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Lalitpur News: फार्मासिस्ट के सहारे पशु चिकित्सालय
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ललितपुर। ब्लाॅक मड़ावरा अंतर्गत कस्बा नाराहट स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां पर बिजली, पानी तक की सुविधा नहीं है।
टीकाकरण के लिए वैक्सीन तक मड़ावरा से मंगाई जाती है। यही नहीं अनदेखी के चलते भवन जर्जर हालत में हो गया है। बाउंड्री न होने से अस्पताल जानवरों का अड्डा बन गया है। फार्मासिस्ट के सहारे अस्पताल संचालित हो रहा है।
शासन द्वारा पशुओं के उपचार की सुविधा के लिए नाराहट में राजकीय पशु चिकित्सालय स्थापित किया गया है। इसमें चिकित्सक व फार्मासिस्ट के पद समेत चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित हैं। लेकिन, वर्तमान में अस्पताल अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल संचालित हो रहा है। यहां पर अब तक बिजली की सुविधा नहीं हो सकी है। हद तो तब हो गई, जब वैक्सीन रखने के लिए आया फ्रिज तक धूल फांक रहा है। टीकाकरण के समय वैक्सीन भी मड़ावरा से आती है।
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जानवरों को पानी पीने के लिए टंकी तक नहीं बनाई गई है। यही नहीं भवन तक जर्जर हालत में हो गया है। बारिश होने पर पानी रिसता है। इससे अस्पताल में ठहरने तक की दिक्कत होती है। पशु अस्पताल परिसर के चारों ओर बांउड्री तक नहीं है। ऐसे में आवारा जानवर भी अस्पताल में विचरण करते हैं।
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टीकाकरण के लिए वैक्सीन तक मड़ावरा से मंगाई जाती है। यही नहीं अनदेखी के चलते भवन जर्जर हालत में हो गया है। बाउंड्री न होने से अस्पताल जानवरों का अड्डा बन गया है। फार्मासिस्ट के सहारे अस्पताल संचालित हो रहा है।
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शासन द्वारा पशुओं के उपचार की सुविधा के लिए नाराहट में राजकीय पशु चिकित्सालय स्थापित किया गया है। इसमें चिकित्सक व फार्मासिस्ट के पद समेत चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित हैं। लेकिन, वर्तमान में अस्पताल अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल संचालित हो रहा है। यहां पर अब तक बिजली की सुविधा नहीं हो सकी है। हद तो तब हो गई, जब वैक्सीन रखने के लिए आया फ्रिज तक धूल फांक रहा है। टीकाकरण के समय वैक्सीन भी मड़ावरा से आती है।
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जानवरों को पानी पीने के लिए टंकी तक नहीं बनाई गई है। यही नहीं भवन तक जर्जर हालत में हो गया है। बारिश होने पर पानी रिसता है। इससे अस्पताल में ठहरने तक की दिक्कत होती है। पशु अस्पताल परिसर के चारों ओर बांउड्री तक नहीं है। ऐसे में आवारा जानवर भी अस्पताल में विचरण करते हैं।