{"_id":"57af78934f1c1b332dee48ec","slug":"tree-cutting","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेड़ों पर धड़ाधड़ चल रही कुल्हाड़ी, अफसर मौन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेड़ों पर धड़ाधड़ चल रही कुल्हाड़ी, अफसर मौन
lalitpur
Updated Sun, 14 Aug 2016 01:14 AM IST
विज्ञापन
axe
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। मड़ावरा व नाराहट क्षेत्र के घनों जंगलों से हर वर्ष करोड़ों रुपए की सागौन की लकड़ी काटी जा रही है। लखंजर, पापड़ा व गौंठरा के जंगलों में कटान जारी है, लेकिन वन विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है।
मड़ावरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लखंजर, पापड़ा, हीरापुर, गोंठरा, जैतपुरा, लड़ना, बोलाई, गिरार, बम्हौरी, धौरीसागर, सौंरई, नाराहट, गौना, मदनपुर, आदि में सागौन के पेड़ों का घना जंगल है। जखौरा ब्लॉक में भी सागौन के जंगल हैं। इस क्षेत्र में कीमती पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों की मानें तो यहां से हर वर्ष करोड़ों रुपए की सागौन की लकड़ी की तस्करी की जाती है। यह लकड़ी मध्य प्रदेश पहुंचाई जाती है। दो से तीन वर्षों में मड़ावरा क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ भूमि में लगे सागौन के पेड़ काटे जा चुके हैं। रातोंरात ट्रकों या अन्य साधनों से लकड़ी ले जाकर मध्य प्रदेश में बेची जा रही है। वहीं बालाबेहट क्षेत्र में भी कीमती पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है।
विज्ञापन
अमझरा में 50 एकड़ की नर्सरी हो गई गायब
ललितपुर। शहर के चालीस किलोमीटर दूर गौना रेंज अंतर्गत अमझरा घाटी स्थित पेट्रोल पंप के पास करीब 50 एकड़ भूमि में निर्मित पूर्ण सुविधा युक्त नर्सरी भी गायब हो गई है। इस नर्सरी में विभिन्न किस्म की पौध तैयार की जाती थी। सागौन समेत विभिन्न प्रकार के कीमती पेड़ों के लिए नर्सरी पूरे क्षेत्र में पहचानी जाती थी। यहां कूप निर्माण, टीन शेड आदि सर्वसुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन यहां से सैकड़ों पेड़ अवैध रुप कटवा दिए गए और आज यह नर्सरी जीर्ण शीर्ण अवस्था में अपना वजूद तलाशती नजर आती है।
जड़ी बूटी का हो रहा अवैध भंडारण
ललितपुर। मड़ावरा, नाराहट एवं धौर्रा क्षेत्र में हजारों की तादाद में कीमती व लाभकारी जड़ी-बूटी युक्त पेड़ों का कटान भी किया जा रहा है। जड़ी बूटी केंद्र की स्थापना वन निगम द्वारा की जाती है, लेकिन जनपद में करीब तीन वर्ष पूर्व से वन निगम का कार्यालय या कोई केंद्र नहीं होने से जड़ी बूटियों का अवैध भंडारण किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में ही आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर अवैध भंडारण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा मध्य प्रदेश में जड़ी बूटी केंद्र का पंजीकरण कराकर इसे वहां पहुंचाया जा रहा है। पूर्व में वन विभाग द्वारा अवैध जड़ी बूटी भंडारण केंद्रों पर छापा मारे गए थे। जड़ी बूटी जब्त की गई थी। वन अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की गई, लेकिन अवैध भंडारण और अवैध कटान पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
अवैध कटान के मामले में ग्राम ठनगना में पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। जो भी मामले संज्ञान में आ रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। वीके जैन, डीएफओ
विज्ञापन
मड़ावरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लखंजर, पापड़ा, हीरापुर, गोंठरा, जैतपुरा, लड़ना, बोलाई, गिरार, बम्हौरी, धौरीसागर, सौंरई, नाराहट, गौना, मदनपुर, आदि में सागौन के पेड़ों का घना जंगल है। जखौरा ब्लॉक में भी सागौन के जंगल हैं। इस क्षेत्र में कीमती पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों की मानें तो यहां से हर वर्ष करोड़ों रुपए की सागौन की लकड़ी की तस्करी की जाती है। यह लकड़ी मध्य प्रदेश पहुंचाई जाती है। दो से तीन वर्षों में मड़ावरा क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ भूमि में लगे सागौन के पेड़ काटे जा चुके हैं। रातोंरात ट्रकों या अन्य साधनों से लकड़ी ले जाकर मध्य प्रदेश में बेची जा रही है। वहीं बालाबेहट क्षेत्र में भी कीमती पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है।
विज्ञापन
अमझरा में 50 एकड़ की नर्सरी हो गई गायब
ललितपुर। शहर के चालीस किलोमीटर दूर गौना रेंज अंतर्गत अमझरा घाटी स्थित पेट्रोल पंप के पास करीब 50 एकड़ भूमि में निर्मित पूर्ण सुविधा युक्त नर्सरी भी गायब हो गई है। इस नर्सरी में विभिन्न किस्म की पौध तैयार की जाती थी। सागौन समेत विभिन्न प्रकार के कीमती पेड़ों के लिए नर्सरी पूरे क्षेत्र में पहचानी जाती थी। यहां कूप निर्माण, टीन शेड आदि सर्वसुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन यहां से सैकड़ों पेड़ अवैध रुप कटवा दिए गए और आज यह नर्सरी जीर्ण शीर्ण अवस्था में अपना वजूद तलाशती नजर आती है।
जड़ी बूटी का हो रहा अवैध भंडारण
ललितपुर। मड़ावरा, नाराहट एवं धौर्रा क्षेत्र में हजारों की तादाद में कीमती व लाभकारी जड़ी-बूटी युक्त पेड़ों का कटान भी किया जा रहा है। जड़ी बूटी केंद्र की स्थापना वन निगम द्वारा की जाती है, लेकिन जनपद में करीब तीन वर्ष पूर्व से वन निगम का कार्यालय या कोई केंद्र नहीं होने से जड़ी बूटियों का अवैध भंडारण किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में ही आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर अवैध भंडारण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा मध्य प्रदेश में जड़ी बूटी केंद्र का पंजीकरण कराकर इसे वहां पहुंचाया जा रहा है। पूर्व में वन विभाग द्वारा अवैध जड़ी बूटी भंडारण केंद्रों पर छापा मारे गए थे। जड़ी बूटी जब्त की गई थी। वन अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की गई, लेकिन अवैध भंडारण और अवैध कटान पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
अवैध कटान के मामले में ग्राम ठनगना में पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। जो भी मामले संज्ञान में आ रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। वीके जैन, डीएफओ