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बनयाना में अधूरा पड़ा सामुदायिक शौचालय
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अधूरा पड़ा वनयाना गांव का शौचालय
- फोटो : LALITPUR
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डोंगरा खुर्द/ ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बनयाना में सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा है। इसकी अधिकांश निर्माण राशि की निकासी हो गई है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया है।
प्रधानमंत्री ने दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुुरूआत की थी, जिसका उद्देश्य था कि दो अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप स्वच्छ भारत बनाना था। इसी अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को साफ स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त बनाने के उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा निर्मल ग्राम योजना के तहत गांव में समुचित साफ सफाई कराकर शौचालयों का निर्माण कराया गया। इससे गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने में काफी मदद मिली। प्रदेश सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करके सभी गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इन शौचालयों की देखभाल और साफ सफाई करने वाले को छह हजार रुपये प्रतिमाह और तीन हजार रुपये सामग्री खरीदने को दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है।
ग्राम बनयाना गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। इससे इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चार लाख 34 हजार की राशि में से तीन लाख 21 हजार रुपये की राशि निकल चुकी है। इसके बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इससे कई ग्रामीण शौच क्रिया को खुले में जाने को मजबूर हैं। साथ ही शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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ग्राम बनयाना में सामुदायिक शौचालय पूर्ण नही हैं। निर्माण में गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जांच में कमी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - कमलेश रिछारिया, प्रभारी एडीओ पंचायत मड़ावरा
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प्रधानमंत्री ने दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुुरूआत की थी, जिसका उद्देश्य था कि दो अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप स्वच्छ भारत बनाना था। इसी अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को साफ स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त बनाने के उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा निर्मल ग्राम योजना के तहत गांव में समुचित साफ सफाई कराकर शौचालयों का निर्माण कराया गया। इससे गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने में काफी मदद मिली। प्रदेश सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करके सभी गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इन शौचालयों की देखभाल और साफ सफाई करने वाले को छह हजार रुपये प्रतिमाह और तीन हजार रुपये सामग्री खरीदने को दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है।
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ग्राम बनयाना गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। इससे इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चार लाख 34 हजार की राशि में से तीन लाख 21 हजार रुपये की राशि निकल चुकी है। इसके बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इससे कई ग्रामीण शौच क्रिया को खुले में जाने को मजबूर हैं। साथ ही शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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ग्राम बनयाना में सामुदायिक शौचालय पूर्ण नही हैं। निर्माण में गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जांच में कमी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - कमलेश रिछारिया, प्रभारी एडीओ पंचायत मड़ावरा