फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   To save the accused of murder and rape, the police put up a false final report

हत्या और दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस ने लगाई झूठी अंतिम रिपोर्ट

Sat, 26 Jun 2021 02:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, महरौनी (ललितपुर)
अमर उजाला नेटवर्क, महरौनी (ललितपुर) Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 26 Jun 2021 02:44 AM IST
सार

  • तत्कालीन महरौनी कोतवाली प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, वर्तमान में मुरादाबाद में सीओ है
  • चार साल पहले हुई थी घटना, सीबीसीआईडी की जांच में हुई खुलासा 

विज्ञापन
To save the accused of murder and rape, the police put up a false final report
उत्तर प्रदेश पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चार साल पहले महरौनी थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में नामजद किए गए आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस ने झूठी अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। जांच करने वाले अफसर ने मृतका के कपड़ों को न फोरेंसिक लैब भेजा और न ही विसरा की जांच कराई। शासन के आदेश पर हुई सीबीसीआईडी जांच में पूरे मामले का खुलासा होने पर महरौनी के तत्कालीन कोतवाली प्रभारी महेश चंद्र गौतम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वर्तमान में महेश चंद्र गौतम मुरादाबाद में सीओ हैं।

विज्ञापन


वर्ष 2017 में महरौनी क्षेत्र की एक महिला की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना की शिकायत के बाद भी थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। बाद में पीड़ित पक्ष कोर्ट गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी महेंद्र सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। मामले को गलत बताया गया।
विज्ञापन


इस पर पीड़ित पक्ष ने राष्ट्रीय मानव आयोग नई दिल्ली को पत्र भेजकर पुलिस की मनमानी विवेचना की शिकायत की थी। सीबीसीआईडी से मामले की जांच कराए जाने की मांग की थी। शासन ने इस मामले में 26 मार्च 2018 को सीबीसीआईडी से जांच कराए जाने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीसीआईडी ने जांच के दौरान पाया कि महरौनी कोतवाली प्रभारी/विवेचक महेश चंद्र गौतम ने महिला के कपड़ों को कब्जे में लेकर एफएसएल (फॉरेंसिक लैब) नहीं भेजा था।  न ही विसरा परीक्षण कराया। और तो और घटना की रिपोर्ट भी न्यायालय के आदेश पर दर्ज की। सीबीसीआईडी ने महिला के कपड़ों की एफएसएल की जांच कराई। रिपोर्ट में महिला के कपड़ों में पाए स्पर्म अभियुक्त के स्पर्म से मेल खा गए। पाया गया कि तत्कालीन निरीक्षक/विवेचक ने अभियुक्त महेंद्र सिंह आदि को बचाने के उद्देश्य से झूठी अंतिम रिपोर्ट तैयार की थी। उन्होंने समय से रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की थी।


 अपराध शाखा अपराध अनुसंधान खंड कानपुर की निरीक्षक सुभद्रा वर्मा ने इस मामले में महरौनी थाने में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी महेश चंद्र गौतम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीबीसीआईडी की जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed