहर बाद अधिकांश क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। किसानों ने बताया कि वर्तमान में मटर व मसूर की फसल फूल पर हैं, बारिश होने पर पूरी तरह से फूल झड़कर नष्ट हो जाएंगे। किसानों ने बताया कि पहले फसल पाला पड़ने से खराब हो गई थी, अब बारिश हुई तो दलहनी फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी।
कुछ क्षेत्र समय से बुवाई न होने से जहां फसल पिछड़ी हैं, इनमें मटर व मसूर में फूल आ रहे हैं, कुछ फूल पर हैं। इन फसलों को साफ मौसम की आवश्यकता है। दिन में धूप के साथ रात्रि में सर्दी की जरूरत है। रविवार सुबह से ही बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। किसानों ने बताया कि बीते माह ठंड व लंबे समय तक छाए रहे कोहरे व बादलों से फसल पहले ही खराब हो गई हैं। अब यदि बारिश होती है तो खेती बर्बाद हो जाएगी। हालांकि, दोपहर में हल्की बूंदाबांदी मात्र ही हुई।
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किसानों ने की क्षतिपूर्ति की मांग
बालाबेहट। पाला से प्रभावित फसलों का नुकसान दिए जाने की मांग को लेकर किसानों ने अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। बताया कि दलहनी फसलें पूरी तरह से खराब हो गई हैं। पैदावार निकलना तो दूर लागत निकालना तक मुश्किल हो गया है। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान दौलत राम साहू, शालिग्राम तिवारी, निरंजन सिंह, मुन्नालाल साहू, करन सिंह अहिरवार, पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य गणेशराम जोशी, परशुराम साहू, राजकुमार सेन आदि के हस्ताक्षर बने हैं। संवाद
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-- -- -- -- -- बारिश होने पर गेहूं को होगा फायदा
गेहूं की फसल को अभी किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। यदि बारिश होती है तो सिंचाई नहीं करनी होगी। बारिश का पानी फसलों के लिए अच्छा होगा। गेहूं व जौ की फसल की सिंचाई नहीं करनी होगी।
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फोटो- 36
कैप्सन- गोविंद सिंह यादव
दलहनी फसलों की बुवाई देरी से हुई थी, पूर्व में सर्दी से फूल खराब हो गए थे, अब दोबारा फूल आ रहे हैं। ऐसे में बारिश हुई तो नुकसान होगा।
- गोविंद सिंह यादव
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फोटो- 37
कैप्सन- बलिया कुशवाहा
वर्तमान में दलहनी फसलों के लिए बारिश नुकसानदायक होगी। मटर व मसूर को अधिक प्रभावित कर देगी। बादलों से चिंता बढ़ गई है।
- बलिया कुशवाहा
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बारिश से गेहूं व जौ की फसल को फायदा होगा, लेकिन दलहनी फसलों में मटर व मसूर को नुकसान पहुंच सकता है। हल्की बूंदाबांदी से दिक्कत नहीं होगी।
- दिनेश तिवारी, कृषि वैज्ञानिक
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ललितपुर। रविवार सुबह मौसम का अचानक मिजाज बदल गया। सुबह से ही छाए बादलों ने किसानों को परेशानी में डाल दिया। दोपहर बाद अधिकांश क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। किसानों ने बताया कि वर्तमान में मटर व मसूर की फसल फूल पर हैं, बारिश होने पर पूरी तरह से फूल झड़कर नष्ट हो जाएंगे। किसानों ने बताया कि पहले फसल पाला पड़ने से खराब हो गई थी, अब बारिश हुई तो दलहनी फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी।
कुछ क्षेत्र समय से बुवाई न होने से जहां फसल पिछड़ी हैं, इनमें मटर व मसूर में फूल आ रहे हैं, कुछ फूल पर हैं। इन फसलों को साफ मौसम की आवश्यकता है। दिन में धूप के साथ रात्रि में सर्दी की जरूरत है। रविवार सुबह से ही बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। किसानों ने बताया कि बीते माह ठंड व लंबे समय तक छाए रहे कोहरे व बादलों से फसल पहले ही खराब हो गई हैं। अब यदि बारिश होती है तो खेती बर्बाद हो जाएगी। हालांकि, दोपहर में हल्की बूंदाबांदी मात्र ही हुई।
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किसानों ने की क्षतिपूर्ति की मांग
बालाबेहट। पाला से प्रभावित फसलों का नुकसान दिए जाने की मांग को लेकर किसानों ने अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। बताया कि दलहनी फसलें पूरी तरह से खराब हो गई हैं। पैदावार निकलना तो दूर लागत निकालना तक मुश्किल हो गया है। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान दौलत राम साहू, शालिग्राम तिवारी, निरंजन सिंह, मुन्नालाल साहू, करन सिंह अहिरवार, पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य गणेशराम जोशी, परशुराम साहू, राजकुमार सेन आदि के हस्ताक्षर बने हैं। संवाद
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गेहूं की फसल को अभी किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। यदि बारिश होती है तो सिंचाई नहीं करनी होगी। बारिश का पानी फसलों के लिए अच्छा होगा। गेहूं व जौ की फसल की सिंचाई नहीं करनी होगी।
फोटो- 36
कैप्सन- गोविंद सिंह यादव
दलहनी फसलों की बुवाई देरी से हुई थी, पूर्व में सर्दी से फूल खराब हो गए थे, अब दोबारा फूल आ रहे हैं। ऐसे में बारिश हुई तो नुकसान होगा।
- गोविंद सिंह यादव
फोटो- 37
कैप्सन- बलिया कुशवाहा
वर्तमान में दलहनी फसलों के लिए बारिश नुकसानदायक होगी। मटर व मसूर को अधिक प्रभावित कर देगी। बादलों से चिंता बढ़ गई है।
- बलिया कुशवाहा
बारिश से गेहूं व जौ की फसल को फायदा होगा, लेकिन दलहनी फसलों में मटर व मसूर को नुकसान पहुंच सकता है। हल्की बूंदाबांदी से दिक्कत नहीं होगी।
- दिनेश तिवारी, कृषि वैज्ञानिक