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ऐसा कायाकल्प कि बंद कर दिया अस्पताल

Thu, 07 Nov 2019 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 01:30 AM IST
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This rejuvenation closed hospital
कायाकल्प सम्मान समारोह में उपस्थित अधिकारी व कर्मचारी। - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिला महिला अस्पताल का स्टाफ बुधवार को शासन द्वारा दिए गए ‘कायाकल्प’ पुरस्कार का जश्न मनाने में व्यस्त रहा। बाकायदा समारोह का आयोजन किया गया। बड़ा पुरस्कार था लिहाजा पार्टी बनती भी थी लेकिन अस्पताल को बंद करके चले जाना यह ठीक नहीं थी। स्थिति यह रही कि महिलाएं इलाज के लिए भटकतीं रहीं। काफी देर तक ओपीडी न खुलने पर महिलाएं लौट गईं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी पुरस्कार मिलने पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरेंद्र चौहान ने कहा कि कायाकल्प पुरस्कार मिलने पर होटल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शामिल होने के लिए अस्पताल में स्टाफ की कमी की वजह से ओपीडी बंद करना पड़ा। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि कायाकल्प पुरस्कार मिलने के कारण अस्पताल बंद करने की जानकारी मिली है। इस पर सीएमएस से रिपोर्ट मांगी गई है।
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जिला महिला अस्पताल को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के मानकों पर खरा उतरने के कारण प्रदेश में कायाकल्प पुरस्कार योजना में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय गुणवत्ता के मानकों में 95.11 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। इस कारण अस्पताल स्टॉफ ने बुधवार को 12 बजे ही अस्पताल में ताला लगा दिया। इसके बाद सभी लोग जश्न मनाने के लिए होटल में चले गए। इसकी वजह से चिकित्सकों की ओपीडी, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण, पैथोलॉजी पंजीकरण, सैंपल कक्ष व पंजीकरण कक्ष पर ताले जड़ दिए गए। इतना ही नहीं, आकस्मिक विभाग में भी कोई चिकित्सक उपस्थित नहीं रहा। यहां इलाज के लिए आने वाली महिलाएं पर्चा बनवाने के लिए इधर- उधर भटकती रहीं। पर्चा बनना तो दूर इमरजेंसी विभाग के चिकित्सक भी नदारद रहे। महिला मरीज चिकित्सकों के इंतजार में बैठी रहीं। अंत में मायूस होकर बिना उपचार कराए ही लौट गईं।
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जिला महिला अस्पताल में शहर के अलावा आसपास की भी महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। 24 घंटे में 30 से 35 गर्भवती प्रसव के लिए आती हैं। ओपीडी में छह सौ से अधिक महिलाएं जांच एवं अपचार के लिए आती हैं। इस कारण अस्पताल में भीड़ बनी रहती है लेकिन, अस्पताल बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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कायाकल्प पुरस्कार योजना के तहत प्रदेश स्तरीय टीम जिला अस्पतालों का निरीक्षण करती है। इसमें अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच, इन्फेक्शन फैलने से रोकने की व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई व अन्य सुविधाओं की जांच की जाती है। बेहतर प्रदर्शन करने पर अवार्ड दिया जाता है।
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