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कहने को सिविल लाइन, हालत गांव जैसी
lalitpur
Updated Thu, 30 Mar 2017 12:16 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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वार्ड नंबर आठ में आईटीआई कॉलेज के सामने वाला मुहल्ला कहने को तो सिविल लाइन क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां की स्थिति ग्रामीण इलाकों जैसी है। यहां के लोग पक्की सड़कों, नालियों, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था व मार्ग प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। वर्षों से समस्या झेल रहे मुहल्लेवासियों ने नगर पालिका परिषद के चुनाव का बहिष्कार करने का मन बनाया है।
सिविल लाइन क्षेत्र के मुहल्ला चांदमारी में आईटीआई कॉलेज के सामने स्थित सिन्हा भवन के पास करीब एक सैकड़ा परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। पठारी क्षेत्र व पाइप लाइन नहीं होने के कारण गर्मियों में यहां पर पानी का संकट गहरा जाता है। आने वाले दिनों में पानी के हालात नहीं बिगड़े, इसके लिए मुहल्ले वासियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मुहल्ले में पाइप लाइन डलवाने की मांग की है। हैरानी की बात है कि इस इलाके में लोगों को पेयजल की सुविधा के लिए केवल एक ही सरकारी हैंडपंप है, जो परिवार सक्षम हैं, उन्होंने अपने घरों में निजी बोर कराया हुआ है। बाकी लोग इसी एकलौते हैंडपंप के सहारे आश्रित हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि मुहल्ले से करीब 300 मीटर की दूरी से सिद्धनपुरा पाइप लाइन निकली हुई है, यदि इसी पाइप लाइन से नलों का संयोजन कर दिया जाए तो पेयजल की समस्या से निजात मिल सकती है। इस दौरान अखिलेश शुक्ला, अर्चना सोनी, चिराग रावत, महेंद्र कुमार, वीरसिंह राजपूत, प्रताप सिंह, मनोज शंकर, दयाराम, कमला, पवन सक्सेना, अशोक राजा, शैलेंद्र रावत आदि उपस्थित रहे।
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सड़के, नाली तक नहीं, बरसात में बदतर हो जाते हालात
इस क्षेत्र में बीते कई वर्षों से सड़कें नहीं डाली गई हैं। गलियों में कहीं पर भी स्थायी नाली नहीं है, जिससे हमेशा ही जलभराव व गंदगी रहती है। शिकायत करने पर केवल एक दिन के लिए ही सफाई कर्मचारी आते हैं ।
जल्द हो पेयजल की समस्या का समाधान
सिद्धनपुरा की पाइपलाइन यहां से मात्र 300 मीटर की दूरी पर है। सभी मुहल्ले वासी नलों का संयोजन कराने के लिए तैयार हैं, जल संस्थान विभाग हमारी समस्या को लेकर गंभीरता दिखाए तो शायद इस बार हमें पानी के संकट से नहीं जूझना पड़े।
-वीर सिंह राजपूत
स्थानीय निवासी
अंधेरे के आड़ में हो ही चोरियां
कुछ गलियों की स्ट्रीट लाइट महीनों से खराब है। रात होते हैं यहां अंधेरा हो जाता है। इस कारण डेढ़ माह में गली में लगभग एक दर्जन घरों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।
-शैलेंद्र रावत
स्थानीय निवासी।
वोट मांगते समय ही आती है याद
सभी नेताओं को केवल चुनाव के दौरान ही वोट मांगने समय हम लोगों की याद आती है और समस्या के निस्तारण के वादे किए जाते हैं। चुनाव खत्म होने के बाद कोई हमारे हाल जानने की बात तो दूर अपनी शक्ल दिखाने भी नहीं आता है।
- ममता राजपूत
स्थानीय महिला।
शिकायत करने पर ही होती है कार्रवाई
साफ-सफाई की काफी बुरी स्थिति है, सभी मुहल्ले वासी खुद ही अपने-अपने घरों के सामने की सड़क व नाली की सफाई करते हैं। बीते ढाई-तीन माह से सफाई कर्मी नहीं आए हैं, जब कभी जिलाधिकारी या अन्य अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो उसके बाद केवल एक दिन के ही कर्मचारी आते हैं और सफाई करते फिर दो-तीन माह को गुम हो जाते हैं। गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का भी डर बना रहता है।
- महेंद्र कुमार
स्थानीय निवासी।
पर्याप्त पानी होगा तो जोड़ दी जाएगी लाइन
सिद्धनपुरा पंप हाउस पर जांच कराई जाएगी, यदि वहां पर्याप्त पानी की सुविधा है तो वहां से संयोजन देने में कोई समस्या नहीं है। 300 मीटर दूरी कोई अधिक नहीं है, जनता की समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
- रघुवेंद्र कुमार
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान ललितपुर।
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सिविल लाइन क्षेत्र के मुहल्ला चांदमारी में आईटीआई कॉलेज के सामने स्थित सिन्हा भवन के पास करीब एक सैकड़ा परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। पठारी क्षेत्र व पाइप लाइन नहीं होने के कारण गर्मियों में यहां पर पानी का संकट गहरा जाता है। आने वाले दिनों में पानी के हालात नहीं बिगड़े, इसके लिए मुहल्ले वासियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मुहल्ले में पाइप लाइन डलवाने की मांग की है। हैरानी की बात है कि इस इलाके में लोगों को पेयजल की सुविधा के लिए केवल एक ही सरकारी हैंडपंप है, जो परिवार सक्षम हैं, उन्होंने अपने घरों में निजी बोर कराया हुआ है। बाकी लोग इसी एकलौते हैंडपंप के सहारे आश्रित हैं।
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स्थानीय लोगों की मांग है कि मुहल्ले से करीब 300 मीटर की दूरी से सिद्धनपुरा पाइप लाइन निकली हुई है, यदि इसी पाइप लाइन से नलों का संयोजन कर दिया जाए तो पेयजल की समस्या से निजात मिल सकती है। इस दौरान अखिलेश शुक्ला, अर्चना सोनी, चिराग रावत, महेंद्र कुमार, वीरसिंह राजपूत, प्रताप सिंह, मनोज शंकर, दयाराम, कमला, पवन सक्सेना, अशोक राजा, शैलेंद्र रावत आदि उपस्थित रहे।
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सड़के, नाली तक नहीं, बरसात में बदतर हो जाते हालात
इस क्षेत्र में बीते कई वर्षों से सड़कें नहीं डाली गई हैं। गलियों में कहीं पर भी स्थायी नाली नहीं है, जिससे हमेशा ही जलभराव व गंदगी रहती है। शिकायत करने पर केवल एक दिन के लिए ही सफाई कर्मचारी आते हैं ।
जल्द हो पेयजल की समस्या का समाधान
सिद्धनपुरा की पाइपलाइन यहां से मात्र 300 मीटर की दूरी पर है। सभी मुहल्ले वासी नलों का संयोजन कराने के लिए तैयार हैं, जल संस्थान विभाग हमारी समस्या को लेकर गंभीरता दिखाए तो शायद इस बार हमें पानी के संकट से नहीं जूझना पड़े।
-वीर सिंह राजपूत
स्थानीय निवासी
अंधेरे के आड़ में हो ही चोरियां
कुछ गलियों की स्ट्रीट लाइट महीनों से खराब है। रात होते हैं यहां अंधेरा हो जाता है। इस कारण डेढ़ माह में गली में लगभग एक दर्जन घरों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।
-शैलेंद्र रावत
स्थानीय निवासी।
वोट मांगते समय ही आती है याद
सभी नेताओं को केवल चुनाव के दौरान ही वोट मांगने समय हम लोगों की याद आती है और समस्या के निस्तारण के वादे किए जाते हैं। चुनाव खत्म होने के बाद कोई हमारे हाल जानने की बात तो दूर अपनी शक्ल दिखाने भी नहीं आता है।
- ममता राजपूत
स्थानीय महिला।
शिकायत करने पर ही होती है कार्रवाई
साफ-सफाई की काफी बुरी स्थिति है, सभी मुहल्ले वासी खुद ही अपने-अपने घरों के सामने की सड़क व नाली की सफाई करते हैं। बीते ढाई-तीन माह से सफाई कर्मी नहीं आए हैं, जब कभी जिलाधिकारी या अन्य अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो उसके बाद केवल एक दिन के ही कर्मचारी आते हैं और सफाई करते फिर दो-तीन माह को गुम हो जाते हैं। गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का भी डर बना रहता है।
- महेंद्र कुमार
स्थानीय निवासी।
पर्याप्त पानी होगा तो जोड़ दी जाएगी लाइन
सिद्धनपुरा पंप हाउस पर जांच कराई जाएगी, यदि वहां पर्याप्त पानी की सुविधा है तो वहां से संयोजन देने में कोई समस्या नहीं है। 300 मीटर दूरी कोई अधिक नहीं है, जनता की समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
- रघुवेंद्र कुमार
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान ललितपुर।