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मंदिर का लेंटर डालते समय सटरिंग गिरी
Lalitpur
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:23 AM IST
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मंदिर का लेंटर डालते समय सटरिंग गिरी
- फोटो : Amar Ujala
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ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के मसौराकलां गांव से कुछ दूर पहले स्थित निर्माणाधीन मंदिर की छत डालते समय पूरी सटरिंग टूट कर गिर गई। हादसे के समय करीब 60 मजदूर काम कर रहे थे, गनीमत रही एक मजदूर को छोड़कर किसी को ज्यादा चोट नहीं आई। घायल मजदूर को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 26 के किनारे कालोनी विकसित हो रही है। इसी कालोनी के अंदर मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। शनिवार को मंदिर की दूसरी मंजिल की छत डाली जा रही थी। लेंटर डालने के लिए करीब 60 मजदूर व कारीगर काम कर रहे थे। छह हजार वर्ग फुट की छत के लिए कंक्रीट लिफ्ट से दूसरी मंजिल पहुंचाया जा रहा था। मंदिर के भीतर बीच का हिस्सा हाल के रूप में बनाया जा रहा है, जिसकी छत के लिए दो बल्लियों को जोड़कर सटरिंग बनाई गई थी। कंक्रीट डालते समय कुछ बल्लियों के टूट जाने से सटरिंग गिरने लगी, सटरिंग गिरने की आहट पाकर सभी मजदूरों ने किनारे होकर जान बचाई। लेकिन कस्बा बार निवासी बलराम कुशवाहा सटरिंग व कंक्रीट के साथ दूसरी मंजिल से नीचे आ गिरा। बलराम को साथी मजदूरों ने बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। घायल मजदूर को ज्यादा चोटें नहीं आई, लेकिन सदमे में आ गया। इलाज के लिए से भर्ती करा दिया गया है।
टल गया बड़ा हादसा
करीब छह हजार वर्ग फुट की छत डालने के लिए लगे 60 मजदूरों ने अगर सतर्कता नहीं दिखाई होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मंदिर के बीच वाले हिस्से को हाल के रूप में बनाया जा रहा है, जबकि किनारों के हिस्से को दो मंजिल के रूप में बनाया गया है। बीच वाले हिस्से की छत बनाने के लिए कई बल्लियों को आपस में जोड़ा गया था। इन्हीं बल्लियों में से कुछ के टूट जाने से हादसा हो गया। बलराम कुशवाहा के कंक्रीट में दबने के कारण सदमे में आ गया। सदमे के कारण करीब दो घंटे उसकी मुंह से आवाज ही नहीं निकली। मजदूरों ने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि बड़ा हादसा टल गया।
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राष्ट्रीय राजमार्ग 26 के किनारे कालोनी विकसित हो रही है। इसी कालोनी के अंदर मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। शनिवार को मंदिर की दूसरी मंजिल की छत डाली जा रही थी। लेंटर डालने के लिए करीब 60 मजदूर व कारीगर काम कर रहे थे। छह हजार वर्ग फुट की छत के लिए कंक्रीट लिफ्ट से दूसरी मंजिल पहुंचाया जा रहा था। मंदिर के भीतर बीच का हिस्सा हाल के रूप में बनाया जा रहा है, जिसकी छत के लिए दो बल्लियों को जोड़कर सटरिंग बनाई गई थी। कंक्रीट डालते समय कुछ बल्लियों के टूट जाने से सटरिंग गिरने लगी, सटरिंग गिरने की आहट पाकर सभी मजदूरों ने किनारे होकर जान बचाई। लेकिन कस्बा बार निवासी बलराम कुशवाहा सटरिंग व कंक्रीट के साथ दूसरी मंजिल से नीचे आ गिरा। बलराम को साथी मजदूरों ने बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। घायल मजदूर को ज्यादा चोटें नहीं आई, लेकिन सदमे में आ गया। इलाज के लिए से भर्ती करा दिया गया है।
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टल गया बड़ा हादसा
करीब छह हजार वर्ग फुट की छत डालने के लिए लगे 60 मजदूरों ने अगर सतर्कता नहीं दिखाई होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मंदिर के बीच वाले हिस्से को हाल के रूप में बनाया जा रहा है, जबकि किनारों के हिस्से को दो मंजिल के रूप में बनाया गया है। बीच वाले हिस्से की छत बनाने के लिए कई बल्लियों को आपस में जोड़ा गया था। इन्हीं बल्लियों में से कुछ के टूट जाने से हादसा हो गया। बलराम कुशवाहा के कंक्रीट में दबने के कारण सदमे में आ गया। सदमे के कारण करीब दो घंटे उसकी मुंह से आवाज ही नहीं निकली। मजदूरों ने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि बड़ा हादसा टल गया।
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