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Lalitpur News: तत्कालीन एक्सईएन सिंचाई के कार्यों की होगी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम के खिलाफ जांच प्रारंभ कर दी है। इसके लिए उन्होंने दो सदस्यीय टीम का गठन किया है। सिंचाई विभाग से 20 नवंबर तक साक्ष्य मांगे गए हैं।
तत्कालीन अधिशासी अभियंता भागीरथ के खिलाफ करोड़ों रुपये की धनराशि के वर्कऑर्डर जारी करने व शासकीय धन के बंदरबांट की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी है। मुख्य विकास अधिकारी ने इसकी विस्तृत जांच जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश सिंह, सहायक अभियंता रोहित त्रिपाठी को सौंपी है।
जांच टीम ने सिंचाई विभाग से कचनौंदा बांध परियोजना में वितरित मुआवजा संबंधी अभिलेख, अधिशासी अभियंता के कार्यकाल के एग्रीमेंट व वर्कऑर्डर संबंधी पत्रावली, कचनौंदा बांध परियोजना से संबंधित विभागीय गाइडलाइन को मांगा है। शिकायतें काफी समय से चल रही थीं, लेकिन प्रशासन के सख्त रवैये से ऐसा लग रहा है कि अब सिंचाई विभाग में फैले भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगेंगी।
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ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम के खिलाफ जांच प्रारंभ कर दी है। इसके लिए उन्होंने दो सदस्यीय टीम का गठन किया है। सिंचाई विभाग से 20 नवंबर तक साक्ष्य मांगे गए हैं।
तत्कालीन अधिशासी अभियंता भागीरथ के खिलाफ करोड़ों रुपये की धनराशि के वर्कऑर्डर जारी करने व शासकीय धन के बंदरबांट की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी है। मुख्य विकास अधिकारी ने इसकी विस्तृत जांच जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश सिंह, सहायक अभियंता रोहित त्रिपाठी को सौंपी है।
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जांच टीम ने सिंचाई विभाग से कचनौंदा बांध परियोजना में वितरित मुआवजा संबंधी अभिलेख, अधिशासी अभियंता के कार्यकाल के एग्रीमेंट व वर्कऑर्डर संबंधी पत्रावली, कचनौंदा बांध परियोजना से संबंधित विभागीय गाइडलाइन को मांगा है। शिकायतें काफी समय से चल रही थीं, लेकिन प्रशासन के सख्त रवैये से ऐसा लग रहा है कि अब सिंचाई विभाग में फैले भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगेंगी।
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