{"_id":"ece92b1661fcca75540cf8ac0f706d96","slug":"waff-is-proving-to-guarantee-food-security-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छलावा साबित हो रही खाद्य सुरक्षा गारंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छलावा साबित हो रही खाद्य सुरक्षा गारंटी
ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सूखे से जूझ रहे लोगों के लिए महज छलावा साबित हो रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि योजना में लाभांवितों की संख्या बढ़ने की जगह कम हो गई है। योजना से पूर्व जिले में करीब 2.22 लाख कार्डधारक थे जो अब घटकर 1.97 लाख रह गए हैं। यही नहीं, अनाज की मात्रा में भी मामूली बढ़ोत्तरी हो सकी है।
भुखमरी से होने वाली मौतों को रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम बनाया गया। प्रदेश में इसे दो साल बाद लागू किया जा रहा है। योजनांतर्गत शहरी क्षेत्र में 64.43 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में 79.56 प्रतिशत परिवारों को कवर किया जाना है। इसके अनुपालन में पूर्ति विभाग ने जिले के 1.97 लाख परिवारों को चिह्नित किया है।
ललितपुर नगर में 1.12 लाख परिवारों को योजना के दायरे लिया जाना है, जिसके सापेक्ष पूर्ति विभाग 1.06 लाख परिवारों को अभी तक चिह्नित कर पाया है। इस तरह संपूर्ण जिला का 64 प्रतिशत ही योजना में कवर हो पाया है।
विज्ञापन
अब छूटे पात्र परिवारों को भी योजना के दायरे में लिया जाना शेष है। यही वजह है कि योजनांतर्गत इस माह के आवंटित अनाज की मात्रा में मामूली सी बढ़ोत्तरी हो पाई है। पिछले महीनों में जिले को करीब चार हजार मीट्रिक टन अनाज का आवंटन होता था, अब जबकि खाद्य सुरक्षा योजना लागू हो गई तो आवंटन बढ़कर करीब 4,300 मीट्रिक टन हो पाया है।
इससे योजना के कवरेज एरिया का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस स्कीम के लागू होने से पहले जिले में राशन कार्डों की संख्या 2.22 लाख के आस पास थी, जिसमें लगभग 1.57 लाख एपीएल, करीब 44 हजार बीपीएल और 27,281 हजार अंत्योदय कार्ड धारक थे। वर्तमान में स्कीम के लागू होने पर राशन कार्ड बढ़ने की जगह घटकर 1.97 लाख ही रह गए हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि नई स्कीम में पुराने बीपीएल व अंत्योदय कार्डों को बिना किसी संशोधन के शत प्रतिशत शामिल कर लिया गया, जबकि 1.57 लाख एपीएल कार्डधारकों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। वही एपीएल कार्डधारक नई स्कीम में शामिल हो पाए हैं, जिन्होंने आनलाइन आवेदन में मनमानी जानकारी भर दी है।
विभागीय अफसरों ने नई स्कीम में आवेदन करने वालों का ठीक से सत्यापन भी नहीं कराया। नतीजा यह हुआ कि मोटी तनख्वाह पाने वाले खाद्य सुरक्षा गारंटी पाने में कामयाब हो गए। इस तरह खाद्य सुरक्षा गारंटी लोगों के लिए छलावा साबित हो रही है, जिससे लोगों में असंतोष पनप रहा है। योजना से वंचित तमाम महिला एवं पुरुष अपने पुराने राशन कार्ड लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
फिलहाल मिलेगा मिट्टी का तेल
एपीएल कार्डधारकों को नए राशन कार्ड बनने तक मिट्टी का तेल मिलता रहेगा। इसी तरह बीपीएल व अंत्योदय कार्डों पर चीनी व मिट्टी का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में कार्डधारकों को पुराने व नए कार्ड सुरक्षित रखने होंगे। वहीं, नवीन कार्ड पर केवल दो रुपए किलो गेहूं व तीन रुपए किलो चावल मिलेगा।
बीपीएल व अंत्योदय का बना रहेगा भेद
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी बीपीएल और अंत्योदय उपभोक्ताओं का भेद बना रहेगा। अंत्योदय की श्रेणी के लाभार्थियों को पूर्व की भांति 35 किलोग्राम अनाज, जिसमें 15 किलोग्राम गेहूं और 20 किलोग्राम चावल प्रति कार्ड पर माह में दिया जाएगा। वहीं, बीपीएल श्रेणी के परिवार को 5 किलोग्राम अनाज, जिसमें 3.5 किलोग्राम गेहूं व 1.5 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति दिया जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी अधिनियम के तहत बने राशन कार्ड ड्राफ्ट प्रारूप हैं। नए राशन कार्ड वितरण होने तक इसी प्रारूप पर अनाज का वितरण होगा। यदि कार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि है तो वह कार्यालय में पहुंचकर संशोधित करा सकता है। यदि किसी अपात्र का नाम शामिल है तो उसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नए राशन कार्ड के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
- डीएस राम
जिला पूर्ति अधिकारी ललितपुर।
विज्ञापन
भुखमरी से होने वाली मौतों को रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम बनाया गया। प्रदेश में इसे दो साल बाद लागू किया जा रहा है। योजनांतर्गत शहरी क्षेत्र में 64.43 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में 79.56 प्रतिशत परिवारों को कवर किया जाना है। इसके अनुपालन में पूर्ति विभाग ने जिले के 1.97 लाख परिवारों को चिह्नित किया है।
विज्ञापन
ललितपुर नगर में 1.12 लाख परिवारों को योजना के दायरे लिया जाना है, जिसके सापेक्ष पूर्ति विभाग 1.06 लाख परिवारों को अभी तक चिह्नित कर पाया है। इस तरह संपूर्ण जिला का 64 प्रतिशत ही योजना में कवर हो पाया है।
विज्ञापन
अब छूटे पात्र परिवारों को भी योजना के दायरे में लिया जाना शेष है। यही वजह है कि योजनांतर्गत इस माह के आवंटित अनाज की मात्रा में मामूली सी बढ़ोत्तरी हो पाई है। पिछले महीनों में जिले को करीब चार हजार मीट्रिक टन अनाज का आवंटन होता था, अब जबकि खाद्य सुरक्षा योजना लागू हो गई तो आवंटन बढ़कर करीब 4,300 मीट्रिक टन हो पाया है।
इससे योजना के कवरेज एरिया का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस स्कीम के लागू होने से पहले जिले में राशन कार्डों की संख्या 2.22 लाख के आस पास थी, जिसमें लगभग 1.57 लाख एपीएल, करीब 44 हजार बीपीएल और 27,281 हजार अंत्योदय कार्ड धारक थे। वर्तमान में स्कीम के लागू होने पर राशन कार्ड बढ़ने की जगह घटकर 1.97 लाख ही रह गए हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि नई स्कीम में पुराने बीपीएल व अंत्योदय कार्डों को बिना किसी संशोधन के शत प्रतिशत शामिल कर लिया गया, जबकि 1.57 लाख एपीएल कार्डधारकों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। वही एपीएल कार्डधारक नई स्कीम में शामिल हो पाए हैं, जिन्होंने आनलाइन आवेदन में मनमानी जानकारी भर दी है।
विभागीय अफसरों ने नई स्कीम में आवेदन करने वालों का ठीक से सत्यापन भी नहीं कराया। नतीजा यह हुआ कि मोटी तनख्वाह पाने वाले खाद्य सुरक्षा गारंटी पाने में कामयाब हो गए। इस तरह खाद्य सुरक्षा गारंटी लोगों के लिए छलावा साबित हो रही है, जिससे लोगों में असंतोष पनप रहा है। योजना से वंचित तमाम महिला एवं पुरुष अपने पुराने राशन कार्ड लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
फिलहाल मिलेगा मिट्टी का तेल
एपीएल कार्डधारकों को नए राशन कार्ड बनने तक मिट्टी का तेल मिलता रहेगा। इसी तरह बीपीएल व अंत्योदय कार्डों पर चीनी व मिट्टी का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में कार्डधारकों को पुराने व नए कार्ड सुरक्षित रखने होंगे। वहीं, नवीन कार्ड पर केवल दो रुपए किलो गेहूं व तीन रुपए किलो चावल मिलेगा।
बीपीएल व अंत्योदय का बना रहेगा भेद
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी बीपीएल और अंत्योदय उपभोक्ताओं का भेद बना रहेगा। अंत्योदय की श्रेणी के लाभार्थियों को पूर्व की भांति 35 किलोग्राम अनाज, जिसमें 15 किलोग्राम गेहूं और 20 किलोग्राम चावल प्रति कार्ड पर माह में दिया जाएगा। वहीं, बीपीएल श्रेणी के परिवार को 5 किलोग्राम अनाज, जिसमें 3.5 किलोग्राम गेहूं व 1.5 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति दिया जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी अधिनियम के तहत बने राशन कार्ड ड्राफ्ट प्रारूप हैं। नए राशन कार्ड वितरण होने तक इसी प्रारूप पर अनाज का वितरण होगा। यदि कार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि है तो वह कार्यालय में पहुंचकर संशोधित करा सकता है। यदि किसी अपात्र का नाम शामिल है तो उसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नए राशन कार्ड के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
- डीएस राम
जिला पूर्ति अधिकारी ललितपुर।