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दूसरे जिलों की पुरानी मशीनों से बिजली आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2016 01:13 AM IST
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bitut bibhag, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। दूसरे जिलों की पुरानी मशीनों से जनपद में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। विभागीय अधिकारियों की सुस्ती के चलते नई मशीनें नहीं मिल रही हैं। बिरधा, पाली सब स्टेशनों पर वीसीबी मशीनों में आए दिन फाल्ट होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों या फिर कई बार कई दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है।
ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानी तो हो ही रही है वहीं, कर्मचारियों की जान भी जोखिम में है। दरअसल कुछ दिन पूर्व नदनवारा फीडर में लगी पुरानी मशीन में ब्लास्ट हो गया था। इस दौरान कर्मचारियों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई थी। अगर विभाग नहीं चेता तो गंभीर हादसा हो सकता है।
पिछले वर्ष यहां स्थापित फीडरों की मशीनों में फाल्ट होने से बिजली संकट गहरा गया था, जिसके चलते विद्युत विभाग द्वारा अन्य जनपदों के विद्युत सब स्टेशनों से हटाई गई पुरानी वीसीबी मशीनों को पाली व बिरधा में स्थापित करवा दिया गया। पाली विद्युत सब स्टेशन पर पांच एमवीए ट्रांसफार्मर बदलने के साथ ही विभाग द्वारा पाली फीडर पर अन्य जनपदों से मंगाई गईं पुरानी वीसीबी मशीनें स्थापित करा दीं।
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यही हाल बिरधा स्थित विद्युत सब स्टेशन का भी रहा। यहां भी अन्य जनपदों से मंगाई गईं नाराहट, बिरधा, सजनाम व खितवांस फीडर की चार आउट गोइंग वीसीबी लगाई गईं, जबकि इसके लिए दो इनकमिंग वीसीबी मशीनें स्थापित करा गई थीं। शुरुआत में तो मशीनों में अधिक दिक्कत नहीं आई, लेकिन गर्मियां शुरू होते ही मशीनों का फुंकना भी शुरू हो गया। अब स्थिति यह है कि बार-बार मशीनों में खराबी या फिर अन्य फाल्ट के चलते किसी भी फीडर को रात भर या फिर पूरे दिन बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
इससे भी बुरा हाल बायपास स्थित विद्युत सब स्टेशन का है, जहां अब तक पुरानी प्रणाली की ओसीबी मशीनों से ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जबकि यहां हर सप्ताह दो से तीन या फिर कई बार पूूरी मशीनें ही एक साथ खराब हो जा रही हैं। यदि शीघ्र ही बिजली विभाग द्वारा विभिन्न विद्युत सब स्टेशनों पर विद्युत प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो, ग्रामीण क्षेत्रों समेत शहर के आधा दर्जन मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी।
यहां आए दिन पुरानी स्थापित मशीनों के फटने के कारण गंभीर हादसा हो सकता है। अभी हाल में बाइपास विद्युत सब स्टेशन पर नदनवारा फीडर की ओसीबी मशीन में ब्लास्ट होने के बाद कर्मचारियों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई थी।
पाली सबस्टेशन पर अभी अन्य जनपदों में उपयोग हो चुकीं मशीनों का ही उपयोग किया जा रहा है। नई मशीनों का स्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। जल्द ही नई मशीनें स्थापित हो जाएंगी।
- रमेश कुशवाहा, अवर अभियंता पाली सबस्टेशन
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ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानी तो हो ही रही है वहीं, कर्मचारियों की जान भी जोखिम में है। दरअसल कुछ दिन पूर्व नदनवारा फीडर में लगी पुरानी मशीन में ब्लास्ट हो गया था। इस दौरान कर्मचारियों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई थी। अगर विभाग नहीं चेता तो गंभीर हादसा हो सकता है।
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पिछले वर्ष यहां स्थापित फीडरों की मशीनों में फाल्ट होने से बिजली संकट गहरा गया था, जिसके चलते विद्युत विभाग द्वारा अन्य जनपदों के विद्युत सब स्टेशनों से हटाई गई पुरानी वीसीबी मशीनों को पाली व बिरधा में स्थापित करवा दिया गया। पाली विद्युत सब स्टेशन पर पांच एमवीए ट्रांसफार्मर बदलने के साथ ही विभाग द्वारा पाली फीडर पर अन्य जनपदों से मंगाई गईं पुरानी वीसीबी मशीनें स्थापित करा दीं।
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यही हाल बिरधा स्थित विद्युत सब स्टेशन का भी रहा। यहां भी अन्य जनपदों से मंगाई गईं नाराहट, बिरधा, सजनाम व खितवांस फीडर की चार आउट गोइंग वीसीबी लगाई गईं, जबकि इसके लिए दो इनकमिंग वीसीबी मशीनें स्थापित करा गई थीं। शुरुआत में तो मशीनों में अधिक दिक्कत नहीं आई, लेकिन गर्मियां शुरू होते ही मशीनों का फुंकना भी शुरू हो गया। अब स्थिति यह है कि बार-बार मशीनों में खराबी या फिर अन्य फाल्ट के चलते किसी भी फीडर को रात भर या फिर पूरे दिन बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
इससे भी बुरा हाल बायपास स्थित विद्युत सब स्टेशन का है, जहां अब तक पुरानी प्रणाली की ओसीबी मशीनों से ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जबकि यहां हर सप्ताह दो से तीन या फिर कई बार पूूरी मशीनें ही एक साथ खराब हो जा रही हैं। यदि शीघ्र ही बिजली विभाग द्वारा विभिन्न विद्युत सब स्टेशनों पर विद्युत प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो, ग्रामीण क्षेत्रों समेत शहर के आधा दर्जन मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी।
यहां आए दिन पुरानी स्थापित मशीनों के फटने के कारण गंभीर हादसा हो सकता है। अभी हाल में बाइपास विद्युत सब स्टेशन पर नदनवारा फीडर की ओसीबी मशीन में ब्लास्ट होने के बाद कर्मचारियों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई थी।
पाली सबस्टेशन पर अभी अन्य जनपदों में उपयोग हो चुकीं मशीनों का ही उपयोग किया जा रहा है। नई मशीनों का स्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। जल्द ही नई मशीनें स्थापित हो जाएंगी।
- रमेश कुशवाहा, अवर अभियंता पाली सबस्टेशन