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Lalitpur News: 17 पशु चिकित्सकों के भरोसे 30 गोशालाओं के गोवंशों का इलाज

Tue, 25 Nov 2025 12:55 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:55 AM IST
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Treatment of cattle from 30 cow shelters is dependent on 17 veterinarians.
गोशालाओं में अटैचमेंट के सहारे चल रही गोवंश के उपचार की सुविधा
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कोई पशु चिकित्सक देख रहा तीन तो किसी के भरोसे दो गोशालाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद की गोशालाओं में गोवंश के उपचार की सुविधा अटैचमेंट के सहारे चल रही है। कोई पशु चिकित्सक तीन तो कोई दो गोशालाओं में पशुओं का उपचार कर रहे हैं। ऐसे में यदि अधिक पशु बीमार हो जाते हैं तो चिकित्सकों को उनके अंतर्गत आने वाली सभी गोशालाओं में समय से पहुंचकर गोवंश का उपचार करने में असुविधा होती है।
जनपद में 30 गोशालाएं विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। इनमें कई गोशालाओं में तो छह सौ या सात सौ तो कई में हजार से भी अधिक गोवंश रखे गए हैं। वहीं इन गोवंश की चिकित्सा सुविधा के लिए जनपद में सभी पशु चिकित्सालयों के 17 पशु चिकित्सकों को इन सभी गोशालाओं का जिम्मा सौंपा गया है। लेकिन इनकी संख्या कम होने के चलते कई चिकित्सकों को तीन, कुछ को दो या फिर कुछ को एक ही गोशाला का जिम्मा सौंपा गया है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अटैचमेंट के सहारे गोशालाओं में गोवंश के उपचार की सुविधा चल रही है। इन पशु चिकित्सकों द्वारा गोवंश के उपचार के साथ ही उनका वैक्सीनेशन भी किया जा रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार गोशाला में वैक्सीनेशन समय पर हो रहा है और पूरा भी हो गया है। इसके तहत यह वैक्सीनेशन गलाघोंटू बीमारी में दो बार और खुरपका मुंहपका में भी दो बार होता है, जो हो चुका है।
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22 कांजी हाउस में नहीं हैं कोई गोवंश
जिला पंचायत के अंतर्गत जनपद में अलग-अलग क्षेत्रों में 22 कांजी हाउस भी स्थित हैं जिनमें पशुओं को रखने की रखने की व्यवस्था है। हालांकि इनमें कोई गोवंश नहीं है।
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वर्जन
जिले में 17 पशु चिकित्सालय स्थित हैं जिनमें 17 पशु चिकित्सक हैं। इन सभी पशु चिकित्सकों को गोशालाओं में गोवंश के उपचार के लिए तैनात किया गया है, जो गोवंश को चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। - डॉ. भगवान सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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