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सियार के हमले से सास-बहू सहित तीन लोग घायल
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मड़ावरा। थाना क्षेत्र के गांव प्यासा में बृृहस्पतिवार को सुबह सियार के हमले से सास-बहू सहित तीन लोग घायल हो गए। ग्रामीणों की चीखपुकार से सियार भागा तो आसपास के लोगों ने उसे घेरकर लाठी डंडों से पीटकर मार डाला। वहीं घायलों को सीएचसी ले गए जहां उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें घर भेज दिया।
मड़ावरा थाना क्षेत्र के गांव प्यासा निवासी सावित्री (50) पत्नी दयाराम सुबह घर के सामने झाड़ू लगा रही थीं। इस दौरान सियार ने उन पर हमला कर दिया। सास की चीखपुकार सुनकर जब बहू सुनीता (40) पत्नी रामपाल उन्हें बचाने पहुंची तो सियार ने उसे भी लहूलुहान कर दिया। सास-बहू की चीख सुनकर पास के ग्रामीण लाठी डंडे लेकर दौड़े तो सियार गांव के एक घर में घुस गया और वहां सो रहे अशोक (32) पुत्र मौनलाल पर भी हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गया।
ग्रामीणों ने सियार को पागल बताते हुए घेरकर लाठी डंडों से पीटकर मार डाला। ग्रामीणों का कहना था कि यदि सियार को मारा न जाता तो वह गांव के छोटे बच्चों व अन्य लोगों पर भी हमला कर सकता था। परिजन घायलों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया।
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विभागीय कर्मियों को गांव भेजकर जानकारी ले रहे हैं। ग्रामीणों को सियार को मारना नहीं चाहिए था। वह जानकारी देते तो टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लेती। सियार पागल था या नहीं, इसके बारे में जांच के बाद ही पता चल सकेगा। - अशोक वर्मा, रेंजर, महरौनी रेंज
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मड़ावरा थाना क्षेत्र के गांव प्यासा निवासी सावित्री (50) पत्नी दयाराम सुबह घर के सामने झाड़ू लगा रही थीं। इस दौरान सियार ने उन पर हमला कर दिया। सास की चीखपुकार सुनकर जब बहू सुनीता (40) पत्नी रामपाल उन्हें बचाने पहुंची तो सियार ने उसे भी लहूलुहान कर दिया। सास-बहू की चीख सुनकर पास के ग्रामीण लाठी डंडे लेकर दौड़े तो सियार गांव के एक घर में घुस गया और वहां सो रहे अशोक (32) पुत्र मौनलाल पर भी हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गया।
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ग्रामीणों ने सियार को पागल बताते हुए घेरकर लाठी डंडों से पीटकर मार डाला। ग्रामीणों का कहना था कि यदि सियार को मारा न जाता तो वह गांव के छोटे बच्चों व अन्य लोगों पर भी हमला कर सकता था। परिजन घायलों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया।
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विभागीय कर्मियों को गांव भेजकर जानकारी ले रहे हैं। ग्रामीणों को सियार को मारना नहीं चाहिए था। वह जानकारी देते तो टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लेती। सियार पागल था या नहीं, इसके बारे में जांच के बाद ही पता चल सकेगा। - अशोक वर्मा, रेंजर, महरौनी रेंज