{"_id":"64dd28e9eb96013aaa0c67e9","slug":"the-young-man-cut-his-neck-in-the-temple-serious-lalitpur-news-c-131-1-ltp1002-2370-2023-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: मंदिर में युवक ने काटी अपनी गर्दन, गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: मंदिर में युवक ने काटी अपनी गर्दन, गंभीर
Thu, 17 Aug 2023 01:22 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Thu, 17 Aug 2023 01:22 AM IST
विज्ञापन
शिवजी को चढ़ाने गया था सिर, मंदिर में ही अचेत होकर गिर पड़ा, परिजन अस्पताल ले गए
मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर, कॉपी के पन्नों पर लिखा-परिवार की भलाई के लिए भगवान को सिर अर्पण कर रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रघुनाथपुरा निवासी एक युवक दीपक ने मंगलवार को मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने के दौरान लकड़ी काटने वाली कटर मशीन से अपनी गर्दन काटने की कोशिश की। लहूलुहान हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देख उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया।
घायल के भाई देशराज ने बताया कि दीपक ने एक कॉपी के पन्नों पर लिखा कि है वह अपने परिवार की भलाई के लिए भगवान शिव को अपना सिर अर्पण कर रहा है। थाना कोतवाली के अंतर्गत ग्राम रघुनाथपुरा निवासी पलटूराम कुशवाहा के 28 वर्षीय पुत्र दीपक ने सोमवार की रात एक कॉपी के चार पन्नों पर अपने आपको ईश्वर के चरणों में समर्पित होने की बात लिखी। इसमें उसने अपने माता-पिता और परिवार की स्थिति भी लिखी है।
इसके बाद दीपक मंगलवार तड़के घर के निकट स्थित मंदिर में गया और भगवान शिव सहित अन्य देवी देवताओं का पूजन किया। इसी दौरान उसने अपने साथ लाए कटर मशीन (लकड़ी काटने वाला) को गर्दन पर रखकर पीछे से रेतना शुरू किया। लेकिन, खून अधिक बहने से वह तुरंत ही अचेत हो गया और मंदिर में ही गिर पड़ा। सुबह करीब पांच बजे गांव के श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो दीपक अचेत पड़ा था। उसी के पास कटर पड़ा मिला।
विज्ञापन
इस पर गांववालों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक उसकी हालत में कुछ सुधार है। उसके आठ वर्षीय एक पुत्र व पांच वर्षीय एक पुत्री है।
युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसका जवाब न तो परिवार के पास है, न ही गांव के लोगों के पास। युवक खेती करता है, लेकिन अधिकांश समय वह पूजा पाठ में ही लगता है। परिजनों का कहना है कि दीपक के ठीक होने के बाद ही बता सकेंगे कि उसने अपना गला क्यों रेता। अपनी जान लेने की कोशिश क्यों की।
तीन माह पहले लाया था कटर मशीन
दीपक के भाई शिवराज ने बताया कि वह करीब तीन माह पहले कटर मशीन बाजार से खरीदकर लाया था। परिजनों के पूछने पर उसने कहा कि पेड़ों की कटिंग के लिए लाया है, लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था कि वह इस मशीन से अपना सिर काटने की कोशिश कर सकता है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हरिशंकर चंद्र का कहना है कि इस मामले की जांच भी की जा रही है। युवक मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।
खेती और मेहनत मजदूरी कर चलाते हैं परिवार
सामूहिक परिवार के भरण पोषण के लिए पलटूराम के नाम पर करीब 4.67 डिसमिल खेत हैं, इसी से वह चार पुत्रों के परिवार के साथ गुजारा करते हैं। उन्होंने बताया कि उसके बेटे मेहनत मजदूरी कर भी कुछ कमा लेते हैं जिससे सभी का गुजारा हो रहा है। उन्होंने बताया कि दीपक परिवार में चार भाइयों के बीच दूसरे नंबर का है। शादी के बाद वह परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा था लेकिन उसका अधिकतर समय पूजा-पाठ में ही व्यतीत होता था।
दीपक बोला-उसे सपने में दिखते हैं भोलेनाथ
झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल दीपक ने परिजनों को बताया कि वह शिव जी भक्त का भक्त है। उसे कई बार भोलेनाथ सपने में भी दिखे हैं, उसे अपने किए पर कोई मलाल नहीं है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर, कॉपी के पन्नों पर लिखा-परिवार की भलाई के लिए भगवान को सिर अर्पण कर रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रघुनाथपुरा निवासी एक युवक दीपक ने मंगलवार को मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने के दौरान लकड़ी काटने वाली कटर मशीन से अपनी गर्दन काटने की कोशिश की। लहूलुहान हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देख उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया।
घायल के भाई देशराज ने बताया कि दीपक ने एक कॉपी के पन्नों पर लिखा कि है वह अपने परिवार की भलाई के लिए भगवान शिव को अपना सिर अर्पण कर रहा है। थाना कोतवाली के अंतर्गत ग्राम रघुनाथपुरा निवासी पलटूराम कुशवाहा के 28 वर्षीय पुत्र दीपक ने सोमवार की रात एक कॉपी के चार पन्नों पर अपने आपको ईश्वर के चरणों में समर्पित होने की बात लिखी। इसमें उसने अपने माता-पिता और परिवार की स्थिति भी लिखी है।
विज्ञापन
इसके बाद दीपक मंगलवार तड़के घर के निकट स्थित मंदिर में गया और भगवान शिव सहित अन्य देवी देवताओं का पूजन किया। इसी दौरान उसने अपने साथ लाए कटर मशीन (लकड़ी काटने वाला) को गर्दन पर रखकर पीछे से रेतना शुरू किया। लेकिन, खून अधिक बहने से वह तुरंत ही अचेत हो गया और मंदिर में ही गिर पड़ा। सुबह करीब पांच बजे गांव के श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो दीपक अचेत पड़ा था। उसी के पास कटर पड़ा मिला।
विज्ञापन
इस पर गांववालों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक उसकी हालत में कुछ सुधार है। उसके आठ वर्षीय एक पुत्र व पांच वर्षीय एक पुत्री है।
युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसका जवाब न तो परिवार के पास है, न ही गांव के लोगों के पास। युवक खेती करता है, लेकिन अधिकांश समय वह पूजा पाठ में ही लगता है। परिजनों का कहना है कि दीपक के ठीक होने के बाद ही बता सकेंगे कि उसने अपना गला क्यों रेता। अपनी जान लेने की कोशिश क्यों की।
तीन माह पहले लाया था कटर मशीन
दीपक के भाई शिवराज ने बताया कि वह करीब तीन माह पहले कटर मशीन बाजार से खरीदकर लाया था। परिजनों के पूछने पर उसने कहा कि पेड़ों की कटिंग के लिए लाया है, लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था कि वह इस मशीन से अपना सिर काटने की कोशिश कर सकता है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हरिशंकर चंद्र का कहना है कि इस मामले की जांच भी की जा रही है। युवक मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।
खेती और मेहनत मजदूरी कर चलाते हैं परिवार
सामूहिक परिवार के भरण पोषण के लिए पलटूराम के नाम पर करीब 4.67 डिसमिल खेत हैं, इसी से वह चार पुत्रों के परिवार के साथ गुजारा करते हैं। उन्होंने बताया कि उसके बेटे मेहनत मजदूरी कर भी कुछ कमा लेते हैं जिससे सभी का गुजारा हो रहा है। उन्होंने बताया कि दीपक परिवार में चार भाइयों के बीच दूसरे नंबर का है। शादी के बाद वह परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा था लेकिन उसका अधिकतर समय पूजा-पाठ में ही व्यतीत होता था।
दीपक बोला-उसे सपने में दिखते हैं भोलेनाथ
झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल दीपक ने परिजनों को बताया कि वह शिव जी भक्त का भक्त है। उसे कई बार भोलेनाथ सपने में भी दिखे हैं, उसे अपने किए पर कोई मलाल नहीं है।