{"_id":"570c01774f1c1b884b4a6b8d","slug":"water-supply-in-basi","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांसी में पेयजल आपूर्ति को उपाय बताएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांसी में पेयजल आपूर्ति को उपाय बताएं
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Tue, 12 Apr 2016 01:27 AM IST
विज्ञापन
पेयजल अापूतिऱ्
- फोटो : demo pic
बांसी (झांसी)। गांव में गहराए पेयजल संकट को लेकर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्था को फटकार लगाई है। पाइप लाइन से पानी न मिलने के कारण लोगों को हो रही परेशानी से बचाने के लिए उन्होंने एक्सईएन से वैकल्पिक उपाय बताने को कहा। इधर, पानी के लिए परेशान बांसी के लोगों ने हैंडपंप ठीक कराने व नये लगवाने की मांग अफसरों से की।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता इंजी रघुवेंद्र को बांसी में पानी की आपूर्ति में बरती जा रही लापरवाही को लेकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि गांव में जाकर लोगों को पाइप लाइन की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं तथा उन्हें वैकल्पिक उपाय बताएं। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पानी की पाइप लाइन करीब आठ साल पहले डाली गई थी, लेकिन उस समय लाइन की टेस्टिंग नहीं की गई थी। जब उन्होंने टेस्टिंग की और पानी की आपूर्ति शुरू की तो लाइन में जगह-जगह लीकेज निकला। उन्होंने बताया कि लखनपुरा तक पानी आया था, लेकिन इसके बाद पानी आगे नहीं बढ़ रहा है। पानी का प्रेशर बनाने पर लाइन में लीकेज हो जाते हैं। जितना लीकेज सही करने में पैसा खर्च हो रहा है, उतने पैसे में तो नई लाइन डाली जा सकती है।
इधर, गांव में गहराई पेयजल समस्या के समाधान के लिए सोमवार को जनहित संघर्ष समिति के सदस्यों ने जलनिगम व जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में अफसरों को पत्र सौंपे। उन्होंने गांव में गहरे बोर कराने, हैंडपंप रीबोर कराने तथा खराब हैंडपंप ठीक कराने की मांग की। इस दौरान बद्रीप्रसाद दुबे, सुदामा प्रसाद दुबे, शैलेंद्र चौबे, डा. जितेंद्र जैन, शैलेंद्र पाखरे, गुड्डू पस्तोर, प्रकाश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता इंजी रघुवेंद्र को बांसी में पानी की आपूर्ति में बरती जा रही लापरवाही को लेकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि गांव में जाकर लोगों को पाइप लाइन की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं तथा उन्हें वैकल्पिक उपाय बताएं। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पानी की पाइप लाइन करीब आठ साल पहले डाली गई थी, लेकिन उस समय लाइन की टेस्टिंग नहीं की गई थी। जब उन्होंने टेस्टिंग की और पानी की आपूर्ति शुरू की तो लाइन में जगह-जगह लीकेज निकला। उन्होंने बताया कि लखनपुरा तक पानी आया था, लेकिन इसके बाद पानी आगे नहीं बढ़ रहा है। पानी का प्रेशर बनाने पर लाइन में लीकेज हो जाते हैं। जितना लीकेज सही करने में पैसा खर्च हो रहा है, उतने पैसे में तो नई लाइन डाली जा सकती है।
विज्ञापन
इधर, गांव में गहराई पेयजल समस्या के समाधान के लिए सोमवार को जनहित संघर्ष समिति के सदस्यों ने जलनिगम व जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में अफसरों को पत्र सौंपे। उन्होंने गांव में गहरे बोर कराने, हैंडपंप रीबोर कराने तथा खराब हैंडपंप ठीक कराने की मांग की। इस दौरान बद्रीप्रसाद दुबे, सुदामा प्रसाद दुबे, शैलेंद्र चौबे, डा. जितेंद्र जैन, शैलेंद्र पाखरे, गुड्डू पस्तोर, प्रकाश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन