फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The girl's body was found in the well, rioting and accusing the inspector of torture

Lalitpur: आदिवासी युवती की मौत पर बिफरे परिजन, हंगामा कर दरोगा पर लगाए प्रताड़ित करने के आरोप

Sat, 24 Sep 2022 09:51 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sat, 24 Sep 2022 09:51 PM IST
सार

कोतवाली अंतर्गत ग्राम अनौरा निवासी आरती (21) पुत्री अनंतराम सहरिया का शव शनिवार की सुबह उसके घर के पीछे करीब चार सौ मीटर दूर स्थित एक कुएं में पड़ा मिला। इस पर परिजनों व गांव वालों ने कोतवाली पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा।

विज्ञापन
The girl's body was found in the well, rioting and accusing the inspector of torture
घटना स्थल पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

युवती का शव घर के पीछे स्थित कुएं में पड़ा मिला। इस पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए हंगामा काटा और करीब दो घंटे तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। सीओ सदर व शहर कोतवाल मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया, तब उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया।

विज्ञापन


कोतवाली अंतर्गत ग्राम अनौरा निवासी आरती (21) पुत्री अनंतराम सहरिया का शव शनिवार की सुबह उसके घर के पीछे करीब चार सौ मीटर दूर स्थित एक कुएं में पड़ा मिला। इस पर परिजनों व गांव वालों ने कोतवाली पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। पिता अनंतराम व मां सुमन ने आरोप लगाया कि कोतवाली में तैनात एक दरोगा उसकी पुत्री को पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित कर रहा था। इससे परेशान होकर उसकी पुत्री ने शनिवार की सुबह कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली है।
विज्ञापन


माता-पिता ने प्रताड़ित करने का कारण बताया कि अगस्त माह में गांव के कुछ युवक बेटी का अपहरण कर ले गए थे। कार्रवाई के लिए उसने पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई न होने पर उसने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। 22 सितंबर को कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने अपहरण व धमकाने की धाराओं में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद से ही तैनात दरोगा उसकी पुत्री आरती को पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित कर रहा था। शुक्रवार को भी दरोगा उसकी पुत्री आरती के पास आया था और कुछ बातचीत की थी। शनिवार की सुबह मां ने देखा कि उसकी पुत्री आरती घर से बाहर निकल गई है। वह उसके पीछे-पीछे जाने लगी। घर के पीछे करीब चार सौ मीटर की दूरी पर स्थित एक कुएं के पास पहुंचकर आरती उसमें कूद गई। यह देखकर सुमन ने शोर मचाया। शोर सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे और लोहे का कांटा डालकर कुएं के अंदर से आरती को बाहर निकाला। लेकिन तब तक आरती की मौत हो चुकी थी।

हंगामा करने व शव को पोस्टमार्टम के लिए न ले जाने देने की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी सदर व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। किसी प्रकार पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझाया। तब जाकर परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए।

उधर, पुलिस ने प्रताड़ना के आरोपों को नकारते हुए बताया कि कुछ माह पूर्व आरती के पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद आरती स्वयं घर वापस लौट आई थी। इसके बाद पिता अनंतराम ने कोर्ट के आदेश पर 22 सितंबर को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरती का मेडिकल कराया और 161 के बयान दर्ज कराए। जिसमें आरती ने बताया था कि वह अपनी मर्जी से मामा के घर गई थी। परिवार वाले आरती पर विरोधियों के खिलाफ न्यायालय में होने वाले 164 के बयान देने का दबाब बना रहे थे। इससे क्षुब्ध होकर युवती ने शनिवार की सुबह कुऐ में कूदकर जान दे दी।

आक्रोशित परिजनों ने दरोगा को दौड़ाया
ललितपुर। कुएं में आरती का शव मिलने की सूचना मिलने पर हल्का में तैनात दरोगा मौके पर पहुंच गया। यहां दरोगा को देखकर मृतका के परिजनों ने आपा खो दिया और वह दरोगा पर आरोप लगाने लगे। हालात बिगड़ते देख दरोगा वहां से जाने लगा तो आक्रोशित परिजनों व गांव वालों ने दरोगा पीछे से दौड़ लगाने लगे। यह देखकर दरोगा ने भी दौड़ लगा दी और मौके से भाग निकले।

20 जून को हुई शादी, 31 अगस्त को घर से हुई थी लापता
ललितपुर। मृतका आरती के पिता ने बताया कि आरती की शादी उन्होंने 20 जून को किशन सहरिया निवासी ग्राम पारौन थाना बार के साथ की थी। इसके बाद 31 अगस्त को आरती घर से लापता हो गई थी। 15 दिन बाद आरती पुलिस के माध्यम से घर आ गई थी।

प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि 164 के बयान में युवती पर परिजनों द्वारा यह दबाव बनाया जा रहा था कि वह विपक्षियों के खिलाफ बयान दे। पुलिस पर लगाए जा रहे प्रताड़ना के आरोप पूूर्णतया निराधार है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। -गोपाल कृष्ण चौधरी, पुलिस अधीक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed