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कुम्हार से लेकर मशीनों के बिकते रहे दिए
ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2015 01:03 AM IST
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ललितपुर। दीपावली का त्योहार करीब आते ही घर आंगन को रोशन करने के लिए जनपद के लोग साजो सामान की खरीदारी करने में जुटे हुए हैं। सोमवार को घंटाघर प्रांगण में लगे बाजार में कुम्हार के दिए से लेकर मशीनों के दिए बिकते रहे। भगवार के पोस्टर से लेकर रंग बिरंगी इलेक्ट्रानिक लड़ियां भी जमकर खरीदी गईं।
बुधवार केे मनाए जाने वाले दीपों के त्योहार को लेकर जनपद के लोग खरीदारी करने के लिए बाजार में उमड़ गए हैँ। धनतेरस पर सराफा बाजार के साथ लोहा-पीतल बाजार, चूड़ी बाजार, कपड़ा बाजार, भगवान के सजावटी सामान का बाजार गर्म रहा। ग्राहकों की आवाजाही देखकर दुकानदारों के भी चेहरे खिल गए।
घंटाघर प्रांगण में लगाए गए दिओं के बाजार में परंपरागत दिए के साथ मशीनों से बने दिओं की खूब बिक्री हुई। मशीनों से पान, सातियां के साथ विभिन्न आकार वाले दिए पांच रुपए में एक बिकता रहा। इसके बाद भी लोगों ने दुकानदारों को मायूस नहीं किया। उनकी भी खरीदारी हुई।
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हालांकि कुम्हार के चाक से बने दिए दस रुपए के एक सुराती अर्थात 16 दिए बिकते रहे। अधिकांश लोगों ने इनको भी खरीदा। बाजार में पांच रुपए की रुई, 10 रुपए से लेकर 100 रुपए के बीच भगवान के पोस्टर व भगवान की फ्रेेम में जड़ी हुई फोटो बिकती रही। कनरिया, चकिया 10-10 रुपए तो वहीं 30 रुपए से लेकर सत्तर रुपए तक गणेश की मूर्तियां मौजूद रही। 20 रुपए की मिट्टी की ग्वालिन भी हर ग्राहक ने खरीदी। जानवरों को बांधने के लिए चोटिया, मुरगड़े 20 से 50 रुपए तक बाजार में बिकते रहे। ग्रामीण लोगों ने इनको अधिकांश खरीदा। ग्राहकी सुबह से लेकर देर शाम तक चलती रही।
बाजार में लगा जाम, रेेंगे वाहन
दीपों के त्योहार पर नगर के विभिन्न स्थानों पर लगे बाजार में बड़ी संख्या में ग्राहक उमड़े। इस कारण पूरे बाजार में जाम की स्थिति रही। पुरानी तहसील तिराहा से लेकर आजाद चौक पर वाहनों की रेलमपेल रही। यातायात पुलिस को भी वाहनों को संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
सदरकांटा के पास तो उन्होंने बेरीकेटिंग लगाकर वाहनों को रोका। वहीं बाजार में वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि हर जगह जाम की स्थिति बनती रही। लोहा पीतल बाजार, सावरकर चौक, घंटाघर आदि स्थानों के साथ, सराफा बाजार, चूड़ी बाजार में जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि देर शाम ग्रामीण ग्राहक घरों के लिए चले जाने पर बाजार में स्थिति सामान्य हो गई।
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बुधवार केे मनाए जाने वाले दीपों के त्योहार को लेकर जनपद के लोग खरीदारी करने के लिए बाजार में उमड़ गए हैँ। धनतेरस पर सराफा बाजार के साथ लोहा-पीतल बाजार, चूड़ी बाजार, कपड़ा बाजार, भगवान के सजावटी सामान का बाजार गर्म रहा। ग्राहकों की आवाजाही देखकर दुकानदारों के भी चेहरे खिल गए।
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घंटाघर प्रांगण में लगाए गए दिओं के बाजार में परंपरागत दिए के साथ मशीनों से बने दिओं की खूब बिक्री हुई। मशीनों से पान, सातियां के साथ विभिन्न आकार वाले दिए पांच रुपए में एक बिकता रहा। इसके बाद भी लोगों ने दुकानदारों को मायूस नहीं किया। उनकी भी खरीदारी हुई।
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हालांकि कुम्हार के चाक से बने दिए दस रुपए के एक सुराती अर्थात 16 दिए बिकते रहे। अधिकांश लोगों ने इनको भी खरीदा। बाजार में पांच रुपए की रुई, 10 रुपए से लेकर 100 रुपए के बीच भगवान के पोस्टर व भगवान की फ्रेेम में जड़ी हुई फोटो बिकती रही। कनरिया, चकिया 10-10 रुपए तो वहीं 30 रुपए से लेकर सत्तर रुपए तक गणेश की मूर्तियां मौजूद रही। 20 रुपए की मिट्टी की ग्वालिन भी हर ग्राहक ने खरीदी। जानवरों को बांधने के लिए चोटिया, मुरगड़े 20 से 50 रुपए तक बाजार में बिकते रहे। ग्रामीण लोगों ने इनको अधिकांश खरीदा। ग्राहकी सुबह से लेकर देर शाम तक चलती रही।
बाजार में लगा जाम, रेेंगे वाहन
दीपों के त्योहार पर नगर के विभिन्न स्थानों पर लगे बाजार में बड़ी संख्या में ग्राहक उमड़े। इस कारण पूरे बाजार में जाम की स्थिति रही। पुरानी तहसील तिराहा से लेकर आजाद चौक पर वाहनों की रेलमपेल रही। यातायात पुलिस को भी वाहनों को संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
सदरकांटा के पास तो उन्होंने बेरीकेटिंग लगाकर वाहनों को रोका। वहीं बाजार में वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि हर जगह जाम की स्थिति बनती रही। लोहा पीतल बाजार, सावरकर चौक, घंटाघर आदि स्थानों के साथ, सराफा बाजार, चूड़ी बाजार में जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि देर शाम ग्रामीण ग्राहक घरों के लिए चले जाने पर बाजार में स्थिति सामान्य हो गई।