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Lalitpur News: फीडर से लाइन जोड़ने का काम अब अंतिम चरण में
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आठ पाइप पेयजल परियोजनाओं के 21 स्थानों पर बिजली की लाइन बिछाने का काम अब अंतिम चरण में है। फीडर से जुड़ जाने के बाद पानी की सप्लाई बिजली के जरिये शुरू हो जाएगी। अभी तक जनरेटर से मोटर चलाकर पानी की सप्लाई की जा रही थी।
हर घर जल नल योजना के तहत धौर्रा, जाखलौन, कड़ेसरा, मड़ावरा, बिल्ला-मोगान, बदनपुर, सिंदवाहा-मसौरा और टोरी ग्राम समूह पाइप पेयजल योजनाओं के 21 स्थानों पर बिजली की लाइन वन क्षेत्र से गुजरनी थी। इसकी लंबाई करीब डेढ़ सौ किलोमीटर थी। वन क्षेत्र में लाइन बिछाने के लिए विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए दस करोड़ रुपये जमा किए गए थे। इसके बाद वन विभाग ने इन स्थानों के लिए एनओसी जारी कर दी थी।
एनओसी मिलने के बाद कार्यदायी संस्थाओं ने लाइन बिछाते हुए फीडर से जोड़ने का काम शुरू कर दिया था। यह काम अब अंतिम चरण में है।
जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। इंटेकवेल, सीडब्ल्यूआर चलाने के लिए बनाए गए फीडर तक लाइन पहुंच जाने से बिजली के माध्यम से मोटर चलेगी।
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ललितपुर। आठ पाइप पेयजल परियोजनाओं के 21 स्थानों पर बिजली की लाइन बिछाने का काम अब अंतिम चरण में है। फीडर से जुड़ जाने के बाद पानी की सप्लाई बिजली के जरिये शुरू हो जाएगी। अभी तक जनरेटर से मोटर चलाकर पानी की सप्लाई की जा रही थी।
हर घर जल नल योजना के तहत धौर्रा, जाखलौन, कड़ेसरा, मड़ावरा, बिल्ला-मोगान, बदनपुर, सिंदवाहा-मसौरा और टोरी ग्राम समूह पाइप पेयजल योजनाओं के 21 स्थानों पर बिजली की लाइन वन क्षेत्र से गुजरनी थी। इसकी लंबाई करीब डेढ़ सौ किलोमीटर थी। वन क्षेत्र में लाइन बिछाने के लिए विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए दस करोड़ रुपये जमा किए गए थे। इसके बाद वन विभाग ने इन स्थानों के लिए एनओसी जारी कर दी थी।
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एनओसी मिलने के बाद कार्यदायी संस्थाओं ने लाइन बिछाते हुए फीडर से जोड़ने का काम शुरू कर दिया था। यह काम अब अंतिम चरण में है।
जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। इंटेकवेल, सीडब्ल्यूआर चलाने के लिए बनाए गए फीडर तक लाइन पहुंच जाने से बिजली के माध्यम से मोटर चलेगी।