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केंद्र सरकार के सचिव ने लिया मनरेगा के कार्य का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:46 AM IST
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mnrega, lalitpur news
- फोटो : demo
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तालबेहट (ललितपुर)। भारत सरकार के ग्राम विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अमरजीत सिंहा और लखनऊ से आई अपर आयुक्त मनरेगा पिंकी जौयल ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ ग्राम सभा खांदी, सुनौरा और राधापुुर में मनरेगा के तहत चल रहे विकास कार्यों तथा स्वयं सहायता समूहों को देखा। उन्होंने मजदूरों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से विस्तार से बात भी की।
सबसे पहले उन्होंने मनरेगा के तहत ग्राम सभा खांदी के गजौरा तालाब में लगभग छह लाख बाउनवे हजार रुपये की लागत से चल रहे गहरीकरण के कार्य को देखा। उन्होंने तालाब पर काम कर रहे मजदूरों के जॉब कार्ड, विकास विभाग की कार्य योजना आदि को देखा। उन्होंने मजदूरों से मजदूरी के भुगतान, कार्य स्थल पर पानी की व्यवस्था, रोजगार के अवसर एवं कुओं की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
उन्होंने मजदूरों से कहा कि आप लोगों को इस बार बड़ी हुई मजदूरी से भुगतान होगा। आप लोग अपने गांव में ही काम करें। इस मौके पर उन्होंने ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत चल रहे और कार्यों के बारे में भी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रघुराज यादव से जानकारी ली। इस मौके पर आसपास के ग्रामीणों ने पेयजल संकट एवं राहत राशि का वितरण कराने की बात रखी।
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इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत सुनौरा मनरेगा के तहत बन रही बंधी एवं पूर्व में बनाए गए कूप को देखा तथा ग्रामीणों एवं मजदूरों से विभिन्न जानकारी ली। इस मौके पर यशवंत सिंहा निर्देशक एनआरएलएम लखनऊ, सीडीओ अरूण कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, परियोजना निर्देशक सुरेश चन्द्र मिश्र, श्रम उपायुक्त नरेन्द्र देव द्विवेदी, खंड विकास अधिकारी अजय कुमार, सुभाष जैन, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहें।
कुओं को बताया अच्छा
तालबेहट (ललितपुर)। तालाबों की तुलना में कूपों को अच्छा बताते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत मध्य प्रदेश में तीन वर्ष में तीन लाख कूपों का निर्माण हुआ है। इससे वहां का किसान काफी प्रसन्न है। कूपों के सहारे वह खेती कर अपने परिवार की जीविका चला रहे है।
पहले जैसी स्थिति इस बार नहीं होगी - सिंहा
तालबेहट (ललितपुर)। अतिरिक्त सचिव अमरजीत सिंहा से जब मनरेगा में मजदूरों के करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया होने पर मजदूरों का मनरेगा से हो रहे मोह भंग के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि इस बार मनरेगा में पहले जैसी स्थिति नहीं है। इस बार मजदूरों को समय पर भुगतान दिया जाएगा। पूर्व में मनरेगा के तहत क्षेत्र में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर उठे प्रश्न की जांच के संबंध में पूछने पर वह कुछ नहीं बोलें। उन्होंने इतना कहा कि मनरेगा में अव पहले जैसी स्थिति नहीं रही।
स्वयं सहायता समूह ग्रामीण विकास पर दे ध्यान
तालबेहट (ललितपुर)। अपने एक दिवसीय निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त सचिव अमरजीत सिंहा एवं अपर आयुक्त मनरेगा पिंकी जौयल सहित अन्य अधिकारी ग्राम सभा खांदी के मजरा रानीपुरा पहुंचे। जहां तीन समूह की महिलाओं से काफी देर बात कर समूह संचालन के बारे में जानकारी ली।
सबसे पहले समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न समूहों के अध्यक्ष एवं सचिव से समूह की आय, आय के श्रोत एवं लेखा जोखा रखने तथा समूह से हो रहे लाभ से पारिवारिक एवं सामाजिक परिवर्तन आदि के बारे में जानकारी ली। कुछ महिलाओं ने बताया कि इससे उनके पास पैसे की किल्लत नहीं रहती और अपना रोजगार कर वह अधिक मुनाफा पैदा कर रही है।
समूह में कर्ज पर व्याज के संबंध में जब उन्होंने उसे दो से एक प्रतिशत करने की बात कही तो कुछ महिलाओं ने बताया कि इस ब्याज से उनके समूह को लाभ है। साहूकारों से भारी कम व्याज की तुलना में उनका ब्याज काफी कम है।
इसी तरह वह राधापुर में भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से रूबरू हुए और विभिन्न जानकारियां ली। समूह की महिलाओं से समूह के सूत्रों के बारे में भी पूछा। इस मौके पर उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र सहित विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी और ग्राम प्रधान मौजूद रहें।
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सबसे पहले उन्होंने मनरेगा के तहत ग्राम सभा खांदी के गजौरा तालाब में लगभग छह लाख बाउनवे हजार रुपये की लागत से चल रहे गहरीकरण के कार्य को देखा। उन्होंने तालाब पर काम कर रहे मजदूरों के जॉब कार्ड, विकास विभाग की कार्य योजना आदि को देखा। उन्होंने मजदूरों से मजदूरी के भुगतान, कार्य स्थल पर पानी की व्यवस्था, रोजगार के अवसर एवं कुओं की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
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उन्होंने मजदूरों से कहा कि आप लोगों को इस बार बड़ी हुई मजदूरी से भुगतान होगा। आप लोग अपने गांव में ही काम करें। इस मौके पर उन्होंने ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत चल रहे और कार्यों के बारे में भी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रघुराज यादव से जानकारी ली। इस मौके पर आसपास के ग्रामीणों ने पेयजल संकट एवं राहत राशि का वितरण कराने की बात रखी।
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इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत सुनौरा मनरेगा के तहत बन रही बंधी एवं पूर्व में बनाए गए कूप को देखा तथा ग्रामीणों एवं मजदूरों से विभिन्न जानकारी ली। इस मौके पर यशवंत सिंहा निर्देशक एनआरएलएम लखनऊ, सीडीओ अरूण कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, परियोजना निर्देशक सुरेश चन्द्र मिश्र, श्रम उपायुक्त नरेन्द्र देव द्विवेदी, खंड विकास अधिकारी अजय कुमार, सुभाष जैन, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहें।
कुओं को बताया अच्छा
तालबेहट (ललितपुर)। तालाबों की तुलना में कूपों को अच्छा बताते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत मध्य प्रदेश में तीन वर्ष में तीन लाख कूपों का निर्माण हुआ है। इससे वहां का किसान काफी प्रसन्न है। कूपों के सहारे वह खेती कर अपने परिवार की जीविका चला रहे है।
पहले जैसी स्थिति इस बार नहीं होगी - सिंहा
तालबेहट (ललितपुर)। अतिरिक्त सचिव अमरजीत सिंहा से जब मनरेगा में मजदूरों के करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया होने पर मजदूरों का मनरेगा से हो रहे मोह भंग के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि इस बार मनरेगा में पहले जैसी स्थिति नहीं है। इस बार मजदूरों को समय पर भुगतान दिया जाएगा। पूर्व में मनरेगा के तहत क्षेत्र में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर उठे प्रश्न की जांच के संबंध में पूछने पर वह कुछ नहीं बोलें। उन्होंने इतना कहा कि मनरेगा में अव पहले जैसी स्थिति नहीं रही।
स्वयं सहायता समूह ग्रामीण विकास पर दे ध्यान
तालबेहट (ललितपुर)। अपने एक दिवसीय निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त सचिव अमरजीत सिंहा एवं अपर आयुक्त मनरेगा पिंकी जौयल सहित अन्य अधिकारी ग्राम सभा खांदी के मजरा रानीपुरा पहुंचे। जहां तीन समूह की महिलाओं से काफी देर बात कर समूह संचालन के बारे में जानकारी ली।
सबसे पहले समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न समूहों के अध्यक्ष एवं सचिव से समूह की आय, आय के श्रोत एवं लेखा जोखा रखने तथा समूह से हो रहे लाभ से पारिवारिक एवं सामाजिक परिवर्तन आदि के बारे में जानकारी ली। कुछ महिलाओं ने बताया कि इससे उनके पास पैसे की किल्लत नहीं रहती और अपना रोजगार कर वह अधिक मुनाफा पैदा कर रही है।
समूह में कर्ज पर व्याज के संबंध में जब उन्होंने उसे दो से एक प्रतिशत करने की बात कही तो कुछ महिलाओं ने बताया कि इस ब्याज से उनके समूह को लाभ है। साहूकारों से भारी कम व्याज की तुलना में उनका ब्याज काफी कम है।
इसी तरह वह राधापुर में भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से रूबरू हुए और विभिन्न जानकारियां ली। समूह की महिलाओं से समूह के सूत्रों के बारे में भी पूछा। इस मौके पर उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र सहित विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी और ग्राम प्रधान मौजूद रहें।