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तुवन मंदिर में नहीं फैलने देंगे अव्यवस्था
ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2015 01:11 AM IST
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ललितपुर। श्री तुवन मंदिर की भूमि को लेकर कुछ भ्रांतियां फैली हैं, इन्हें दूर करने के लिए एक सलाहकार समिति बनाई जाएगी। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त होंगी। यह बात महंत विष्णु दास ने पत्रकारों से कही।
तुवन मंदिर के महंत भगवान दास के गोलोकवासी होने के बाद महंतई मल्हार गढ़ के महंत रामगोपाल दास को सौंपी गई है। लेकिन, तुवन मंदिर की व्यवस्थाएं दिनोंदिन बिगड़ रही हैं। शुक्रवार को महंत रामगोपाल दास के चेला महंत विष्णु दास ने तुवन मंदिर में पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने स्वीकारा कि मंदिर में कुछ अव्यवस्थाएं फैली हैं। इसे ध्यान में रखकर उन्होंने खुद मंदिर की जिम्मेदारी संभाल ली है। नगर के संभ्रांत लोगों के सहयोग से मंदिर की व्यवस्थाएं सुधारी जाएगी। मंदिर में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को सही कराया जाएगा। जहां तक मंदिर की जमीन को लेकर भ्रांति की बात है,
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तो साढ़े दस एकड़ भूमि महंत भगवान दास के नाम थी, उनकी वसीयत के अनुसार इस भूमि पर अगले महंत का नाम आ जाना चाहिए। यदि इस पर ज्यादा विवाद होता है तो वह इस भूमि को मंदिर के नाम कराने के लिए भी तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भूमि की सुरक्षा के मद्देनजर एक सलाहकार समिति गठित की गई है। वहीं, पूर्व के सेवादार बालकिशन शुक्ला पुन: मंदिर की व्यवस्था में सहयोग करेंगे। पत्रकार बृजेश तिवारी को मंदिर का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उन्होंने सभी श्रद्धालु व नागरिकों से मंदिर की व्यवस्था बनाने में सहयोग का आह्वान किया है।
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तुवन मंदिर के महंत भगवान दास के गोलोकवासी होने के बाद महंतई मल्हार गढ़ के महंत रामगोपाल दास को सौंपी गई है। लेकिन, तुवन मंदिर की व्यवस्थाएं दिनोंदिन बिगड़ रही हैं। शुक्रवार को महंत रामगोपाल दास के चेला महंत विष्णु दास ने तुवन मंदिर में पत्रकारों से बातचीत की।
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उन्होंने स्वीकारा कि मंदिर में कुछ अव्यवस्थाएं फैली हैं। इसे ध्यान में रखकर उन्होंने खुद मंदिर की जिम्मेदारी संभाल ली है। नगर के संभ्रांत लोगों के सहयोग से मंदिर की व्यवस्थाएं सुधारी जाएगी। मंदिर में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को सही कराया जाएगा। जहां तक मंदिर की जमीन को लेकर भ्रांति की बात है,
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तो साढ़े दस एकड़ भूमि महंत भगवान दास के नाम थी, उनकी वसीयत के अनुसार इस भूमि पर अगले महंत का नाम आ जाना चाहिए। यदि इस पर ज्यादा विवाद होता है तो वह इस भूमि को मंदिर के नाम कराने के लिए भी तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भूमि की सुरक्षा के मद्देनजर एक सलाहकार समिति गठित की गई है। वहीं, पूर्व के सेवादार बालकिशन शुक्ला पुन: मंदिर की व्यवस्था में सहयोग करेंगे। पत्रकार बृजेश तिवारी को मंदिर का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उन्होंने सभी श्रद्धालु व नागरिकों से मंदिर की व्यवस्था बनाने में सहयोग का आह्वान किया है।