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दिनभर आती जाती रही बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2016 12:17 AM IST
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electric, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। शनिवार को दिन भर जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाई रही। दिन भर बिजली आती जाती रही। लाइट की आंख मिचौनी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। झांसी के दुनारा में हेवी मेन लाइन में काम होने के कारण तथा कल्यानपुरा से निकली 220 केवीए लाइन का टावर ग्राम खिरिया में गिरने से परेशानी हुई। ऐसे में जनपदवासियों को पारीछा लाइन से जोड़कर आपूर्ति दी जा रही है।
बजाज पावर प्लांट व पारीछा थर्मल पावर प्लांट की इकाइयों से उत्पादन ठप होने के कारण जनपद की बिजली गत दिवस से बाधित चल रही थी। जबकि, रोंड़ा स्थित 132 केवीए सब स्टेशन पर 66 केवी लाइन का करंट ट्रांसफार्मर फटने से भी दो दिन तक नगर व तालबेहट समेत ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। शुक्रवार की शाम तक मुश्किल से बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी थी कि शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे बजाज पावर प्लांट की इकाई से फिर से सप्लाई बंद होने लगी, इस कारण कल्यानपुरा से दुनारा जाने वाली 220 केवी लाइन ट्रिप हो गई।
ऐसे में सुबह साढ़े आठ बजे जनपद की बिजली सप्लाई ठप हो गई। बिजली ठप होते ही ट्रांसमिशन अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पौने दो घंटे बाद सवा दस बजे पारीछा लाइन से जोड़कर जनपद की बिजली आपूर्ति बहाल कराई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को लोड नहीं दिया जा सका।
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दोपहर 12.50 बजे लोड के आदेश मिलने के बाद दोपहर 1.05 बजे ग्रामीण फीडरों को लोड दिया जा सका। वहीं, ओवरलोड होने के कारण रौंड़ा हाइडिल से शनिवार की दोपहर एक बजे 33 केवी लाइन ट्रिप हो गई, जो दस मिनट बाद लगाई गई, लेकिन आपूर्ति सुचारु करते ही गल्ला मंडी सब स्टेशन से नझाई सब स्टेशन जाने वाली 33 केवी लाइन के फ्यूज उड़ गए, इस कारण दोपहर 1.40 बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी। अभी बिजली मिली ही थी कि बीस मिनट बाद दो बजे फिर से 33 केवीए लाइन रोंड़ा से ट्रिप हो गई।
बीएसएनएल से संचार सेवा फेल होने के कारण विद्युत वितरण अधिकारियों का संपर्क भी ट्रांसमिशन से कट गया। हालांकि, रोंड़ा से दस मिनट में बिजली सप्लाई सुचारु कर दी गई, लेकिन शनिवार को दोपहर 2.45 बजे तेज हवा व आंधी आने के कारण कल्यानपुरा से दुनारा जाने वाली 220 केवी लाइन का टावर खिरिया गांव में गिर गया, जिससे जनपद की बिजली फिर से ठप हो गई।
जानकारी मिलने पर ट्रांसमिशन अधिकारियों द्वारा टावर लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया, जो देर शाम तक जारी रहा। हालांकि, कुछ देर बाद जनपद की आपूर्ति पारीछा लाइन से सुचारु कर दी गई।
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बजाज पावर प्लांट व पारीछा थर्मल पावर प्लांट की इकाइयों से उत्पादन ठप होने के कारण जनपद की बिजली गत दिवस से बाधित चल रही थी। जबकि, रोंड़ा स्थित 132 केवीए सब स्टेशन पर 66 केवी लाइन का करंट ट्रांसफार्मर फटने से भी दो दिन तक नगर व तालबेहट समेत ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। शुक्रवार की शाम तक मुश्किल से बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी थी कि शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे बजाज पावर प्लांट की इकाई से फिर से सप्लाई बंद होने लगी, इस कारण कल्यानपुरा से दुनारा जाने वाली 220 केवी लाइन ट्रिप हो गई।
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ऐसे में सुबह साढ़े आठ बजे जनपद की बिजली सप्लाई ठप हो गई। बिजली ठप होते ही ट्रांसमिशन अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पौने दो घंटे बाद सवा दस बजे पारीछा लाइन से जोड़कर जनपद की बिजली आपूर्ति बहाल कराई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को लोड नहीं दिया जा सका।
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दोपहर 12.50 बजे लोड के आदेश मिलने के बाद दोपहर 1.05 बजे ग्रामीण फीडरों को लोड दिया जा सका। वहीं, ओवरलोड होने के कारण रौंड़ा हाइडिल से शनिवार की दोपहर एक बजे 33 केवी लाइन ट्रिप हो गई, जो दस मिनट बाद लगाई गई, लेकिन आपूर्ति सुचारु करते ही गल्ला मंडी सब स्टेशन से नझाई सब स्टेशन जाने वाली 33 केवी लाइन के फ्यूज उड़ गए, इस कारण दोपहर 1.40 बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी। अभी बिजली मिली ही थी कि बीस मिनट बाद दो बजे फिर से 33 केवीए लाइन रोंड़ा से ट्रिप हो गई।
बीएसएनएल से संचार सेवा फेल होने के कारण विद्युत वितरण अधिकारियों का संपर्क भी ट्रांसमिशन से कट गया। हालांकि, रोंड़ा से दस मिनट में बिजली सप्लाई सुचारु कर दी गई, लेकिन शनिवार को दोपहर 2.45 बजे तेज हवा व आंधी आने के कारण कल्यानपुरा से दुनारा जाने वाली 220 केवी लाइन का टावर खिरिया गांव में गिर गया, जिससे जनपद की बिजली फिर से ठप हो गई।
जानकारी मिलने पर ट्रांसमिशन अधिकारियों द्वारा टावर लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया, जो देर शाम तक जारी रहा। हालांकि, कुछ देर बाद जनपद की आपूर्ति पारीछा लाइन से सुचारु कर दी गई।