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ट्रू नोट मशीन से नहीं मिल पा रहा संदिग्धों को लाभ, दूसरा सैंपल भेजा जा रहा झांसी
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कोरोना
- फोटो : ??????
ललितपुर। ट्र- नॉट मशीन कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच में कारगर साबित नहीं हो रही है। मशीन मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। मशीन केवल निगेटिव लोगों की रिपोर्ट ही बता पा रही है। निगेटिव नहीं होने की स्थिति में संदिग्ध बता रही है। इस बात को स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ भी मानते हैं। इससे इस मशीन की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
देश में वैश्विक बीमारी कोराना वायरस के संक्रमित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसको लेकर लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। मर्ज का लगातार परीक्षण कर जांच की जा रही है। पुष्टि होने पर मरीजों को आइसोलेशन वार्डों में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। वहीं, परिजनों को भी मेडिकल क्वारंटीन किया जा रहा है।
शासन ने जिले में कोरोना संक्रमित लोगों की जांच के लिए ट्रू- नॉट मशीन उपलब्ध कराई है, जिसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ़्ट किया गया है। लेकिन, मशीन में तकनीकि खामी के चलते मामले पकड़ में नहीं आ रहे हैं। यह मशीन व्यक्ति के सैंपल की जांच होने पर केवल निगेटिव लोगों की ही रिर्पोट बता रही है। इस मशीन में उसी व्यक्ति की जांच रिर्पोट स्पष्ट हो सकेगी, जो कोरोना संक्रमित नहीं होगा।
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ट्रू- नॉट मशीन में केवल निगेटिव रिर्पोट ही आती है। निगेटिव न होने की स्थिति में केवल संदिग्ध ही बता रही है, जिस पर चिकित्सकों को संबंधित व्यक्ति का दूसरा सैंपल लेना पड़ रहा है और जांच के लिए मेडीकल कॉलेज झांसी भेजना पड़ रहा है। जहां से रिर्पोट आने के बाद स्थित स्पष्ट हो रही है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग को मशीन उपलब्ध होने के बाद भी झांसी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में ट्रू- नॉट मशीन की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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शासन को कोरोना जांच की मशीन को प्रापर भेजना चाहिए था, जिससे निगेटिव व पॉजीटिव की स्थिति एक ही मशीन और एक ही सैंपल से स्पष्ट की जा सके। अन्यथा की स्थिति में सैंपल को सीधा झांसी जांच के लिए भेजा जाए।
- तिलक यादव, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
ट्रू-नॉट मशीन केवल निगेटिव लोगों की रिर्पोट दे रही है। संदिग्धों को दूसरा सैंपल देना पड़ रहा है। यह ललितपुर की जनता के साथ धोखा किया गया है। इस पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
- हरदयाल सिंह लोधी एडवोकेट, जिला संयोजक, आम आदमी पार्टी
ट्र- नॉट मशीन से संदिग्धों की जांच में स्थित स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इस मशीन से जांच के नाम पर धोखा किया जा रहा है। सही मशीन दी जाए, जिससे एक सैंपल में ही सही जांच मिल सके।
- हरीबाबू शर्मा, नगर अध्यक्ष कांग्रेस
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ट्र नॉट मशीन में निगेटिव व्यक्ति की रिर्पोट आती है। यदि निगेटिव नहीं है, तो उसकी जांच संदिग्ध बताती है। उसकी जांच के लिए दूसरा सैंपल लेकर जांच के लिए झांसी भेजना पड़ रहा है।
- डा. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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देश में वैश्विक बीमारी कोराना वायरस के संक्रमित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसको लेकर लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। मर्ज का लगातार परीक्षण कर जांच की जा रही है। पुष्टि होने पर मरीजों को आइसोलेशन वार्डों में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। वहीं, परिजनों को भी मेडिकल क्वारंटीन किया जा रहा है।
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शासन ने जिले में कोरोना संक्रमित लोगों की जांच के लिए ट्रू- नॉट मशीन उपलब्ध कराई है, जिसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ़्ट किया गया है। लेकिन, मशीन में तकनीकि खामी के चलते मामले पकड़ में नहीं आ रहे हैं। यह मशीन व्यक्ति के सैंपल की जांच होने पर केवल निगेटिव लोगों की ही रिर्पोट बता रही है। इस मशीन में उसी व्यक्ति की जांच रिर्पोट स्पष्ट हो सकेगी, जो कोरोना संक्रमित नहीं होगा।
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ट्रू- नॉट मशीन में केवल निगेटिव रिर्पोट ही आती है। निगेटिव न होने की स्थिति में केवल संदिग्ध ही बता रही है, जिस पर चिकित्सकों को संबंधित व्यक्ति का दूसरा सैंपल लेना पड़ रहा है और जांच के लिए मेडीकल कॉलेज झांसी भेजना पड़ रहा है। जहां से रिर्पोट आने के बाद स्थित स्पष्ट हो रही है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग को मशीन उपलब्ध होने के बाद भी झांसी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में ट्रू- नॉट मशीन की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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शासन को कोरोना जांच की मशीन को प्रापर भेजना चाहिए था, जिससे निगेटिव व पॉजीटिव की स्थिति एक ही मशीन और एक ही सैंपल से स्पष्ट की जा सके। अन्यथा की स्थिति में सैंपल को सीधा झांसी जांच के लिए भेजा जाए।
- तिलक यादव, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
ट्रू-नॉट मशीन केवल निगेटिव लोगों की रिर्पोट दे रही है। संदिग्धों को दूसरा सैंपल देना पड़ रहा है। यह ललितपुर की जनता के साथ धोखा किया गया है। इस पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
- हरदयाल सिंह लोधी एडवोकेट, जिला संयोजक, आम आदमी पार्टी
ट्र- नॉट मशीन से संदिग्धों की जांच में स्थित स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इस मशीन से जांच के नाम पर धोखा किया जा रहा है। सही मशीन दी जाए, जिससे एक सैंपल में ही सही जांच मिल सके।
- हरीबाबू शर्मा, नगर अध्यक्ष कांग्रेस
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ट्र नॉट मशीन में निगेटिव व्यक्ति की रिर्पोट आती है। यदि निगेटिव नहीं है, तो उसकी जांच संदिग्ध बताती है। उसकी जांच के लिए दूसरा सैंपल लेकर जांच के लिए झांसी भेजना पड़ रहा है।
- डा. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी