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विश्वकर्मा योजना : पांच हजार से अधिक आवेदन लंबित
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सरकार ने ग्रामीण इलाकों के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए विश्वकर्मा योजना संचालित की है। इसके लिए प्रधानों का डोंगल बनाया गया है। प्रधानों को ही आवेदन सत्यापित कर आगे बढ़ाना है, लेकिन उनके द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है, इससे पांच हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं।
इस योजना के क्रियान्वयन में सबसे बड़ा पेच यह है कि ग्रामीण इलाके से जो आवेदन डाले जाएंगे, उन्हें पोर्टल के माध्यम से प्रधान को सत्यापन कर आगे बढ़ाना है। पहले तो प्रधानों ने अपना पंजीयन कराकर डोंगल नहीं बनवाया। बाद में जब पंचायती राज विभाग ने कड़ा पत्र जारी किया, तो कई ने अपना पंजीयन कराया। अब भी दो प्रधान ऐसे हैं, जिनका पंजीयन नहीं हुआ है। विकास खंड मड़ावरा की ग्राम पंचायत दिगवार व विकास खंड बिरधा की ग्राम पंचायत बंदरगुढ़ा इसमें शामिल है। इस योजना के तहत अब तक 13466 आवेदन आए हैं, जिसमें से 7754 आवेदनों को ही प्रधानों ने सत्यापित किया है। वहीं, 5712 आवेदन लंबित हैं। इस योजना के तहत आवेदक को प्रशिक्षण दिया जाता है। उसके बाद 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। राजमिस्त्री, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाले कारीगर, नाव निर्माता, लोहार, मोची आदि आवेदन कर सकते हैं।
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विश्वकर्मा योजना के तहत सिर्फ दो प्रधानों ने अपना पंजीयन नहीं कराया है। उनके लिए पत्र जारी किया जा रहा है। आवेदनों को सत्यापित करने के लिए प्रधानों से कहा जा रहा है।
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नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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ललितपुर। सरकार ने ग्रामीण इलाकों के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए विश्वकर्मा योजना संचालित की है। इसके लिए प्रधानों का डोंगल बनाया गया है। प्रधानों को ही आवेदन सत्यापित कर आगे बढ़ाना है, लेकिन उनके द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है, इससे पांच हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं।
इस योजना के क्रियान्वयन में सबसे बड़ा पेच यह है कि ग्रामीण इलाके से जो आवेदन डाले जाएंगे, उन्हें पोर्टल के माध्यम से प्रधान को सत्यापन कर आगे बढ़ाना है। पहले तो प्रधानों ने अपना पंजीयन कराकर डोंगल नहीं बनवाया। बाद में जब पंचायती राज विभाग ने कड़ा पत्र जारी किया, तो कई ने अपना पंजीयन कराया। अब भी दो प्रधान ऐसे हैं, जिनका पंजीयन नहीं हुआ है। विकास खंड मड़ावरा की ग्राम पंचायत दिगवार व विकास खंड बिरधा की ग्राम पंचायत बंदरगुढ़ा इसमें शामिल है। इस योजना के तहत अब तक 13466 आवेदन आए हैं, जिसमें से 7754 आवेदनों को ही प्रधानों ने सत्यापित किया है। वहीं, 5712 आवेदन लंबित हैं। इस योजना के तहत आवेदक को प्रशिक्षण दिया जाता है। उसके बाद 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। राजमिस्त्री, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाले कारीगर, नाव निर्माता, लोहार, मोची आदि आवेदन कर सकते हैं।
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विश्वकर्मा योजना के तहत सिर्फ दो प्रधानों ने अपना पंजीयन नहीं कराया है। उनके लिए पत्र जारी किया जा रहा है। आवेदनों को सत्यापित करने के लिए प्रधानों से कहा जा रहा है।
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नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।