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गैस किट वाले स्कूली वाहनों की होगी रोकथाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2016 01:00 AM IST
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gas cylilendr, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। प्राइवेट स्कूलों के वाहनों से कहीं विद्यार्थियों की जिंदगी से खिलवाड़ तो नहीं हो रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन ने अवैध रूप से गैस किट या सिलेंडर से संचालित अवैध स्कूली वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए डीएम डा. रुपेश कुमार के निर्देश पर अभियान चलाने की योजना तैयार की है।
बच्चों की शिक्षा के लिए जनपद में 457 जूनियर व प्राइमरी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जबकि अकेले शहर में ही 150 प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें 71 प्राइमरी स्कूल, 53 जूनियर हाईस्कूल व 16 अंग्रेजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में प्राइवेट वाहन संचालित होते हैं, जिनमें भेड़ बकरियों की तरह बच्चे धंस कर बैठाकर ले जाते हैं। इसके साथ ही अधिकांश वाहन चालकों द्वारा खुद का हित साधने के चक्कर में अवैध रुप से गैस किट या फिर गैस सिलेंडर से वाहन संचालित कर बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। शासन द्वारा समय-समय पर ऐसे वाहनों की चेकिंग के निर्देश जारी किए जाते रहे हैं।
इसी के चलते सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने आयोजित बैठक के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सोमलता यादव ऐसे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। जिस पर एआरओटी प्रवर्तन ने जनपद में अवैध गैस किट या फिर गैस सिलेंडर से संचालित होने वाली सभी प्रकार के स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
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एआरटीओ सोमतला यादव ने बताया कि प्राइवेट स्कूूलों के लिए लगे स्कूली वाहनों की चेकिंग और सतत चेकिंग की जाएगी और यदि कोई भी वाहन गैस किट या अवैध रूप से गैस किट एवं गैस सिलेंडर से चलता पाया जाता है, वाहन खिलाफ नियमानुसार चालान काटते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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बच्चों की शिक्षा के लिए जनपद में 457 जूनियर व प्राइमरी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जबकि अकेले शहर में ही 150 प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें 71 प्राइमरी स्कूल, 53 जूनियर हाईस्कूल व 16 अंग्रेजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में प्राइवेट वाहन संचालित होते हैं, जिनमें भेड़ बकरियों की तरह बच्चे धंस कर बैठाकर ले जाते हैं। इसके साथ ही अधिकांश वाहन चालकों द्वारा खुद का हित साधने के चक्कर में अवैध रुप से गैस किट या फिर गैस सिलेंडर से वाहन संचालित कर बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। शासन द्वारा समय-समय पर ऐसे वाहनों की चेकिंग के निर्देश जारी किए जाते रहे हैं।
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इसी के चलते सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने आयोजित बैठक के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सोमलता यादव ऐसे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। जिस पर एआरओटी प्रवर्तन ने जनपद में अवैध गैस किट या फिर गैस सिलेंडर से संचालित होने वाली सभी प्रकार के स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
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एआरटीओ सोमतला यादव ने बताया कि प्राइवेट स्कूूलों के लिए लगे स्कूली वाहनों की चेकिंग और सतत चेकिंग की जाएगी और यदि कोई भी वाहन गैस किट या अवैध रूप से गैस किट एवं गैस सिलेंडर से चलता पाया जाता है, वाहन खिलाफ नियमानुसार चालान काटते हुए कार्रवाई की जाएगी।