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गैर इरादतन हत्या में पति को पांच वर्ष का कारावास
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- फोटो : court.jpeg
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम ) अजयपाल सिंह की अदालत ने महिला की गैर इरादतन हत्या का दोष सिद्ध होने पर उसके पति को पांच वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया। 29 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पांच वर्ष पहले मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ़ अंतर्गत दिगौड़ा निवासी संतोष अहिरवार पुत्र गनेश प्रसाद ने थाना बार में तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री संध्या की शादी 27 अप्रैल 2016 को राहुल पुत्र पप्पू निवासी ग्राम धनगौल के साथ की थी। हैसियत के अनुसार एक लाख रुपये नकद व करीब दो लाख रुपये का दहेज दिया था। शादी के बाद से ही राहुल उसका पिता पप्पू व सास रेजा मोटर साइकिल की मांग को लेकर आए दिन पुत्री संध्या के साथ मारपीट करने लगे। राहुल, पिता पप्पू व मां रेजा ने बुलाकर कहा था मोटरसाइकिल दे जाओ, नहीं तो तुम्हारी पुत्री को जान से मार देंगे। उसने कहा कि एक वर्ष के अंदर मोटर साइकिल दे देंगे। अभी पैसों का इंतजाम नहीं है।
27 नवंबर को राहुल, पप्पू व रेजा ने एक राय होकर उसकी पुत्री संध्या के ऊपर पैट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे पुत्री की मृत्यु हो गई। पप्पू ने फोन पर बताया कि उसकी पुत्री की मृत्यु हो गई। वह ग्राम धनगौल पहुंचा और थाना बार में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करते हुए सास व ससुर के नाम विवेचना में काट दिए थे। पति के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
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बृहस्पतिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अपना निर्णय सुनाते हुए पति राहुल को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुुये पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता द्वितीय नरेंद्र सिंह गौर ने की।
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पांच वर्ष पहले मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ़ अंतर्गत दिगौड़ा निवासी संतोष अहिरवार पुत्र गनेश प्रसाद ने थाना बार में तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री संध्या की शादी 27 अप्रैल 2016 को राहुल पुत्र पप्पू निवासी ग्राम धनगौल के साथ की थी। हैसियत के अनुसार एक लाख रुपये नकद व करीब दो लाख रुपये का दहेज दिया था। शादी के बाद से ही राहुल उसका पिता पप्पू व सास रेजा मोटर साइकिल की मांग को लेकर आए दिन पुत्री संध्या के साथ मारपीट करने लगे। राहुल, पिता पप्पू व मां रेजा ने बुलाकर कहा था मोटरसाइकिल दे जाओ, नहीं तो तुम्हारी पुत्री को जान से मार देंगे। उसने कहा कि एक वर्ष के अंदर मोटर साइकिल दे देंगे। अभी पैसों का इंतजाम नहीं है।
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27 नवंबर को राहुल, पप्पू व रेजा ने एक राय होकर उसकी पुत्री संध्या के ऊपर पैट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे पुत्री की मृत्यु हो गई। पप्पू ने फोन पर बताया कि उसकी पुत्री की मृत्यु हो गई। वह ग्राम धनगौल पहुंचा और थाना बार में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करते हुए सास व ससुर के नाम विवेचना में काट दिए थे। पति के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
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बृहस्पतिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अपना निर्णय सुनाते हुए पति राहुल को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुुये पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता द्वितीय नरेंद्र सिंह गौर ने की।