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Lalitpur News: धौर्रा स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए ग्रामीण भेज चुके दस हजार पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन-ललितपुर। धौर्रा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए ग्रामीण अब तक 10,000 पत्र भेज चुके हैं। ये पत्र प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, सांसद व डीआरएम को भेजे गए हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि ट्रेनों का ठहराव नहीं किया गया तो वे लोकसभा चुनाव के बहिष्कार के लिए भी विवश होंगे। पत्र में बताया गया है कि रेलवे को प्रतिदिन करीब इस स्टेशन से 12 हजार की आय भी टिकट से होती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना से पहले इस स्टेशन पर झांसी-इटारसी, साबरमती, झांसी-बीना शटल,, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस ट्रेनें रुकती थीं। कोरोना के कारण कई स्टेशनों पर ट्रेनों का यातायात बंद कर दिया गया था। इसके बाद कई स्टेशनों पर ट्रेनों का संचालन फिर बहाल हो गया, लेकिन धौर्रा पर नहीं शुरू किया गया। इसको लेकर चार साल से ग्रामीण नेताओं व अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब उन्होंने पत्र आंदोलन शुरू किया है। इस मुहिम में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा भी शामिल हैं। ट्रेनों का ठहराव न होने से कस्बा धौर्रा ही नहीं बल्कि आसपास के करीब 50 के गांवों के ग्रामीण भी परेशान होते हैं। पत्र आंदोलन में श्रीकांत नायक, नवीन जैन, विनय तिवारी, संतोष कुशवाहा, विजय शर्मा, अमित शर्मा, मनोहर झा, शुभम जैन आदि शामिल हैं।
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जाखलौन-ललितपुर। धौर्रा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए ग्रामीण अब तक 10,000 पत्र भेज चुके हैं। ये पत्र प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, सांसद व डीआरएम को भेजे गए हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि ट्रेनों का ठहराव नहीं किया गया तो वे लोकसभा चुनाव के बहिष्कार के लिए भी विवश होंगे। पत्र में बताया गया है कि रेलवे को प्रतिदिन करीब इस स्टेशन से 12 हजार की आय भी टिकट से होती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना से पहले इस स्टेशन पर झांसी-इटारसी, साबरमती, झांसी-बीना शटल,, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस ट्रेनें रुकती थीं। कोरोना के कारण कई स्टेशनों पर ट्रेनों का यातायात बंद कर दिया गया था। इसके बाद कई स्टेशनों पर ट्रेनों का संचालन फिर बहाल हो गया, लेकिन धौर्रा पर नहीं शुरू किया गया। इसको लेकर चार साल से ग्रामीण नेताओं व अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब उन्होंने पत्र आंदोलन शुरू किया है। इस मुहिम में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा भी शामिल हैं। ट्रेनों का ठहराव न होने से कस्बा धौर्रा ही नहीं बल्कि आसपास के करीब 50 के गांवों के ग्रामीण भी परेशान होते हैं। पत्र आंदोलन में श्रीकांत नायक, नवीन जैन, विनय तिवारी, संतोष कुशवाहा, विजय शर्मा, अमित शर्मा, मनोहर झा, शुभम जैन आदि शामिल हैं।
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