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मध्य प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बॉर्डर बैठक
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राजघाट गेस्ट हाउस में बार्डर बैठक में मौजूद सीओ सटी राजा सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी।
- फोटो : LALITPUR
जिले में पनाह नहीं ले पाएंगे अपराधी
ललितपुर। जिला के पुलिस अधिकारियों की मध्य प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के साथ राजघाट गेस्ट हाउस में बॉर्डर बैठक हुई। इसमें अपराध करने के बाद सीमा पार कर शरण लेने वाले अपराधियों की धरपकड़ करने में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने का निर्णय लिया गया।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के बॉर्डर पार पहुंचने या आने वाले अपराधियों को गिरफ्तार कराने एवं अपराध नियंत्रण के संबंध में रविवार को मध्य प्रदेश के बॉर्डर स्थित राजघाट गेस्ट हाउस में बार्डर बैठक आयोजित की गई, जिसमें ललितपुर से क्षेत्राधिकारी सदर राजा सिंह, शहर कोतवाल आलोक सक्सेना, चौकी इंचार्ज राजघाट कृष्ण पाल सिंह सरोज के अलावा मध्य प्रदेश के चंदेरी से डिप्टी एसपी लक्ष्मी सिंह और इंस्पेक्टर संजीव तिवारी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि अपराधियों की धरपकड़ में दोनों प्रांत की पुलिस एक- दूसरे का सहयोग करेगी।
दरअसल, जनपद में अपराध कर अपराधी आसानी से पुलिस को चकमा देकर मध्य प्रदेश की सीमा पार कर अपने को सुरक्षित कर लेते हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश में अपराध के बाद बहुत से अपराधी जनपद में पनाह ले लेते हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए दोनों प्रांतों पुलिस को स्थानीय पुलिस के सहयोग की आवश्यकता होती है।
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ललितपुर। जिला के पुलिस अधिकारियों की मध्य प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के साथ राजघाट गेस्ट हाउस में बॉर्डर बैठक हुई। इसमें अपराध करने के बाद सीमा पार कर शरण लेने वाले अपराधियों की धरपकड़ करने में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने का निर्णय लिया गया।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के बॉर्डर पार पहुंचने या आने वाले अपराधियों को गिरफ्तार कराने एवं अपराध नियंत्रण के संबंध में रविवार को मध्य प्रदेश के बॉर्डर स्थित राजघाट गेस्ट हाउस में बार्डर बैठक आयोजित की गई, जिसमें ललितपुर से क्षेत्राधिकारी सदर राजा सिंह, शहर कोतवाल आलोक सक्सेना, चौकी इंचार्ज राजघाट कृष्ण पाल सिंह सरोज के अलावा मध्य प्रदेश के चंदेरी से डिप्टी एसपी लक्ष्मी सिंह और इंस्पेक्टर संजीव तिवारी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि अपराधियों की धरपकड़ में दोनों प्रांत की पुलिस एक- दूसरे का सहयोग करेगी।
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दरअसल, जनपद में अपराध कर अपराधी आसानी से पुलिस को चकमा देकर मध्य प्रदेश की सीमा पार कर अपने को सुरक्षित कर लेते हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश में अपराध के बाद बहुत से अपराधी जनपद में पनाह ले लेते हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए दोनों प्रांतों पुलिस को स्थानीय पुलिस के सहयोग की आवश्यकता होती है।
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