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गर्मी बड़ते ही छाने लगा जलसंकट, ग्रामीणों को अधिक दूरी तय कर लाना पड़ता है पानी

Tue, 02 Jun 2020 11:15 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2020 11:15 PM IST
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water crisis, dificulty for water
ग्राम धवारी में निजी बोर से पानी भरती बच्ची - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। विकासखंड महरौनी के अंतर्गत ग्राम धवारी में गर्मी में पेयजल संकट गहराने लगा है। गांव में लगे ज्यादातर हैंडपंपों का जलस्तर कम हो गया है, जिससे ग्रामीणों को अधिक दूरी तय कर पानी भरने जाना पड़ता है। यहां पर पानी की टंकी से स्थायी आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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ग्राम धवारी में पानी की टंकी से पेयजलापूर्ति की जाती है, लेकिन बोरिंग खराब होने से आपूर्ति स्थायी रूप से नहीं हो पा रही है। इससे समस्या बढ़ती जा रही है और ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में इसी वर्ष तालाब का गहरीकरण हुआ और उसे नहर द्वारा भरवाया भी गया है, जिससे गांव के हैंडपंपों का थोड़ा जलस्तर बढ़ा है। गांव में लगे 12 में से 11 हैंडपंप वर्तमान में संचालित हैं। वहीं, ग्रामीणों के अनुसार गांव में 12 में से मात्र पांच हैंडपंप ही चल रहे हैं। गांव की स्थिति यह है कि लोगों को काफी दूर से पानी लेने जाना पड़ता है।
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गांव में पाइप पेयजल योजना पिछले कई वर्षों से सुचारु नहीं है। जबकि विभाग ने गहरी बोरिंग कराकर उसमें ट्यूबवेल के जरिये ग्राम पडवां और धवारी में जलापूर्ति शुरू की थी। लेकिन, कुछ समय बाद यह बोर खराब हो गया। तभी से इन दोनों ग्रामों की पेयजल व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। धवारी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल आपूर्ति अधिकतर ठप रहती है। एक निजी बोर से पेयजलापूर्ति शुरू कराई गई थी, लेकिन अब तक इस योजना के तहत गहरी बोरिंग नहीं कराई गई, जिससे ग्रामीणों को पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गांव में फिर से पेयजल संकट गहराने लगा है।
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गांव धवारी में पानी का संकट नई बात नहीं है, यहां कई वर्षों से समस्या है। लेकिन, जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। गांव में बनी पानी की टंकी को निजी बोर के सहारे है। इस कारण कभी - कभी पानी मिल पाता है। - हरदास बुनकर
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हैंडपंप जो खराब हैं, उन्हें सुधरवाया जाए और नए बोर भी किये जाएं, जिससे हम लोगों को पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़े। गांव वालों ने नया बोर कराने के लिए अनेक बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। - जित्तू अहिरवार
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ग्रामीणों के लिए पेयजल की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। ज्यों- ज्यों गर्मी बढ़ती जा रही है, त्यों- त्यों पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। - शिवशंकर चौहान
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गांव में पानी की समस्या है, हम लोगों को बहुत दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है। गांव के बहुत से हैंडपंप से पानी नहीं आ रहा है। पानी की गंभीर समस्या है। गांव में बनी टंकी शोपीस है, इसका बोर भी खराब है। - सुखबती बरार
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गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। गांव में करीब 12 हैंडपंप हैं, जिनमें से मात्र पांच हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं, बाकि हैंडपंप खराब हैं। गांव में पानी की टंकी भी है, लेकिन उसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
- अजय राजा
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ग्राम धवारी में पानी की समस्या रहती थी, लेकिन तालाब का गहरीकरण हो जाने से इस बार तालाब को गांव के पास से निकली क्योलारी नहर से भर लिया गया है। इससे जो हैंडपंप पानी छोड़ देते थे, अब उन सभी हैंडपंपों में पानी आ गया है। हैंडपंप पर्याप्त पानी दे रहे हैं। गांव में पानी की टंकी बनी है, जिससे पानी मिलता है। किसी भी व्यक्ति को पानी के लिए 200 मीटर की दूरी से अधिक नहीं जाना पड़ रहा है।

- जनकदुलारी राजौरिया, ग्राम प्रधान धवारी
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धवारी में पानी भरने को लगी भीड़

धवारी में पानी भरने को लगी भीड़- फोटो : LALITPUR

घर के दूर से पानी भरकर ले जाती महिलाएं

घर के दूर से पानी भरकर ले जाती महिलाएं- फोटो : LALITPUR

निजी बोर पर लगी पानी भरने वालों की भीड़

निजी बोर पर लगी पानी भरने वालों की भीड़- फोटो : LALITPUR

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