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मूल विद्यालय भेजे जाएंगे बीएलओ

Mon, 04 Jan 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Mon, 04 Jan 2016 01:37 AM IST
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The original school will be sent BLO
ललितपुर (ब्यूरो)। अस्थाई ड्यूटी पर डटे समायोजित शिक्षकों को अब मूल विद्यालय वापस जाना होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बूथ लेबल आफीसर की ड्यूटी पर डटे शिक्षकों को समायोजित स्थल पर भेजने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी को दिए हैं।
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जिले में कार्यरत 1,600 में से लगभग एक हजार शिक्षा मित्रों का समायोजन किया जा चुका है। इसमें अधिकांश समायोजित शिक्षा मित्र बीएलओ बने हुए हैं। कई पंचायत चुनाव के बीएलओ की जिम्मेदारी लिए हैं तो विधानसभा मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बीएलओ की भूमिका में हैं।
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इससे दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ने पंचायत चुनाव समाप्त होने पर बीएलओ को मूल विद्यालय में भेजने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि अब पंचायत चुनाव का कार्य पूरा हो गया है, ऐसे में बीएलओ का कार्य भी समाप्त हो गया है। इसे ध्यान में रखकर बीएलओ की अस्थाई ड्यूटी समाप्त करने का निर्णय लिया है।
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इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। बीएसए के इस कदम से दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी होने की संभावना है। इधर, समायोजित शिक्षक विधानसभा मतदाता पुनरीक्षण के बहाने अस्थाई ड्यूटी पर बने रहना चाहते हैं। शिक्षक नेता नंदराम का कहना है कि तहसीलदार ने विधानसभा पुनरीक्षण से जुड़े बीएलओ को स्थानांतरित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। वह पूर्व की भांति कार्य देखते रहेंगे।

लाइलाज रोग बन गया संबद्धीकरण
बेसिक शिक्षा विभाग में संबद्धीकरण लाइलाज बन गया है। कुछ बीएलओ के बहाने, कुछ फीडिंग के बहाने तो कुछ विद्यालय संचालन के बहाने समीपवर्ती स्कूलों में डटे हैं। तमाम प्रयासों के बाद भी संबद्धीकरण समाप्त नहीं हो पा रहा है।


शिक्षकों से लिए जाते गैर शैक्षणिक कार्य
शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अलावा भी कार्य लिए जाते हैं, इनमें प्रमुख रूप से बीएलओ का भी कार्य शामिल है। शासन स्तर से इस तरह के काम शिक्षकों से लेने की रोक है। लेकिन, स्थानीय स्तर पर सारे नियम कायदे धरे के धरे रह जाते हैं।
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