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लगातार बारिश से जनपद में नष्ट हो गई खरीफ की फसलें

Fri, 16 Sep 2022 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 01:30 AM IST
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The rain hit the farmers, ruined the crop
ललितपुर। जिले में बीते माह बारिश से खरीफ की फसल पहले ही प्रभावित हो गई थी। अब दो दिनों की बारिश ने उड़द और मूंग की फसल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इससे किसान बर्बादी के कगार पर है। जिला प्रशासन का कहना है किबारिश से नष्ट हुई फसलों का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। किसानों को फसल नुकसान की राहत राशि मुहैया कराई जाएगी।
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जनपद में किसानों की दुश्वारी कम नहीं हो रही है। बीते लगभग पांच वर्षों से फसल बर्बाद होने से किसानों की माली हालत भी खराब हो गई है। अगस्त माह में दूसरे सप्ताह से शुरू हुई बारिश माह के अंतिम सप्ताह तक होती रही। इससे किसानों की फसल पहले ही प्रभावित हो गई थी। हालांकि कुछ फसल बची होने से किसान लागत मिलने की उम्मीद लगा रहे थे। फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो गई थी। कुछ क्षेत्रों में किसान ने कटाई करना शुरु कर दिया था, तो कुछ तैयारियों में जुट गए थे।
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लेकिन दो दिन की बारिश ने फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। जिन किसानों ने कटाई कर ली थी, उनकी पूरी फसल खेत में ही जलभराव में डूबने से नष्ट हो गई। कुछ की कटी हुई फसल खेत में ही बारिश से बर्बाद हो गई। वहीं अधिकांश की खेतों में ही लगातार बारिश से सड़कर नष्ट हो गई है। अब किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालत यह हो गई है कि खेतों को साफ कराना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में किसानों के आगे आगामी फसल की भी समस्या खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि जल्द ही बीमा क्लेम व राहत राशि का भुगतान किया जाए, जिससे वे रबी की फसल की तैयारी कर सकें।
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नष्ट फसलों का दोबारा होगा सर्वे
अगस्त माह में बारिश से हुए फसल नुकसान का जिला प्रशासन ने निर्देश पर कृषि विभाग ने 48 टीमों का गठन कर सर्वे शुरु कराया था। इनमें सदर तहसील में 14 टीम, तहसील तालबेहट में 14, महरौनी में नौ, मड़ावरा में चार, पाली में सात टीमें लगाईं गईं थी, लेकिन अब तक सर्वे पूरा नहीं हो पाया था। इस बीच बारिश से फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। अब फसलों के नुकसान का आकलन दोबारा किया जाएगा।
3.35 लाख हेक्टेयर में था खरीफ फसल बुवाई का लक्ष्य
जनपद में खरीफ फसल की बुवाई के लिए 3.35 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया था। इसमें सबसे अधिक उड़द की फसल बोई गई थी। इस वर्ष खरीफ की सभी फसलें अच्छी थीं। किसान अधिक पैदावार की उम्मीद लगा रहे थे। लेकिन कटाई के दिनों में ही बारिश से फसल नष्ट हो गई है।
कर्ज लेकर खरीफ की फसल की बुवाई व लागत लगाई थी। पैदावार मिलने पर कर्ज से उबरने की आस थी, लेकिन अब खेतों में सड़ रही फसल को साफ कराने तक की समस्या खड़ी हो गई है।
- दिनेश विश्वकर्मा
किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गईं हैं। जल्द ही बीमा क्लेम व राहत राशि दी जाए। इससे अपनी आगामी रबी फसलों की तैयारी कर सकें। अब खेत साफ करने तक की हिम्मत नहीं रही है।
- दीपक कुमार
खेत में उड़द की फसल शुरू में अच्छी थी। अधिक पैदावार पाने के चलते कीटनाशक व अन्य दवाइयों का प्रयोग किया। बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब सब नष्ट हो गई है।

- धमेंद्र वंशकार
खरीफ फसल अगस्त माह में बारिश से कुछ खराब हो गई थी, लेकिन लागत निकलने की उम्मीद लगा रहे थे। अब बारिश खेत में हुए जलभराव से कटी फसल सड़कर नष्ट हो गई है।
- सूके अहिरवार
बारिश से पकी हुई खरीफ की फसल बर्बाद हो रही है। पूर्व सर्वे को बंद कर दोबारा सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी
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