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टीकमगढ़-छतरपुर ट्रैक ‘ओके’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2016 01:10 AM IST
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railway line,lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। वर्षों से रेल सुविधा की बाट जोह रहे छतरपुर के लोगों का इंतजार खत्म होने वाला है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने अपनी जांच रिपोर्ट में टीकमगढ़ से छतरपुर तक निर्मित रेल मार्ग को पास कर दिया है। उन्होंने इस ट्रैक पर 75 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने को मंजूरी दी है।
ओके रिपोर्ट मिलने के बाद इस ट्रैक पर शीघ्र ही ट्रेन का संचालन शुरू होने की उम्मीद जाग गई हैं। निरीक्षण में सिग्नल में मिली कमियों को दूर कर दिया गया है। रेलवे ने इस रूट पर पड़ने वाले स्टेशनों पर कर्मचारियों की तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
टीकमगढ़ से छतरपुर रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रेल सेफ्टी कमिश्नर प्रभात कुमार बाजपेयी ने एक माह पूर्व टीकमगढ़ से छतरपुर रेल लाइन का दो दिवसीय निरीक्षण किया था, जिसमें पहले दिन टीकमगढ़ से छतरपुर तक ट्रॉली ट्रेन दौड़ाकर ट्रैक का निरीक्षण किया गया था, जबकि दूसरे दिन रेल इंजन में तीन बोगियां जोड़कर इस लाइन पर 80 किमी की स्पीड से ट्रेन दौड़ाकर रेल लाइन का निरीक्षण किया था।
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यहां सिग्नल में कुछ तकनीकी खराबी पाई गई थी, जिसके चलते रेल अधिकारियों को उनकी नाराजी भी झेलनी पड़ी थी। हालांकि, रेल ट्रैक संबंधी अन्य निर्माण कार्य पूरे पाए गए थे। जिस पर रेल अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान उस समय ही रेलवे सुरक्षा आयुक्त से हरी झंडी मिलने की पूर्ण संभावना जताई थी।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा रेलवे को इस ट्रैक पर 75 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन संचालन की अनुमति मिल गई है।
इस रूट पर वर्तमान में तक एकमात्र झांसी-टीकमगढ़ वाया ललितपुर पैसेंजर ट्रेन का ही संचालन हो रहा है।
यही ट्रेन टीकमगढ़ से आधा घंटा में वापस ललितपुर के लिए रवाना कर दी जाती है। ऐसे में ललितपुर-टीकमगढ़ व आसपास के रेल यात्रियों को एक मात्र ट्रेन होने के कारण यात्रा करने में असुविधा होती है। लेकिन, अब टीकमगढ़ से छतरपुर रेल संचालन शुरू होने से इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
ट्रेन के संचालन में जुटा रेलवे
टीकमगढ़-छतरपुर रेलवे लाइन पर ट्रेन का संचालन झांसी रेल मंडल द्वारा किया जाना है। अब सीआरएस की रिपोर्ट मिलने के बाद झांसी मंडल के रेलवे अधिकारी इस रूट पर ट्रेन के संचालन की तैयारियों में जुट गए हैं। यह ट्रैक पास होने पर टीकमगढ़ से छतरपुर तक ही ट्रेन संचालन की योजना बनाई जा रही है, इसके लिए रेलवे इस रूट पर बने रेलवे स्टेशन, ट्रेन संचालन संबंधी रेल कर्मियों की तैनाती में जुट गया है, जिसमें करीब एक माह का समय लग सकता है।
खजुराहो तक ट्रैक इसी साल होगा तैयार
छतरपुर रेलवे स्टेशन से आगे खजुराहो तक रेल ट्रैक का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। टीकमगढ़ से आगे मवई और खरगापुर रेलवे स्टेशन तक रेल ट्रैक बनकर पूर्ण रुप से तैयार हो चुका है। इस साल के अंत तक खजुराहो तक रेल ट्रैक बनकर तैयार होने की संभावना जताई गई है। इससे वर्ष 2017 में ललितपुर से खजुराहो तक रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन होने के साथ ही इस रूट पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
गिट्टी लेकर टीकमगढ़ पहुंची मालगाड़ी
सामान लेकर पहली बार टीकमगढ़ रेलवे स्टेेशन पर मालगाड़ी पहुंची। यह ट्रेन रात भर रेलवे टीकमगढ़ स्टेशन पर खड़ी रही। अगले दिन सोमवार की सुबह मालगाड़ी को छतरपुर के लिए रवाना किया गया। उपस्टेशन अधीक्षक टीकमगढ़ डीके चतुर्वेदी ने बताया कि मालागाड़ी में गिट्टी भरी हुई है, जिसे सोमवार को छतरपुर रवाना किया गया।
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ओके रिपोर्ट मिलने के बाद इस ट्रैक पर शीघ्र ही ट्रेन का संचालन शुरू होने की उम्मीद जाग गई हैं। निरीक्षण में सिग्नल में मिली कमियों को दूर कर दिया गया है। रेलवे ने इस रूट पर पड़ने वाले स्टेशनों पर कर्मचारियों की तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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टीकमगढ़ से छतरपुर रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रेल सेफ्टी कमिश्नर प्रभात कुमार बाजपेयी ने एक माह पूर्व टीकमगढ़ से छतरपुर रेल लाइन का दो दिवसीय निरीक्षण किया था, जिसमें पहले दिन टीकमगढ़ से छतरपुर तक ट्रॉली ट्रेन दौड़ाकर ट्रैक का निरीक्षण किया गया था, जबकि दूसरे दिन रेल इंजन में तीन बोगियां जोड़कर इस लाइन पर 80 किमी की स्पीड से ट्रेन दौड़ाकर रेल लाइन का निरीक्षण किया था।
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यहां सिग्नल में कुछ तकनीकी खराबी पाई गई थी, जिसके चलते रेल अधिकारियों को उनकी नाराजी भी झेलनी पड़ी थी। हालांकि, रेल ट्रैक संबंधी अन्य निर्माण कार्य पूरे पाए गए थे। जिस पर रेल अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान उस समय ही रेलवे सुरक्षा आयुक्त से हरी झंडी मिलने की पूर्ण संभावना जताई थी।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा रेलवे को इस ट्रैक पर 75 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन संचालन की अनुमति मिल गई है।
इस रूट पर वर्तमान में तक एकमात्र झांसी-टीकमगढ़ वाया ललितपुर पैसेंजर ट्रेन का ही संचालन हो रहा है।
यही ट्रेन टीकमगढ़ से आधा घंटा में वापस ललितपुर के लिए रवाना कर दी जाती है। ऐसे में ललितपुर-टीकमगढ़ व आसपास के रेल यात्रियों को एक मात्र ट्रेन होने के कारण यात्रा करने में असुविधा होती है। लेकिन, अब टीकमगढ़ से छतरपुर रेल संचालन शुरू होने से इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
ट्रेन के संचालन में जुटा रेलवे
टीकमगढ़-छतरपुर रेलवे लाइन पर ट्रेन का संचालन झांसी रेल मंडल द्वारा किया जाना है। अब सीआरएस की रिपोर्ट मिलने के बाद झांसी मंडल के रेलवे अधिकारी इस रूट पर ट्रेन के संचालन की तैयारियों में जुट गए हैं। यह ट्रैक पास होने पर टीकमगढ़ से छतरपुर तक ही ट्रेन संचालन की योजना बनाई जा रही है, इसके लिए रेलवे इस रूट पर बने रेलवे स्टेशन, ट्रेन संचालन संबंधी रेल कर्मियों की तैनाती में जुट गया है, जिसमें करीब एक माह का समय लग सकता है।
खजुराहो तक ट्रैक इसी साल होगा तैयार
छतरपुर रेलवे स्टेशन से आगे खजुराहो तक रेल ट्रैक का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। टीकमगढ़ से आगे मवई और खरगापुर रेलवे स्टेशन तक रेल ट्रैक बनकर पूर्ण रुप से तैयार हो चुका है। इस साल के अंत तक खजुराहो तक रेल ट्रैक बनकर तैयार होने की संभावना जताई गई है। इससे वर्ष 2017 में ललितपुर से खजुराहो तक रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन होने के साथ ही इस रूट पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
गिट्टी लेकर टीकमगढ़ पहुंची मालगाड़ी
सामान लेकर पहली बार टीकमगढ़ रेलवे स्टेेशन पर मालगाड़ी पहुंची। यह ट्रेन रात भर रेलवे टीकमगढ़ स्टेशन पर खड़ी रही। अगले दिन सोमवार की सुबह मालगाड़ी को छतरपुर के लिए रवाना किया गया। उपस्टेशन अधीक्षक टीकमगढ़ डीके चतुर्वेदी ने बताया कि मालागाड़ी में गिट्टी भरी हुई है, जिसे सोमवार को छतरपुर रवाना किया गया।