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Lalitpur News: आज बहनें भाइयों की कलाई में बांधेगीं रक्षा सूत्र
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ललितपुर। भाई-बहन के असीम प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व आज शुक्रवार को भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर मनाया जाएगा। भाई बहनों को रक्षा का वचन सहित उपहार देगें। रक्षाबंधन मनाने को लेकर बहनों का ससुराल से मायके पहुंचने का सिलसिला जारी है। रक्षाबंधन के एक दिन पूर्व बाजारों में जमकर राखियों की बिक्री हुई। बारिश के बावजूद बाजार में बहनें रंग-बिरंगी राखियां खरीदने में जुटी रहीं। दुकानों के अलावा ठेले पर राखियां सजाकर बेची जा रही हैं। मिठाई व रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर भी भीड़ देखी गई। रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए बाजार में राखियों की दुकानें सप्ताहभर से सजी हैं। बाजार में अनेक वैरायटी की राखियां बिक रही हैं। बाजार में पांच रुपए से लेकर महंगे दामों तक की राखियां उपलब्ध हैं। चांदी की राखियां भी बाजार में खूब बिक रही हैं। भाइयों को राखी बांधने बहुत-सी बहनें ससुराल से मायके पहुंच गई हैं। जो बहनें मायके नहीं जा पातीं उनके भाई स्वयं उनके घर पहुंचकर राखी बंधवाते हैं। वहीं दूसरी ओर जिन बहनों के भाई देश-परदेश में हैं, वह डाक के माध्यम से उन्हें राखियां भेज चुकी हैं। रक्षाबंधन पर्व को लेकर लोगों में उत्साह है।
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रक्षाबंधन को लेकर पौराणिक मान्यता
ऐसी मान्यता है कि जब भगवान श्री कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल-वध किया था तक उनकी उंगली कट गई और उसमें से रक्त बहने लगा। तब द्रौपदी ने बिना देर किए अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर भगवान कृष्ण की उंगली पर बांध दिया था। द्रौपदी के इस निस्वार्थ प्रेम और सेवा से भगवान कृष्ण अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने उसी क्षण द्रौपदी को वचन दिया कि वे हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करेंगे। जिसे उन्होंने समय आने पर पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
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रक्षाबंधन को लेकर पौराणिक मान्यता
ऐसी मान्यता है कि जब भगवान श्री कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल-वध किया था तक उनकी उंगली कट गई और उसमें से रक्त बहने लगा। तब द्रौपदी ने बिना देर किए अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर भगवान कृष्ण की उंगली पर बांध दिया था। द्रौपदी के इस निस्वार्थ प्रेम और सेवा से भगवान कृष्ण अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने उसी क्षण द्रौपदी को वचन दिया कि वे हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करेंगे। जिसे उन्होंने समय आने पर पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
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