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Lalitpur News: बांध के भरने में इस बार भी संशय
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ललितपुर। जामनी नदी पर निर्माणाधीन भौंरट बांध इस मानसून सीजन में भी लबालब नहीं भर पाएगा। कारण, वन विभाग से इसे भरने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र का न मिलना है। बांध के पूर्ण रूप से न भरे जाने के चलते किसानों को सिंचाई के लिए और इंतजार करना होगा। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध को पूर्ण क्षमता से भरने के लिए जल्द ही वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने की उम्मीद जता रहे हैं।
तहसील महरौनी क्षेत्र में वर्ष 2014 में करीब 700 करोड़ की लागत से जामनी नदी पर भौंरट बांध परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। 1600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई थी। बांध से आठ हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित किए जाने का लक्ष्य रखा है। करीब आठ हजार किसानों को लाभ मिलेगा। सिंचाई के लिए बांध से नहर, माइनर निर्मित कराए गए हैं। भौंरट बांध परियोजना का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
बांध में मानसून सीजन के पानी का भंडारण भी शुरू किया जा चुका है। लेकिन, बांध को पूरी क्षमता से भरने में वन विभाग की कुछ हेक्टेयर भूमि भराव क्षेत्र में प्रभावित हो रही है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन भी किया है।
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तहसील महरौनी क्षेत्र में वर्ष 2014 में करीब 700 करोड़ की लागत से जामनी नदी पर भौंरट बांध परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। 1600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई थी। बांध से आठ हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित किए जाने का लक्ष्य रखा है। करीब आठ हजार किसानों को लाभ मिलेगा। सिंचाई के लिए बांध से नहर, माइनर निर्मित कराए गए हैं। भौंरट बांध परियोजना का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
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बांध में मानसून सीजन के पानी का भंडारण भी शुरू किया जा चुका है। लेकिन, बांध को पूरी क्षमता से भरने में वन विभाग की कुछ हेक्टेयर भूमि भराव क्षेत्र में प्रभावित हो रही है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन भी किया है।
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