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Lalitpur News: अमझरा घाटी में दिखा बाघ, अकेले घर से न निकलने की सलाह
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गौना रेंज में अमझरा घाटी के समीप गोवंश वन्य बिहार बना है। यहां अक्सर तेंदुआ आदि देखे जाते हैं। साेमवार शाम को बाघ भी आ गया, जो गाेवंश आश्रय स्थल से होता हुआ सड़क पार कर जंगल में चला गया। वन विभाग अब इस इलाके में ट्रैप कैमरे लगा रहा है।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने नोडल अधिकारी टाइगर संरक्षण ललितपुर सतेंद्र सिंह तोमर के साथ अमझरा घाटी के वन्य क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां गोशाला के पीछे के क्षेत्र में लगे ट्रैप कैमरे का जायजा लिया। दो कैमरों का स्थान बदलवाया। इस क्षेत्र में भी तेंदुए एवं अन्य वन्य जीवों की मौजूदगी बताई गई है। वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी ने गोशाला में कार्यरत सभी कर्मियों को इकट्ठा कर ट्रेनिंग भी दी। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय जंगल के आसपास के क्षेत्र में जाने से बचें, अपने पशुओं को चराने के लिए न ले जाएं। रात्रि में जंगल से सटे ग्रामवासी अकेले घरों से न निकलें। यदि निकलना जरूरी है तो कम से कम दो लोग टॉर्च एवं लाठी लेकर ही बाहर जाएं। खेतों में अपने छोटे बच्चों को साथ न ले जाएं। झुक कर काम करने से बचें। बैठे या झुके हुए व्यक्ति को वन्य जीव दूर से सही दिखाई न देने से अपना शिकार समझ उस पर हमला कर सकता है। नोडल अधिकारी के साथ क्षेत्रीय वनाधिकारी गौना रेंज सुभाष, वन दरोगा सुभाष वर्मा, वनरक्षक भगत कुशवाह आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। गौना रेंज में अमझरा घाटी के समीप गोवंश वन्य बिहार बना है। यहां अक्सर तेंदुआ आदि देखे जाते हैं। साेमवार शाम को बाघ भी आ गया, जो गाेवंश आश्रय स्थल से होता हुआ सड़क पार कर जंगल में चला गया। वन विभाग अब इस इलाके में ट्रैप कैमरे लगा रहा है।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने नोडल अधिकारी टाइगर संरक्षण ललितपुर सतेंद्र सिंह तोमर के साथ अमझरा घाटी के वन्य क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां गोशाला के पीछे के क्षेत्र में लगे ट्रैप कैमरे का जायजा लिया। दो कैमरों का स्थान बदलवाया। इस क्षेत्र में भी तेंदुए एवं अन्य वन्य जीवों की मौजूदगी बताई गई है। वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी ने गोशाला में कार्यरत सभी कर्मियों को इकट्ठा कर ट्रेनिंग भी दी। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय जंगल के आसपास के क्षेत्र में जाने से बचें, अपने पशुओं को चराने के लिए न ले जाएं। रात्रि में जंगल से सटे ग्रामवासी अकेले घरों से न निकलें। यदि निकलना जरूरी है तो कम से कम दो लोग टॉर्च एवं लाठी लेकर ही बाहर जाएं। खेतों में अपने छोटे बच्चों को साथ न ले जाएं। झुक कर काम करने से बचें। बैठे या झुके हुए व्यक्ति को वन्य जीव दूर से सही दिखाई न देने से अपना शिकार समझ उस पर हमला कर सकता है। नोडल अधिकारी के साथ क्षेत्रीय वनाधिकारी गौना रेंज सुभाष, वन दरोगा सुभाष वर्मा, वनरक्षक भगत कुशवाह आदि मौजूद रहे।
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