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मारपीट से दुखी मजदूर ने फांसी लगाकर दी जान
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ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पिसनारी निवासी अशोक कुशवाहा (45) पुत्र धीरे ने सोमवार सुबह घर में ही कमरे में फांसी लगा ली। पत्नी उसे देख किसी प्रकार दरवाजा खोलकर जिला अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने दो आरोपियों की मारपीट से दुखी होकर फांसी लगाने का आरोप लगाया है।
मोहल्ला पिसनारी निवासी अशोक कुशवाहा सोमवार सुबह दो लोगों के खेत पर मजदूरी के लिए गया था। जहां उन्होंने उसे मजदूरी के सौ रुपये दिए और शराब भी पिलाई। इसके बाद उन्होंने उसे घर जाने को कह दिया। जब वह घर जा रहा था, तभी रास्ते में उसे दो अन्य लोग मिले और उसके साथ विवाद करते हुए उसके साथ मारपीट कर दी। जिसके बाद वह किसी प्रकार उनसे बचकर घर पहुंचा और घटना बताते हुए उनकी शिकायत करने के लिए पत्नी से सौ रुपये मांगे। जिस पर उसकी पत्नी ने उसे सौ रुपये नहीं दिए और सो जाने के लिए कहा। वह अपने कमरे में गया और वहां उसने टिन शेड के लोहे के एंगल पर चादर से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब पत्नी राजकुमारी ने कमरे के पास जाकर दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से आवाज नहीं आई। जिस पर उसने खिड़की से झांककर देखा तो अशोक कमरे में फांसी के फंदे पर लटक रहा था। यह देख उसने अन्य परिजनों व आसपास के लोगों को बुलाया और कमरे को किसी प्रकार खोलकर उसे फंदे से उतारा। पत्नी उसे आनन फानन उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गई। जहां परीक्षण उपरांत चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी राजकुमारी ने बताया कि उसके पति जब रास्ते में घर लौट रहे थे, तो रास्ते ही दो लोगों ने उसे रोककर उसके साथ विवाद करते हुए मारपीट कर दी। इस वजह से उसके पति ने बेइज्जती महसूस करते फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के दो बेटे व दो बेटियां हैं और छह भाईयों में चौथे नंबर का है।
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मोहल्ला पिसनारी निवासी अशोक कुशवाहा सोमवार सुबह दो लोगों के खेत पर मजदूरी के लिए गया था। जहां उन्होंने उसे मजदूरी के सौ रुपये दिए और शराब भी पिलाई। इसके बाद उन्होंने उसे घर जाने को कह दिया। जब वह घर जा रहा था, तभी रास्ते में उसे दो अन्य लोग मिले और उसके साथ विवाद करते हुए उसके साथ मारपीट कर दी। जिसके बाद वह किसी प्रकार उनसे बचकर घर पहुंचा और घटना बताते हुए उनकी शिकायत करने के लिए पत्नी से सौ रुपये मांगे। जिस पर उसकी पत्नी ने उसे सौ रुपये नहीं दिए और सो जाने के लिए कहा। वह अपने कमरे में गया और वहां उसने टिन शेड के लोहे के एंगल पर चादर से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब पत्नी राजकुमारी ने कमरे के पास जाकर दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से आवाज नहीं आई। जिस पर उसने खिड़की से झांककर देखा तो अशोक कमरे में फांसी के फंदे पर लटक रहा था। यह देख उसने अन्य परिजनों व आसपास के लोगों को बुलाया और कमरे को किसी प्रकार खोलकर उसे फंदे से उतारा। पत्नी उसे आनन फानन उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गई। जहां परीक्षण उपरांत चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी राजकुमारी ने बताया कि उसके पति जब रास्ते में घर लौट रहे थे, तो रास्ते ही दो लोगों ने उसे रोककर उसके साथ विवाद करते हुए मारपीट कर दी। इस वजह से उसके पति ने बेइज्जती महसूस करते फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के दो बेटे व दो बेटियां हैं और छह भाईयों में चौथे नंबर का है।
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