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Lalitpur News: छह माह से पूरा नहीं हो रहा टीकाकरण का लक्ष्य
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सुरेंद्र सिंह
ललितपुर। शासन बीमारियों की रोकथाम और जन्ममृत्युदर कम करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है। हालांकि, जमीनी स्तर पर ये योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। शिशुओं, किशोरों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
पिछले छह माह में 48430 शिशु विभिन्न टीकों से वंचित रह गए हैं। वहीं 44970 बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी टीका नहीं लगवा सकी हैं। शिशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने और शिशु मृत्युदर कम करने के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को भी विभिन्न टीके लगाए जाते हैं। जिला मुख्यालय पर पीपीसी, सीएचसी, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण की व्यवस्था है। लगभग 148 एएनएम की आवश्यकता के सापेक्ष 150 एएनएम कार्यरत हैं। इसके बावजूद, 45 केंद्रों को अटैचमेंट के सहारे चलाया जा रहा है। इस स्थिति के कारण टीकाकरण की प्रगति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
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शिशुओं के टीकाकरण की स्थिति
विभागीय छह माह के आंकड़ों पर गौर करें तो शिशुओं का महज 64 फीसदी ही टीकाकरण किया गया है। इसका अर्थ है कि 36 फीसदी बच्चे टीकाकरण से छूट गए हैं। 137480 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 89042 शिशुओं को ही टीका लगाया जा सका है। यह आंकड़े टीकाकरण कार्यक्रम की वास्तविक हकीकत को उजागर करते हैं।
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बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भी केवल 62 फीसदी ही टीके लगाए गए हैं। इस प्रकार 38 फीसदी बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। 116848 के लक्ष्य के सापेक्ष 71878 को ही टीका लग पाया है। कुल 44970 बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीका नहीं लगवा सकी हैं।
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शिशुओं के टीकाकरण की स्थिति
टीका का नाम - लक्ष्य - टीकाकरण - फीसदी
पेंटा - 19640 - 12784 - 6856
पोलियो - 19640 - 12784 - 6856
बीसीजी - 19640 - 10494 - 9146
मीजिल्स रुबेला - 19640 - 14572 - 5068
आईपीवी प्रथम - 19640 - 12854 - 6786
आईपीवी द्वितीय- 19640 - 12785 - 6855
रोटावायरस तृतीय- 19640 - 12769 - 6871
कुल - 137480 - 89042 - 48438
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गर्भवती महिलाओं और बच्चों के अन्य टीकों की स्थिति
टीका का नाम - लक्ष्य - टीकाकरण - वंचित
टीटी (एएनसी) - 24073 - 14564 - 9509
टीटी (10 वर्ष) - 16160 - 9246 - 6914
टीटी (16 वर्ष) - 13220 - 5918 - 7302
डीपीटी(05 वर्ष) - 16682 - 9298 - 7384
आयरन बड़ी - 24073 - 18280 - 5793
विटामिन ए - 19640 - 14572 - 5068
कुल -116848 - 71878 - 44970
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शिशुओं और बच्चों के प्रमुख टीका
- पेंटावैलेंट - डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनस, हेपेटाइटिस-बी और हिब इन्फ्लूएंजा से बचाव के लिए ।
- पोलियो- पोलियो से बचाव के लिए खुराक दी जाती है।
- बीसीजी- टीबी से बचाव के लिए।
- मीजिल्स रूबेला एमआर प्रथम - खसरा और रूबेला से बचाव का टीका।
- आईपीवी प्रथम और द्वितीय - इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन की खुराक।
- रोटावायरस तृतीय- रोटावायरस से होने वाले गंभीर दस्त (डायरिया) से बचाव के लिए।
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मातृ व बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के टीके
- टीटी/ टीडी - बच्चों को 10 व 16 वर्ष की उम्र में टिटनस और डिप्थीरिया से बचाने का बूस्टर टीका।
- डीपीटी - डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनस का दूसरा बूस्टर टीका।
- विटामिन ए - बच्चों को रतौंधी से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली खुराक।
- आयरन बड़ी - गर्भावस्था में महिलाओं और बढ़ते बच्चों को एनीमिया से बचाने वाली खुराक।
- टीटी / टीडी - गर्भवती महिलाओं को टिटनस और डिप्थीरिया से बचाने वाली खुराक
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जनपद में एएनएम की कमी बनी हुई है। ऐसे में टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन टीकाकरण सत्र लगाए जा रहे हैं। जल्द ही शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ, ललितपुर
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ललितपुर। शासन बीमारियों की रोकथाम और जन्ममृत्युदर कम करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है। हालांकि, जमीनी स्तर पर ये योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। शिशुओं, किशोरों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
पिछले छह माह में 48430 शिशु विभिन्न टीकों से वंचित रह गए हैं। वहीं 44970 बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी टीका नहीं लगवा सकी हैं। शिशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने और शिशु मृत्युदर कम करने के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को भी विभिन्न टीके लगाए जाते हैं। जिला मुख्यालय पर पीपीसी, सीएचसी, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण की व्यवस्था है। लगभग 148 एएनएम की आवश्यकता के सापेक्ष 150 एएनएम कार्यरत हैं। इसके बावजूद, 45 केंद्रों को अटैचमेंट के सहारे चलाया जा रहा है। इस स्थिति के कारण टीकाकरण की प्रगति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
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शिशुओं के टीकाकरण की स्थिति
विभागीय छह माह के आंकड़ों पर गौर करें तो शिशुओं का महज 64 फीसदी ही टीकाकरण किया गया है। इसका अर्थ है कि 36 फीसदी बच्चे टीकाकरण से छूट गए हैं। 137480 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 89042 शिशुओं को ही टीका लगाया जा सका है। यह आंकड़े टीकाकरण कार्यक्रम की वास्तविक हकीकत को उजागर करते हैं।
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बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भी केवल 62 फीसदी ही टीके लगाए गए हैं। इस प्रकार 38 फीसदी बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। 116848 के लक्ष्य के सापेक्ष 71878 को ही टीका लग पाया है। कुल 44970 बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीका नहीं लगवा सकी हैं।
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शिशुओं के टीकाकरण की स्थिति
टीका का नाम - लक्ष्य - टीकाकरण - फीसदी
पेंटा - 19640 - 12784 - 6856
पोलियो - 19640 - 12784 - 6856
बीसीजी - 19640 - 10494 - 9146
मीजिल्स रुबेला - 19640 - 14572 - 5068
आईपीवी प्रथम - 19640 - 12854 - 6786
आईपीवी द्वितीय- 19640 - 12785 - 6855
रोटावायरस तृतीय- 19640 - 12769 - 6871
कुल - 137480 - 89042 - 48438
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गर्भवती महिलाओं और बच्चों के अन्य टीकों की स्थिति
टीका का नाम - लक्ष्य - टीकाकरण - वंचित
टीटी (एएनसी) - 24073 - 14564 - 9509
टीटी (10 वर्ष) - 16160 - 9246 - 6914
टीटी (16 वर्ष) - 13220 - 5918 - 7302
डीपीटी(05 वर्ष) - 16682 - 9298 - 7384
आयरन बड़ी - 24073 - 18280 - 5793
विटामिन ए - 19640 - 14572 - 5068
कुल -116848 - 71878 - 44970
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शिशुओं और बच्चों के प्रमुख टीका
- पेंटावैलेंट - डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनस, हेपेटाइटिस-बी और हिब इन्फ्लूएंजा से बचाव के लिए ।
- पोलियो- पोलियो से बचाव के लिए खुराक दी जाती है।
- बीसीजी- टीबी से बचाव के लिए।
- मीजिल्स रूबेला एमआर प्रथम - खसरा और रूबेला से बचाव का टीका।
- आईपीवी प्रथम और द्वितीय - इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन की खुराक।
- रोटावायरस तृतीय- रोटावायरस से होने वाले गंभीर दस्त (डायरिया) से बचाव के लिए।
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मातृ व बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के टीके
- टीटी/ टीडी - बच्चों को 10 व 16 वर्ष की उम्र में टिटनस और डिप्थीरिया से बचाने का बूस्टर टीका।
- डीपीटी - डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनस का दूसरा बूस्टर टीका।
- विटामिन ए - बच्चों को रतौंधी से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली खुराक।
- आयरन बड़ी - गर्भावस्था में महिलाओं और बढ़ते बच्चों को एनीमिया से बचाने वाली खुराक।
- टीटी / टीडी - गर्भवती महिलाओं को टिटनस और डिप्थीरिया से बचाने वाली खुराक
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जनपद में एएनएम की कमी बनी हुई है। ऐसे में टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन टीकाकरण सत्र लगाए जा रहे हैं। जल्द ही शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ, ललितपुर