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वोटर कार्ड तो बने, लेकिन वोटर नहीं
lalitpur
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:19 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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विधानसभा निर्वाचन 2017 का मतदान 23 फरवरी को होना है। मतदान के लिए सिर्फ एक ही दिन शेष रह गया है और निर्वाचन की फाइलन सूची भी जारी हो चुकी है। जहां एक ओर युवा व नवीन मतदाता अपने प्रत्याशी व पार्टी को जिताने के लिए मतदान बूथ तक पहुंचने का इंतजार कर रहा है, तो वहीं जनपद के ऐसे कई मतदाता हैं जो पहले तो कई बार वोट डाल चुके हैं, लेकिन इस बार की मतदाता की सूची में से नाम गायब कर दिया गया है। वहीं कई मतदाताओं के नवीन वोटर कार्ड तो बन कर आ गए हैं, लेकिन वह वोटर नहीं बन पाए हैं। क्षेत्र में मतदान शत-प्रतिशत हो इसके लिए प्रशासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहें व जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन यह भी प्रशासन तंत्र की लापरवाही है कि मतदाता सूची में नाम शामिल होने के कारण कई लोगों से उनका मतदान करने का हक छीन लिया गया है। वहीं कई लोग ऐसे भी जिनके नाम वोटर लिस्ट में दो-दो जगह चढ़ गए है। ऐसे में शत-प्रतिशत मतदान हो पाना मात्र एक कल्पना तक ही सीमित है।
प्रत्याशी चुनने का छीना हक
बीत दो दशकों से केवल विधानसभा चुनाव ही नहीं, लोकसभा व नगर पालिका जैसे निर्वाचन में भी मतदान करके अपनी भागेदारी निभाते आ रहे हैं। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में प्रशासन ने उनसे अपना प्रत्याशी व प्रदेश की सरकार चुनने का हक छीन लिया है। इस निर्वाचन की मतदाता सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। वार्ड नंबर 01 में पोलिंग बूध 321 नारायणपुरा में पूर्व में मतदान करने गए हैं। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्वाचन आयोग की हैल्पलाइन नंबर पर भी बात की लेकिन कोई सार नहीं निकाला।
रेखा चौबे पत्नी प्रमोद
निवासी- वार्ड नंबर 01 मुहल्ला रैयदासपुरा।
वोटर कार्ड तो हैं, लेकिन सूची में नाम नहीं
वह वर्ष 2006 से मतदाता हैं और हर बार एक जागरूक मतदाता की तरह हमेशा ही समस्त निर्वाचन में अपना मतदान करते आए हैं। इस बार सोचा कि नया रंगीन वाला वोटर कार्ड बनवालें, लेकिन क्या पता था कि वोटर कार्ड बनवाले का खामियाजा वोट डालने का हक खोकर भरना पड़ेगा। नया वोटर कार्ड तो बनकर आ गया है, लेकिन वोटर लिस्ट में से नाम कट गया है। ऐसे ही मुहल्ले के दर्जनों लोग हैं, जिनके साथ ऐसा ही हुआ है। इनमें मनोज सिंह, विनोद, सुषमा, तृप्ति सिंह, नीतू, मनोज कटारे और भी लोग हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। हम सभी लोगों ने बीएओ व अधिकारियों से सूची में नाम जुड़वाने की बात कही, लेकिन उन्होंने अब कुछ नहीं हो सकने की बात कही है। साथ ही हेल्प लाइन से कोई हेल्प नहीं मिली है। इसका बड़ा अफसोस रहेगा कि हमें मतदान करने का मौका नहीं मिल सका।
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अनामिका पत्नी विपिन कुमार
निवासी- वार्ड नंबर 14 मुहल्ला राजपूत कालोनी।
सूची से नाम हुआ विलोपित
मतदाता बनने से अब तक सभी चुनावों में मतदान करते चले आ रहे हैं। परिवार के समस्त परिजनों की वोटर पर्ची घर पर पहुंच गई है, लेकिन मेरे नाम की पर्ची नहीं पहुंची है। जब निर्वाचन कार्यालय जाकर देखा तो सूची में नाम शामिल नहीं है। बीएलओ की लापरवाही के चलते उनका नाम विलोपित कर दिया गया है। अब तो इस समस्या को कोई भी समाधान भी नहीं हो सकता है, विधानसभा चुनाव में मतदान से वंचित रहना पड़ेगा। पूर्व में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने पोलिंग बूध 120 में मतदान किया था।
रामप्रकाश शर्मा
निवासी- वार्ड नंबर 05 मुहल्ला पुरानी बजरिया।
बीएओ नहीं दे रहे पर्ची वोटर परेशान
इस बार प्रशासन द्वारा मतदताओं के घर-घर जाकर मतदान पहचान पर्ची बंटवाईं जा रही है। पर्ची बांटने की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के बीएलओ को सौंपी गई है, लेकिन अनेकों मतदाओं के घर अभी तक पर्ची नहीं पहुंची है। मतदान करने में केवल एक ही दिन शेष रह गया है, ऐसे में पर्ची नहीं मिलने पर मतदाताओं को बेचैनी होने लगी है। वार्ड नंबर 15 के मुहल्ला पिसनारी बाग में रहने वाले पंकज ताम्रकार ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि क्षेत्र की बीएलओ द्वारा मुहल्ले में समस्त मतदाताओं को पर्ची नहीं बांटी जा रही है। शिकायत कर्ता ने बताया कि उसने बीएलओ से बात की तो उनका कहना है कि जब मतदान करने बूध पर जाअगें तो वहीं से मतदान पर्ची भी ले लेना। पर्ची नहीं मिलने के कारण प्रशासन की मंशा पूरी नहीं हो पाएगी और मतदाता को पर्ची पाने के लिए समस्या का सामना करना पड़ेगा।
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प्रत्याशी चुनने का छीना हक
बीत दो दशकों से केवल विधानसभा चुनाव ही नहीं, लोकसभा व नगर पालिका जैसे निर्वाचन में भी मतदान करके अपनी भागेदारी निभाते आ रहे हैं। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में प्रशासन ने उनसे अपना प्रत्याशी व प्रदेश की सरकार चुनने का हक छीन लिया है। इस निर्वाचन की मतदाता सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। वार्ड नंबर 01 में पोलिंग बूध 321 नारायणपुरा में पूर्व में मतदान करने गए हैं। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्वाचन आयोग की हैल्पलाइन नंबर पर भी बात की लेकिन कोई सार नहीं निकाला।
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रेखा चौबे पत्नी प्रमोद
निवासी- वार्ड नंबर 01 मुहल्ला रैयदासपुरा।
वोटर कार्ड तो हैं, लेकिन सूची में नाम नहीं
वह वर्ष 2006 से मतदाता हैं और हर बार एक जागरूक मतदाता की तरह हमेशा ही समस्त निर्वाचन में अपना मतदान करते आए हैं। इस बार सोचा कि नया रंगीन वाला वोटर कार्ड बनवालें, लेकिन क्या पता था कि वोटर कार्ड बनवाले का खामियाजा वोट डालने का हक खोकर भरना पड़ेगा। नया वोटर कार्ड तो बनकर आ गया है, लेकिन वोटर लिस्ट में से नाम कट गया है। ऐसे ही मुहल्ले के दर्जनों लोग हैं, जिनके साथ ऐसा ही हुआ है। इनमें मनोज सिंह, विनोद, सुषमा, तृप्ति सिंह, नीतू, मनोज कटारे और भी लोग हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। हम सभी लोगों ने बीएओ व अधिकारियों से सूची में नाम जुड़वाने की बात कही, लेकिन उन्होंने अब कुछ नहीं हो सकने की बात कही है। साथ ही हेल्प लाइन से कोई हेल्प नहीं मिली है। इसका बड़ा अफसोस रहेगा कि हमें मतदान करने का मौका नहीं मिल सका।
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अनामिका पत्नी विपिन कुमार
निवासी- वार्ड नंबर 14 मुहल्ला राजपूत कालोनी।
सूची से नाम हुआ विलोपित
मतदाता बनने से अब तक सभी चुनावों में मतदान करते चले आ रहे हैं। परिवार के समस्त परिजनों की वोटर पर्ची घर पर पहुंच गई है, लेकिन मेरे नाम की पर्ची नहीं पहुंची है। जब निर्वाचन कार्यालय जाकर देखा तो सूची में नाम शामिल नहीं है। बीएलओ की लापरवाही के चलते उनका नाम विलोपित कर दिया गया है। अब तो इस समस्या को कोई भी समाधान भी नहीं हो सकता है, विधानसभा चुनाव में मतदान से वंचित रहना पड़ेगा। पूर्व में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने पोलिंग बूध 120 में मतदान किया था।
रामप्रकाश शर्मा
निवासी- वार्ड नंबर 05 मुहल्ला पुरानी बजरिया।
बीएओ नहीं दे रहे पर्ची वोटर परेशान
इस बार प्रशासन द्वारा मतदताओं के घर-घर जाकर मतदान पहचान पर्ची बंटवाईं जा रही है। पर्ची बांटने की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के बीएलओ को सौंपी गई है, लेकिन अनेकों मतदाओं के घर अभी तक पर्ची नहीं पहुंची है। मतदान करने में केवल एक ही दिन शेष रह गया है, ऐसे में पर्ची नहीं मिलने पर मतदाताओं को बेचैनी होने लगी है। वार्ड नंबर 15 के मुहल्ला पिसनारी बाग में रहने वाले पंकज ताम्रकार ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि क्षेत्र की बीएलओ द्वारा मुहल्ले में समस्त मतदाताओं को पर्ची नहीं बांटी जा रही है। शिकायत कर्ता ने बताया कि उसने बीएलओ से बात की तो उनका कहना है कि जब मतदान करने बूध पर जाअगें तो वहीं से मतदान पर्ची भी ले लेना। पर्ची नहीं मिलने के कारण प्रशासन की मंशा पूरी नहीं हो पाएगी और मतदाता को पर्ची पाने के लिए समस्या का सामना करना पड़ेगा।