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चिह्नित स्थान तीन, अस्थाई ऑटो स्टैंड कई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:34 AM IST
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- फोटो : demo
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नगरीय क्षेत्र में ऑटो संचालन के लिए तीन स्थानों को स्टैंड के रूप में चिह्नित किया गया है, लेकिन ऑटो संचालकों की मनमानी के चलते कई स्थानों को अस्थाई ऑटो स्टैंड बना दिया गया है, जिसके चलते शहर की यातायात व्यवस्था चरमराती जा रही है। सर्कुलेटिंग एरिया में भी ऑटो संचालकों की मनमानी के चलते सड़क के दोनों ओर अस्थाई स्टैंड बनाने से अन्य वाहनों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।
यातायात विभाग द्वारा इन दिनों यातायात माह के चलते लोगों को नियमों के तहत पालन करने की सीख दी जा रही है। वहीं, यातायात विभाग की देखरेख में ही शहर में ऑटो के साथ-साथ अस्थाई ऑटो स्टैंड की संख्या में भी लगातार इजाफा होता जा रहा है। इससे शहर की यातायात आए दिन बिगड़ने से लोगों को असुविधा हो रही है। शहर में नगर पालिका द्वारा ऑटो खड़े होने के लिए तीन स्थानों नझाई बाजार गेट के पास, सदरकांटा पर एलआईयू ऑफिस के पास और सावरकर चौक पर अस्थाई ऑटो स्टैंड के रुप में चिह्नित किया गया है। लेकिन शहर में रेलवे स्टेशन तिराहा, वर्णी चौराहा, तुवन चौराहा, नझाई बाजार गेट, घंटाघर, सावरकर चौक, आजादचौक, जेल चौराहा, अभिलाषा पेट्रोल पंप, पानी की बड़ी टंकी के पास, इलाईट चौराहा समेत एक दर्जन स्थान अस्थाई ऑटो स्टैंड बन गए हैं, जहां एक साथ कई ऑटो खड़े होने से अन्य वाहनों व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। गत तीन वर्ष पूर्व शहर में वन-वे ट्रैफिक प्रणाली शुरू की गई थी, जिसके चलते शहर में प्रधान डाकघर के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल मूर्ति स्थल के पास ऑटो निकलने के लिए यातायात विभाग द्वारा सर्कुलेटिंग एरिया बनाया गया था, जिसके तहत स्टेशन की ओर से आने वाली ऑटो सदरकांटे से घूमकर सरदार पटेल मूर्ति स्थल से घूमकर स्टेशन रोड की ओर जाने सवारियां लेकर आगे जाने की प्रक्रिया लागू की गई थी और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ऑटो आगे बढ़ती रहेंगी। लेकिन अब यहां ऑटो संचालकों की मनमानी के चलते यह सर्कुलेटिंग एरिया अस्थाई ऑटो स्टैंड में तब्दील हो चुका है। साथ ही यहां अब हर समय सड़क के दोनों ओर ही ऑटो खड़े रहते हैं, जिससे कई बार तो जाम तक की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वहीं, ऐसा ही हाल तुवन चौराहा, सावरकर चौक, आजाद चौक व स्टेशन तिराहे का है, जहां यह स्थान अस्थाई ऑटो स्टैंड के रुप में तब्दील हो चुके हैं। वहीं शहर में पुरानी तहसील तिराहा, नदीपुल के पास व तालाबपुरा रोड पर आए दिन जाम की स्थिति बन जा रही है।
रेलवे स्टेशन की कॉलम व्यवस्था भी फेल
ललितुपर। यातायात विभाग द्वारा एआरटीओ व जीआरपी के सहयोग से रेलवे स्टेशन पर करीब तीन वर्ष पूर्व ऑटो खड़े करने और आवागमन के लिए कॉलम व्यवस्था लागू की गई थी, जिसके तहत ऑटो खड़ी करने के लिए निर्धारित कॉलम में रहकर ही आगे बढ़ने की व्यवस्था दी गई थी। इसके लिए जीआरपी को कॉलम व्यवस्था से ऑटो संचालन कराए जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन यह व्यवस्था भी अधिक दिनों तक नहीं चल सकी और रेलवे स्टेशन के बाहर एक साथ दर्जनों ऑटो अव्यवस्थित रूप से खड़ी रहती हैं। जिससे यात्रियों को भी निकलने में परेशानी होती है।
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क्षमता के अधिक संचालित हो रही ऑटो
ललितपुर। यातायात विभाग के सूत्रों की मानें शहर में मात्र दो सौ ऑटो संचालन की ही क्षमता है, जबकि शहर में करीब 1900 ऑटो का संचालन हो रहा है। यहां तक कि पूर्व में यातायात अधिकारियों ने शहर में बढ़ रही ऑटो के पंजीकरण रोकने के लिए एआरटीओ को सलाह दी थी। लेकिन ऑटो की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
रूट निर्धारण बना था ई-रिक्सा में बाधा
ललितपुर। सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा शहर में ई-रिक्सा संचालन के लिए करीब डेढ़ वर्ष पूर्व यातायात विभाग से रूट चार्ट मांगा गया था, लेकिन यातायात विभाग द्वारा बड़ी संख्या में ऑटो संचालन होने के चलते ई-रिक्सा के लिए निर्धारित रूट चार्ट देने में असमर्थता व्यक्त की गई थी।
यातायात को सुगम बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टैक्सी चालकों द्वारा कहीं स्टैंड बनाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- हिमांशु गौरव सीओ सदर/यातायात प्रभारी
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यातायात विभाग द्वारा इन दिनों यातायात माह के चलते लोगों को नियमों के तहत पालन करने की सीख दी जा रही है। वहीं, यातायात विभाग की देखरेख में ही शहर में ऑटो के साथ-साथ अस्थाई ऑटो स्टैंड की संख्या में भी लगातार इजाफा होता जा रहा है। इससे शहर की यातायात आए दिन बिगड़ने से लोगों को असुविधा हो रही है। शहर में नगर पालिका द्वारा ऑटो खड़े होने के लिए तीन स्थानों नझाई बाजार गेट के पास, सदरकांटा पर एलआईयू ऑफिस के पास और सावरकर चौक पर अस्थाई ऑटो स्टैंड के रुप में चिह्नित किया गया है। लेकिन शहर में रेलवे स्टेशन तिराहा, वर्णी चौराहा, तुवन चौराहा, नझाई बाजार गेट, घंटाघर, सावरकर चौक, आजादचौक, जेल चौराहा, अभिलाषा पेट्रोल पंप, पानी की बड़ी टंकी के पास, इलाईट चौराहा समेत एक दर्जन स्थान अस्थाई ऑटो स्टैंड बन गए हैं, जहां एक साथ कई ऑटो खड़े होने से अन्य वाहनों व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। गत तीन वर्ष पूर्व शहर में वन-वे ट्रैफिक प्रणाली शुरू की गई थी, जिसके चलते शहर में प्रधान डाकघर के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल मूर्ति स्थल के पास ऑटो निकलने के लिए यातायात विभाग द्वारा सर्कुलेटिंग एरिया बनाया गया था, जिसके तहत स्टेशन की ओर से आने वाली ऑटो सदरकांटे से घूमकर सरदार पटेल मूर्ति स्थल से घूमकर स्टेशन रोड की ओर जाने सवारियां लेकर आगे जाने की प्रक्रिया लागू की गई थी और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ऑटो आगे बढ़ती रहेंगी। लेकिन अब यहां ऑटो संचालकों की मनमानी के चलते यह सर्कुलेटिंग एरिया अस्थाई ऑटो स्टैंड में तब्दील हो चुका है। साथ ही यहां अब हर समय सड़क के दोनों ओर ही ऑटो खड़े रहते हैं, जिससे कई बार तो जाम तक की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वहीं, ऐसा ही हाल तुवन चौराहा, सावरकर चौक, आजाद चौक व स्टेशन तिराहे का है, जहां यह स्थान अस्थाई ऑटो स्टैंड के रुप में तब्दील हो चुके हैं। वहीं शहर में पुरानी तहसील तिराहा, नदीपुल के पास व तालाबपुरा रोड पर आए दिन जाम की स्थिति बन जा रही है।
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रेलवे स्टेशन की कॉलम व्यवस्था भी फेल
ललितुपर। यातायात विभाग द्वारा एआरटीओ व जीआरपी के सहयोग से रेलवे स्टेशन पर करीब तीन वर्ष पूर्व ऑटो खड़े करने और आवागमन के लिए कॉलम व्यवस्था लागू की गई थी, जिसके तहत ऑटो खड़ी करने के लिए निर्धारित कॉलम में रहकर ही आगे बढ़ने की व्यवस्था दी गई थी। इसके लिए जीआरपी को कॉलम व्यवस्था से ऑटो संचालन कराए जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन यह व्यवस्था भी अधिक दिनों तक नहीं चल सकी और रेलवे स्टेशन के बाहर एक साथ दर्जनों ऑटो अव्यवस्थित रूप से खड़ी रहती हैं। जिससे यात्रियों को भी निकलने में परेशानी होती है।
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क्षमता के अधिक संचालित हो रही ऑटो
ललितपुर। यातायात विभाग के सूत्रों की मानें शहर में मात्र दो सौ ऑटो संचालन की ही क्षमता है, जबकि शहर में करीब 1900 ऑटो का संचालन हो रहा है। यहां तक कि पूर्व में यातायात अधिकारियों ने शहर में बढ़ रही ऑटो के पंजीकरण रोकने के लिए एआरटीओ को सलाह दी थी। लेकिन ऑटो की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
रूट निर्धारण बना था ई-रिक्सा में बाधा
ललितपुर। सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा शहर में ई-रिक्सा संचालन के लिए करीब डेढ़ वर्ष पूर्व यातायात विभाग से रूट चार्ट मांगा गया था, लेकिन यातायात विभाग द्वारा बड़ी संख्या में ऑटो संचालन होने के चलते ई-रिक्सा के लिए निर्धारित रूट चार्ट देने में असमर्थता व्यक्त की गई थी।
यातायात को सुगम बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टैक्सी चालकों द्वारा कहीं स्टैंड बनाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- हिमांशु गौरव सीओ सदर/यातायात प्रभारी