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Lalitpur News: 15 किमी पैदल चले, फिर बाइक ने संगम से तीन मील पहले उतारा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यहां से हजारों श्रद्धालु ट्रेनों, बसों और निजी वाहनों से प्रयागराज पहुंचे। वहां कई किलोमीटर पैदल चलकर संगम पर स्नान किया तो सारी परेशानियां भूल गए। माघ पूर्णिमा पर लोगों में संगम स्नान काे लेकर काफी उत्साह रहा।
दो दिनों से दो ट्रेनें रोजाना कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही थीं। ललितपुर से ट्रेनों से दस हजार से अधिक लोग महाकुंभ के लिए रवाना हुए। जबकि, ट्रेवल एजेंसियों के माध्यम से भी रोजाना चार सौ से अधिक चार पहिया वाहन और 12 से 15 निजी बसें कुंभ पहुंचीं। इनके माध्यम से भी छह से सात हजार लोग कुंभ गए। वहां लोगों ने 12 से 15 किलोमीटर पैदल यात्रा की। फिर चार से पांच किलोमीटर तक ऑटो व तीन से चार किलोमीटर तक बाइक से संगम के दो तीन किलोमीटर पहले किसी प्रकार पहुंचे। लेकिन, जब लोगों ने संगम व गंगा घाटों पर स्नान किया तो वह रास्ते की परेशानियां भूल गए। श्रद्धालुओं ने बताया कि संगम में स्नान के बाद मन बहुत प्रसन्न रहा। इस दौरान सूर्य को अर्घ्य भी दिया। माथे पर तिलक लगाकर मंदिरों में भी दर्शन किए। इसके बाद कुंभ घूमा। खरीदारी भी की।
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ललितपुर। यहां से हजारों श्रद्धालु ट्रेनों, बसों और निजी वाहनों से प्रयागराज पहुंचे। वहां कई किलोमीटर पैदल चलकर संगम पर स्नान किया तो सारी परेशानियां भूल गए। माघ पूर्णिमा पर लोगों में संगम स्नान काे लेकर काफी उत्साह रहा।
दो दिनों से दो ट्रेनें रोजाना कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही थीं। ललितपुर से ट्रेनों से दस हजार से अधिक लोग महाकुंभ के लिए रवाना हुए। जबकि, ट्रेवल एजेंसियों के माध्यम से भी रोजाना चार सौ से अधिक चार पहिया वाहन और 12 से 15 निजी बसें कुंभ पहुंचीं। इनके माध्यम से भी छह से सात हजार लोग कुंभ गए। वहां लोगों ने 12 से 15 किलोमीटर पैदल यात्रा की। फिर चार से पांच किलोमीटर तक ऑटो व तीन से चार किलोमीटर तक बाइक से संगम के दो तीन किलोमीटर पहले किसी प्रकार पहुंचे। लेकिन, जब लोगों ने संगम व गंगा घाटों पर स्नान किया तो वह रास्ते की परेशानियां भूल गए। श्रद्धालुओं ने बताया कि संगम में स्नान के बाद मन बहुत प्रसन्न रहा। इस दौरान सूर्य को अर्घ्य भी दिया। माथे पर तिलक लगाकर मंदिरों में भी दर्शन किए। इसके बाद कुंभ घूमा। खरीदारी भी की।
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