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Lalitpur News: जंगलों में बाघ और तेंदुआ की सुनाई देती है दहाड़ने की आवाज
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- हिरन, खरगोश की अटखेलियां, तो भालू भी है यहां पर मौजूद
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस आज
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले के जंगलों में जैव विविधता की भरमार है, यहां के जंगलों में दुर्लभ प्रजाति के जानवर मौजूद हैं। बाघ, तेंदुआ और भालू जंगलों में हैं, तो वहीं, हिरन की भी कई प्रजाति जंगलों में मौजूद होने से जैव विविधता की खूबसूरती को बढ़ाता है।
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस बृहस्पतिवार को ‘प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास’ थीम पर मनाया जा रहा है। जिले के जंगलों में जैव विविधता का अनुपम नजारा मिला है। विंध्याचंल की पहाड़ियों व बेतवा की तलहटी में फैला यह जंगल अपने भीतर के जानवरों व जीव जंतुओं को पोषण देता है। इस जंगल में खाद्य श्रृंखला के सभी पशु दिखाई देते हैं। यहां पर बाघ व तेंदुआ की दिल दहला देने वाली दहाड़ें सुनाई देती हैं, तो वहीं हिरन व खरगोश जैसे जीव भी अटखेलियां करते नजर आते हैं। भालुओं के नाम से पूरा एक जंगल ही मड़ावरा में प्रख्यात है। यहां पर अनुमान है कि करीब दो से अधिक भालू मौजूद हैं। हाल ही में ट्रैप कैमरे में एक नर व एक मादा की तस्वीरें कैद हो चुकी हैं। एक बार ही नहीं, इन्हें दो बार मड़ावरा के जंगलों में देखा गया है।
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नेशनल पार्क में जोड़ा जा रहा जनपद का जंगल
जनपद में वाइल्ड लाइफ की उपलब्धता को देखते हुए इसके एक बड़े भाग को पन्ना रिजर्व की जगह बनने वाले इंटीग्रेटेड लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान (आईएलएमपी) नेशनल पार्क में शामिल करने की मंजूरी भारत सरकार से मिल गई है। मध्य प्रदेश के आठ व उत्तर प्रदेश के तीन जनपद इसमें शामिल किए गए हैं। जिसमें मध्य प्रदेश के आठ जिले पन्ना, छतरपुर, दमोह, कटनी, सतना, रीवा, सागर व नरसिंहपुर शामिल किए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के तीन जिले चित्रकूट, बांदा व ललितपुर को शामिल किया गया है।
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जनपद में वाइल्ड लाइफ की स्थिति
प्रजाति - नर - मादा - बच्चे - योग
तेंदुआ- 4 - 5 - 2- 11
चिंकारा - 60 - 45- 20 -125
शूकर हिरन - 24 - 18 - 65 - 107
चौसिंघा - 27 - 44 - 00 - 71
वनरोज - 425 - 347 - 57 - 1347
सांभर- 20 - 24- 09- 53
चीतल - 85 - 151 - 34- 270
बारासिंघा- 18 - 22 -15- 55
जंगली सुअर -154- 159- 314- 627
भेड़िया - 96- 153- 245- 494
लकड़बग्घा- 112- 95- 136- 343
लोमड़ी - 214- 648- 123 -985
सियार - 482 -348- 524 -1354
माेर- 253- 354- 265- 872
वन गाय- 756- 235 - 68- 1059
जंगली बिल्ली - 233- 146- 325- 704
स्याही - 99- 120 - 221- 440
बिज्जू- 314- 123- 595- 1032
गोह- 495- 356- 190- 1041
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जनपद के जंगलों में जैव विविधता जो मौजूद हैं, वह प्रदेश के अन्य जंगलों में कम ही दिखाई देती है। वन विभाग इनके संरक्षण के लिए व्यापक कदम उठा रहा है।
सतेंद्र सिंह, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
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अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस आज
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले के जंगलों में जैव विविधता की भरमार है, यहां के जंगलों में दुर्लभ प्रजाति के जानवर मौजूद हैं। बाघ, तेंदुआ और भालू जंगलों में हैं, तो वहीं, हिरन की भी कई प्रजाति जंगलों में मौजूद होने से जैव विविधता की खूबसूरती को बढ़ाता है।
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस बृहस्पतिवार को ‘प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास’ थीम पर मनाया जा रहा है। जिले के जंगलों में जैव विविधता का अनुपम नजारा मिला है। विंध्याचंल की पहाड़ियों व बेतवा की तलहटी में फैला यह जंगल अपने भीतर के जानवरों व जीव जंतुओं को पोषण देता है। इस जंगल में खाद्य श्रृंखला के सभी पशु दिखाई देते हैं। यहां पर बाघ व तेंदुआ की दिल दहला देने वाली दहाड़ें सुनाई देती हैं, तो वहीं हिरन व खरगोश जैसे जीव भी अटखेलियां करते नजर आते हैं। भालुओं के नाम से पूरा एक जंगल ही मड़ावरा में प्रख्यात है। यहां पर अनुमान है कि करीब दो से अधिक भालू मौजूद हैं। हाल ही में ट्रैप कैमरे में एक नर व एक मादा की तस्वीरें कैद हो चुकी हैं। एक बार ही नहीं, इन्हें दो बार मड़ावरा के जंगलों में देखा गया है।
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नेशनल पार्क में जोड़ा जा रहा जनपद का जंगल
जनपद में वाइल्ड लाइफ की उपलब्धता को देखते हुए इसके एक बड़े भाग को पन्ना रिजर्व की जगह बनने वाले इंटीग्रेटेड लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान (आईएलएमपी) नेशनल पार्क में शामिल करने की मंजूरी भारत सरकार से मिल गई है। मध्य प्रदेश के आठ व उत्तर प्रदेश के तीन जनपद इसमें शामिल किए गए हैं। जिसमें मध्य प्रदेश के आठ जिले पन्ना, छतरपुर, दमोह, कटनी, सतना, रीवा, सागर व नरसिंहपुर शामिल किए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के तीन जिले चित्रकूट, बांदा व ललितपुर को शामिल किया गया है।
जनपद में वाइल्ड लाइफ की स्थिति
प्रजाति - नर - मादा - बच्चे - योग
तेंदुआ- 4 - 5 - 2- 11
चिंकारा - 60 - 45- 20 -125
शूकर हिरन - 24 - 18 - 65 - 107
चौसिंघा - 27 - 44 - 00 - 71
वनरोज - 425 - 347 - 57 - 1347
सांभर- 20 - 24- 09- 53
चीतल - 85 - 151 - 34- 270
बारासिंघा- 18 - 22 -15- 55
जंगली सुअर -154- 159- 314- 627
भेड़िया - 96- 153- 245- 494
लकड़बग्घा- 112- 95- 136- 343
लोमड़ी - 214- 648- 123 -985
सियार - 482 -348- 524 -1354
माेर- 253- 354- 265- 872
वन गाय- 756- 235 - 68- 1059
जंगली बिल्ली - 233- 146- 325- 704
स्याही - 99- 120 - 221- 440
बिज्जू- 314- 123- 595- 1032
गोह- 495- 356- 190- 1041
जनपद के जंगलों में जैव विविधता जो मौजूद हैं, वह प्रदेश के अन्य जंगलों में कम ही दिखाई देती है। वन विभाग इनके संरक्षण के लिए व्यापक कदम उठा रहा है।
सतेंद्र सिंह, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी