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हड़ताल पड़ी महंगी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:52 AM IST
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nagr palika, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को चार दिनों की कामबंद हड़ताल करना काफी महंगा पड़ गया है। अधिशासी अधिकारी ने स्थायी व संविदा सफाई कर्मचारियों का चार दिन का वेेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। वहीं आउट सोर्सिंग के माध्यम से लगाए गए 150 कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। उधर, इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। शहर के कई मुहल्ले व बस्तियां ऐसी हैं, जहां गंदगी के अंबार लगे हुए हैं।
नगर पालिका में 51 पदों पर संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। इन पदों पर लागू आरक्षण के विरोध में नगर पालिका के समस्त वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों ने चार दिवसीय कामबंद हड़ताल की थी। कर्मचारियों ने 26 जुलाई से 29 जुलाई तक हड़ताल की थी, इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर व सड़कों पर जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
इस हड़ताल में नगर पालिका में आउट सोर्सिंग पर तैनात 150 कर्मचारी भी शामिल हो गए थे। अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने 27 जुलाई को आउट सोर्सिंग एजेंसी को नोटिस जारी करके साफ चेतावनी दी थी, यदि एजेंसी द्वारा सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
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29 जुलाई को कर्मचारी हड़ताल बंद कर काम पर आ गए थे, लेकिन नगर पालिका द्वारा आउट सोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों को हटा दिया है। विभाग की इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने कार्यालय में कचरा फैलाया था और हड़ताल खत्म कराने आए अधिकारियों की बात को भी दरकिनार कर दिया था।
अधिकारियों को मनाने में जुटे सफाई कर्मचारी
हड़ताल के दौरान नगर पालिका के 81 स्थायी व 222 संविदा सफाई कर्मचारी ने काम बंद हड़ताल की थी। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी ने 27 जुलाई को नोटिस जारी किया था कि सफाई कर्मचारी बिना किसी सूचना व अवकाश लिए हड़ताल पर चले गए हैं, इनका वेतन काटा जाएगा। हड़ताल तो 29 जुलाई को समाप्त हो चुकी है, लेकिन हड़तालियों पर विभाग की तलवार अभी भी लटकी हुई है।
वेतन काटे जाने के भय के कारण स्वास्थ्य नायक सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर कार्यालय में उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इस वजह से अब तक माह जुलाई का वेतन भी तैयार नहीं हो पा रहा है। समस्त कर्मचारी अधिशासी अधिकारी व नगर पालिका अध्यक्ष को मनाने में लगे हुए हैं। सफाई कर्मचारियों को यह उम्मीद है कि वह रक्षाबंधन त्यौहार के पहले अधिकारियों को मनाकर हड़ताल के चार दिनों का अवकाश लगवाकर वेतन पा लेंगे।
कर्मचारियों को सता रही त्यौहार की समस्या
नगर पालिका ने विभिन्न कारणों के चलते आउट सोर्सिंग के माध्यम से तैनात 150 सफाई कर्मचारियों की सेवा माह अगस्त से समाप्त कर दी है। इसके पीछे का कारण विभागीय बजट की कमी हो या फिर कोई अन्य वजह, लेकिन बेरोजगार हो चुके इन 150 कर्मचारियों को रक्षाबंधन के त्यौहार की चिंता सताने लगी है।
इन कर्मचारियों में लगभग सभी लोग मजदूर वर्ग के हैं और आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर है। कर्मचारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल को ज्ञापन सौंपकर आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा शुभारंभ करने की मांग की है। ज्ञापन पर आशीष अहरिया, संजय वाल्मीकि, सनी बाबरा, अमित, कुंजबिहारी, प्रियंक आदि के हस्ताक्षर हैं।
आउट सोर्सिंग सफाई कर्मियों के ठेके की समयसीमा समाप्त हो गई थी। बोर्ड मीटिंग में दोबारा टेंडर निकालने का निर्णय होने के बाद भर्ती की जाएगी। राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
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नगर पालिका में 51 पदों पर संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। इन पदों पर लागू आरक्षण के विरोध में नगर पालिका के समस्त वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों ने चार दिवसीय कामबंद हड़ताल की थी। कर्मचारियों ने 26 जुलाई से 29 जुलाई तक हड़ताल की थी, इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर व सड़कों पर जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
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इस हड़ताल में नगर पालिका में आउट सोर्सिंग पर तैनात 150 कर्मचारी भी शामिल हो गए थे। अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने 27 जुलाई को आउट सोर्सिंग एजेंसी को नोटिस जारी करके साफ चेतावनी दी थी, यदि एजेंसी द्वारा सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
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29 जुलाई को कर्मचारी हड़ताल बंद कर काम पर आ गए थे, लेकिन नगर पालिका द्वारा आउट सोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों को हटा दिया है। विभाग की इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने कार्यालय में कचरा फैलाया था और हड़ताल खत्म कराने आए अधिकारियों की बात को भी दरकिनार कर दिया था।
अधिकारियों को मनाने में जुटे सफाई कर्मचारी
हड़ताल के दौरान नगर पालिका के 81 स्थायी व 222 संविदा सफाई कर्मचारी ने काम बंद हड़ताल की थी। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी ने 27 जुलाई को नोटिस जारी किया था कि सफाई कर्मचारी बिना किसी सूचना व अवकाश लिए हड़ताल पर चले गए हैं, इनका वेतन काटा जाएगा। हड़ताल तो 29 जुलाई को समाप्त हो चुकी है, लेकिन हड़तालियों पर विभाग की तलवार अभी भी लटकी हुई है।
वेतन काटे जाने के भय के कारण स्वास्थ्य नायक सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर कार्यालय में उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इस वजह से अब तक माह जुलाई का वेतन भी तैयार नहीं हो पा रहा है। समस्त कर्मचारी अधिशासी अधिकारी व नगर पालिका अध्यक्ष को मनाने में लगे हुए हैं। सफाई कर्मचारियों को यह उम्मीद है कि वह रक्षाबंधन त्यौहार के पहले अधिकारियों को मनाकर हड़ताल के चार दिनों का अवकाश लगवाकर वेतन पा लेंगे।
कर्मचारियों को सता रही त्यौहार की समस्या
नगर पालिका ने विभिन्न कारणों के चलते आउट सोर्सिंग के माध्यम से तैनात 150 सफाई कर्मचारियों की सेवा माह अगस्त से समाप्त कर दी है। इसके पीछे का कारण विभागीय बजट की कमी हो या फिर कोई अन्य वजह, लेकिन बेरोजगार हो चुके इन 150 कर्मचारियों को रक्षाबंधन के त्यौहार की चिंता सताने लगी है।
इन कर्मचारियों में लगभग सभी लोग मजदूर वर्ग के हैं और आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर है। कर्मचारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल को ज्ञापन सौंपकर आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा शुभारंभ करने की मांग की है। ज्ञापन पर आशीष अहरिया, संजय वाल्मीकि, सनी बाबरा, अमित, कुंजबिहारी, प्रियंक आदि के हस्ताक्षर हैं।
आउट सोर्सिंग सफाई कर्मियों के ठेके की समयसीमा समाप्त हो गई थी। बोर्ड मीटिंग में दोबारा टेंडर निकालने का निर्णय होने के बाद भर्ती की जाएगी। राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका