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कोरोना संक्रमित मिले दो मरीज, संख्या बढ़कर पहुंची 18
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corona hotspot
- फोटो : corona hotspot
ललितपुर। जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मंगलवार को दो मरीजों में कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई। इसमें से एक जिला महिला अस्पताल में स्टाफ नर्स है। एतिहात के तौर पर अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को डिस्चार्ज कर दिया गया है। साथ दो दिन के लिए जिला महिला अस्पताल को बंद कर आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। जिले में कोराना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18 पहुंच गई है।
मंगलवार को दो कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। इनमें एक जिला महिला अस्पताल में संविदा पर तैनात नर्स (36) है, जो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कैंपस में निवास करती है। बताया जा रहा है कि नर्स बीते दिनों झांसी में अपनी ननद के प्रसव के लिए गई थी, वह सोमवार को वापस आई थी। जिला महिला अस्पताल में आने पर उसकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई, जिसमें उसका तापमान अधिक पाया गया। इस पर नर्स को कोरोना जांच के लिए सैंपल कराने के निर्देश दिए गए। नर्स ने कोरोना सैंपल कराया है। उसे अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में क्वारंटीन किया गया।
मंगलवार को ट्रूू- नॉट मशीन से हुए टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने कंफरमेट्री किट से उसकी जांच की, जांच में कोरोना की पुष्टि हुई। पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उपचार के लिए नर्स को मेडिकल कॉलेज झांसी के लिए रेफर कर दिया। उधर, दो दिन के लिए अस्पताल को बंद कर दिया गया है। अस्पताल में दो दिन तक किसी भी मरीज को भर्ती नहीं किया जाएगा। इस दौरान अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, जो प्रसूताएं डिस्चार्ज होने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें भर्ती रखा जा रहा है। अस्पताल को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
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जिले में इकलौता महिला अस्पताल है यह, गर्भवतियों के लिए बढ़ी समस्या
ललितपुर। मुख्यालय पर स्थित इकलौते जिला महिला अस्पताल के बंद होने से प्रसव के लिए महिला मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अब मरीजों के लिए निजी नर्सिंग होम या मेडिकल कॉलेज झांसी ही विकल्प बचा है। प्राइवेट नर्सिंग होम में अधिक पैसे देना होंगे। यहां प्रतिदिन दो दर्जन सामान्य व सर्जरी के माध्यम से प्रसव होते हैं।
संक्रमित संविदाकर्मी से चिंतित डॉक्टर
संविदा कर्मियों को सरकारी आवास की सुविधा देने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि इमरजेंसी के कारण आवास दिया भी जाए तो तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के आवास आवंटित किए जाते हैं। लेकिन संविदा स्टाफ नर्स को चिकित्सक कॉलोनी में आवास मिला है। इससे चिकित्सक कॉलोनी में निवासरत चिकित्सक चिंतित हो गए हैं।
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ग्राम देवरान में कोराना संक्रमित मरीज की बेटी भी पॉजिटिव
ब्लॉक महरौनी के अंतर्गत ग्राम देवरानकलां निवासी एक ग्रामीण को एक जुलाई को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उसके संपर्क में आने वाले लोगों की जांच की गई, जिसमें संक्रमित मरीज की 18 वर्षीय पुत्री भी मंगलवार को संक्रमित पाई गई। ग्राम देवरानकलां निवासी कोरोना संक्रमित व्यक्ति एक जुलाई को अपनी पुत्री के साथ जिला अस्पताल में जांच कराने को आया था। उसे ह्दय के इलाज लिए नासिक जाना था। इसलिए कोरोना जांच प्रमाणपत्र की उसे आवश्यकता थी, लेकिन जांच होने पर कोरोना संक्रमित पाया गया। संक्रमित होने के बाद साथ में आए लोगों के सैंपल लेकर क्वारंटीन किया गया। इसकी जांच रिपोर्ट मंगलवार को आई है, जिसमें मरीज की पुत्री भी कोरोना संक्रमित पाई गई है।
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मंगलवार को जिले में कोरोना संक्रमण के दो मरीज पाए गए हैं। इनमें एक महिला अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स व दूसरी ग्राम देवरानकलां निवासी युवती है। दोनों को इलाज के लिए झांसी रेफर किया गया है।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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मंगलवार को दो कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। इनमें एक जिला महिला अस्पताल में संविदा पर तैनात नर्स (36) है, जो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कैंपस में निवास करती है। बताया जा रहा है कि नर्स बीते दिनों झांसी में अपनी ननद के प्रसव के लिए गई थी, वह सोमवार को वापस आई थी। जिला महिला अस्पताल में आने पर उसकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई, जिसमें उसका तापमान अधिक पाया गया। इस पर नर्स को कोरोना जांच के लिए सैंपल कराने के निर्देश दिए गए। नर्स ने कोरोना सैंपल कराया है। उसे अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में क्वारंटीन किया गया।
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मंगलवार को ट्रूू- नॉट मशीन से हुए टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने कंफरमेट्री किट से उसकी जांच की, जांच में कोरोना की पुष्टि हुई। पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उपचार के लिए नर्स को मेडिकल कॉलेज झांसी के लिए रेफर कर दिया। उधर, दो दिन के लिए अस्पताल को बंद कर दिया गया है। अस्पताल में दो दिन तक किसी भी मरीज को भर्ती नहीं किया जाएगा। इस दौरान अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, जो प्रसूताएं डिस्चार्ज होने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें भर्ती रखा जा रहा है। अस्पताल को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
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जिले में इकलौता महिला अस्पताल है यह, गर्भवतियों के लिए बढ़ी समस्या
ललितपुर। मुख्यालय पर स्थित इकलौते जिला महिला अस्पताल के बंद होने से प्रसव के लिए महिला मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अब मरीजों के लिए निजी नर्सिंग होम या मेडिकल कॉलेज झांसी ही विकल्प बचा है। प्राइवेट नर्सिंग होम में अधिक पैसे देना होंगे। यहां प्रतिदिन दो दर्जन सामान्य व सर्जरी के माध्यम से प्रसव होते हैं।
संक्रमित संविदाकर्मी से चिंतित डॉक्टर
संविदा कर्मियों को सरकारी आवास की सुविधा देने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि इमरजेंसी के कारण आवास दिया भी जाए तो तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के आवास आवंटित किए जाते हैं। लेकिन संविदा स्टाफ नर्स को चिकित्सक कॉलोनी में आवास मिला है। इससे चिकित्सक कॉलोनी में निवासरत चिकित्सक चिंतित हो गए हैं।
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ग्राम देवरान में कोराना संक्रमित मरीज की बेटी भी पॉजिटिव
ब्लॉक महरौनी के अंतर्गत ग्राम देवरानकलां निवासी एक ग्रामीण को एक जुलाई को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उसके संपर्क में आने वाले लोगों की जांच की गई, जिसमें संक्रमित मरीज की 18 वर्षीय पुत्री भी मंगलवार को संक्रमित पाई गई। ग्राम देवरानकलां निवासी कोरोना संक्रमित व्यक्ति एक जुलाई को अपनी पुत्री के साथ जिला अस्पताल में जांच कराने को आया था। उसे ह्दय के इलाज लिए नासिक जाना था। इसलिए कोरोना जांच प्रमाणपत्र की उसे आवश्यकता थी, लेकिन जांच होने पर कोरोना संक्रमित पाया गया। संक्रमित होने के बाद साथ में आए लोगों के सैंपल लेकर क्वारंटीन किया गया। इसकी जांच रिपोर्ट मंगलवार को आई है, जिसमें मरीज की पुत्री भी कोरोना संक्रमित पाई गई है।
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मंगलवार को जिले में कोरोना संक्रमण के दो मरीज पाए गए हैं। इनमें एक महिला अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स व दूसरी ग्राम देवरानकलां निवासी युवती है। दोनों को इलाज के लिए झांसी रेफर किया गया है।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी