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ग्रामीण क्षेत्र में भी गहरा रहा जल संकट

Wed, 14 Jul 2021 12:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 12:57 AM IST
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water crisis in rural area
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्र में भी जल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। कई गांवों में हैंडपंप या तो पानी कम दे रहे हैं या फिर रीबोर की स्थिति में हैं। यही नहीं, तालाब, पोखर सूखने से मवेशियों को प्यास बुझाना मुश्किल हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए 71 ग्रामों में 111 टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में प्राचीन जल स्रोत का उपयोग कम हो गया है। इस कारण अधिकतर लोग हैंडपंप पर निर्भर हैं। मानसून लेट होने से वर्तमान समय में भूगर्भ जल स्तर नीचे की ओर तेजी से सरक रहा है। ऐसे में कई हैंडपंप कम पानी देने लगे हैं। वहीं, कुछ हैंडपंप रीबोर की स्थिति में हैं। इसके चलते विभिन्न ग्रामों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति विकासखंड बार के कई ग्रामों में है। इसके बाद तालबेहट ब्लाक का नंबर आता है। अन्य ब्लाकों में स्थिति बिगड़ रही है। इसे ध्यान में रखकर ग्राम पंचायतों द्वारा टैंकर चलाए गए हैं। इसमें 71 टैंकरों से 111 फेरे लगाकर लोगों की प्यास बुझाई जा रही है। पिछले वर्ष जानवरों का गला तर करने के लिए जगह-जगह चरही का निर्माण कराया गया था लेकिन अधिकांश स्थानों पर चरही भी सूखी पड़ी हैं। इससे जानवरों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई पशुपालक मवेशियों की प्यास हैंडपंप से बुझा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पेयजल के भीषण संकट से जूझना पड़ सकता है।
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262 हैंडपंप रीबोर की स्थिति में
जिले की 415 ग्राम पंचायतों में 19730 हैंडपंप हैं, इनमें से 904 हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं और करीब 262 हैंडपंप रीबोर की स्थिति में हैं। इसके अतिरिक्त 774 चरही जानवरों की प्यास बुझाने के लिए बनाई गई हैं। इनका निर्माण वर्ष 2020-21 में हुआ था।
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कारीटोरन में दो महीने से सूखे पड़े नल
कारीटोरन। ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन में दो महीने से नल सूखे पड़े हैं। इससे लोगों को एक किमी की दूरी से पानी भरना पड़ रहा है। बृजेश कुमार व अरविंद प्रजापति का कहना है कि कई बार विभाग को शिकायत कर चुके हैं पर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बारिश नहीं होने से हैंडपंपों का जल स्तर बहुत ही कम हो गया है। इससे और भी दिक्कत बढ़ रही है।

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प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ने प्रत्येक घर में पानी की व्यवस्था करने के लिए हर घर नल योजना चलाई है, जिसके तहत पाइपलाइनें बिछाने का काम चल रहा है। मौजूदा समय में पेयजल समस्या के निवारण के लिए जल निगम, जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
कैलाश नारायण निरंजन, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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