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Lalitpur News: राजघाट-माताटीला के 20-20 और गोविंद सागर के सात बार खोले गए गेट
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मानसून में शुरुआत से अब तक गेट खोलकर 7049.14 एमसीएम अतिरिक्त पानी छोड़ा गया
- जिले में इस साल जुलाई में ही जमकर हुई मानसून की बारिश, जुलाई माह में ही लबालब हुए बांध
अशोक तिवारी
ललितपुर। मानसून सीजन में इस बार शुरुआत से ही अच्छी बारिश होने से जिले के अधिकांश बांध लबालब हो गए। जुलाई माह में ही राजघाट-माताटीला बांध के 20-20 बार और गाेविंद सागर बांध के सात बार गेट खोले जा चुके हैं। इनके अलावा जामनी बांध को छोड़कर अन्य सभी बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं। इस प्रकार से अभी तक बांधों से करीब 7049.14 एमसीएम अतिरिक्त पानी गेटों के जरिए छोड़ा जा चुका है।
जनपद को बांधों का जिला कहा जाता है। चौदह बांध परियोजनाएं संचालित हैं। पूरे जिले के बांधों की बात की जाए तो इनकी कुल भराव क्षमता 3455 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है। इनमें वर्तमान में 2839.28 एमसीएम पानी आ गया है। यह बांध करीब 70 फीसदी भरे हुए हैं। इस साल जिले में लगातार बारिश होने से सभी बांधों में पर्याप्त पानी पहुंचा और यह लबालब हो गए। अधिकांश बांधों की यह स्थिति अगस्त के अंतिम और सितंबर की शुरुआत में होती थी, लेकिन इस बार जुलाई के दूसरे सप्ताह में ही सारे डैम करीब भर गए हैं। करीब डेढ़ महीने पहले इनमें अच्छी तादाद में पानी आ गया है। यही कारण रहा कि जामनी बांध को छोड़कर सभी तेरह बांधों के गेट जुलाई माह में कई बार खोले जा चुके हैं और अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई माह में सबसे ज्यादा बीस-बीस बार राजघाट व माताटीला बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। जबकि भावनी के 19 बार गेट खोले गए। उटारी बांध के 16, कचनौंदा बांध के 12, लोअर रोहिणी के 10, शहजाद-रोहिणी के 8-8 बार गेट खोले जा चुके है। वहीं, गोविंद सागर बांध के 7 बार गेट खोले गए, जमडार के चार बार और बंडई के तीन बार गेट खोले गए। इस साल निर्माणाधीन भौंरट बांध से लगातार पानी की निकासी हो रही है। इस प्रकार से इस साल अभी तक बांधों से 7049.14 एमसीएम अतिरिक्त पानी छोड़ा जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मानसून सीजन में बांधों में पानी भरने का स्तर निर्धारित रहता है। इसके अनुसार ही बांधों को भरा जाता है और निर्धारित स्तर से अधिक जलस्तर होने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जाती है।
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जनपद के बांधों का जलस्तर
बांध - नदी का नाम - न्यूनतम जलस्तर - अधिकतम जलस्तर - वर्तमान जलस्तर - कुल भराव क्षमता - वर्तमान भराव
गोविंद सागर - शहजाद - 357.83 मी. - 363.23 मी. - 363.23 मी. - 96.84 एमसीएम - 82.92 एमसीएम
शहजाद - शहजाद - 310.50 मी. - 321.00 मी. - 320.50 मी. - 130.0 एमसीएम - 103.92 एमसीएम
जामनी - जामनी - 396.39 मी. - 403.55 मी. - 402.30 मी. - 92.87 एमसीएम - 63.34 एमसीएम
सजनाम - सजनाम - 367.20 मी. - 373.20 मी. - 372.00 मी. - 83.50 एमसीएम - 61.40 एमसीएम
रोहिणी - रोहणी - 393.00 मी. - 396.39 मी. - 395.25 मी. - 12.11 एमसीएम - 8.21 एमसीएम
उटारी - उटारी - 322.80 मी. - 326.80 मी. - 325.40 मी. - 15.09 एमसीएम - 9.39 एमसीएम
राजघाट - बेतवा - 356.62 मी. - 371.00 मी. - 369.80 मी. - 2200 एमसीएम - 1950.00 एमसीएम
माताटीला - बेतवा - 301.45 मी. - 308.45 मी. - 306.81 मी. - 641.06 एमसीएम - 427.23 एमसीएम
कचनौंदा - सजनाम - 334.75 मी. - 341.70 मी. - 341.00 मी. - 69.00 एमसीएम - 47.32 एमसीएम
लोअर रोहिणी - रोहिणी - 363.00 मी. - 368.00 मी. - 367.00 मी. - 12.74 एमसीएम - 8.15 एमसीएम
जमडार - जमडार - 363.35 मी. - 368.00 मी. - 367.00 मी. - 16.45 एमसीएम - 9.72 एमसीएम
भावनी - सजनाम - 309.64 मी. - 312.38 मी. - 310.60 मी. - 27.33 एमसीएम - 15.10 एमसीएम
बंडई - बंडई - 397.00 मी. - 403.50 मी. - 401.60 मी. - 12.59 एमसीएम - 7.83 एमसीएम
भौंरट - जामनी - 354.55 मी. - 360.90 मी. - 354.70 मी. - 45.08 एमसीएम - 4.75 एमसीएम
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राजघाट और माताटीला के गेट खुले, ललितपुर-चंदेरी मार्ग का पुल डूबा
मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से बेतवा नदी पूरे उफान पर बह रही है। इससे राजघाट बांध में पानी की आवक अधिक होने पर बृहस्पतिवार की सुबह बांध से 3.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। राजघाट के गेट खुलने पर माताटीला बांध में पानी की आवक अधिक हुई। इस पर माताटीला से 3.60 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। हालांकि दोपहर तक बांध में पानी की आवक कम होने के कारण राजघाट बांध के 12 गेट खोलकर 1.96 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी। गेट खुले रहने के कारण ललितपुर से चंदेरी को जाने वाले पुल के ऊपर करीब पांच से सात फुट पानी जा रहा है। इस कारण भारी वाहनों का आवागमन थम गया है। छोटे वाहन राजघाट बांध के ऊपर से होकर निकल रहे हैं। राजघाट से पानी कम छोड़े जाने पर माताटीला बांध के गेटों से भी पानी की निकासी को कम किया गया।
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इस साल मानसून सीजन की शुरुआत से जिले में अच्छी बारिश हो रही है। जिस कारण से बांधों में पानी की आवक ज्यादा हुई। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए जुलाई माह में अधिकांश बांधों के कई बार गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे है। - भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
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- जिले में इस साल जुलाई में ही जमकर हुई मानसून की बारिश, जुलाई माह में ही लबालब हुए बांध
अशोक तिवारी
ललितपुर। मानसून सीजन में इस बार शुरुआत से ही अच्छी बारिश होने से जिले के अधिकांश बांध लबालब हो गए। जुलाई माह में ही राजघाट-माताटीला बांध के 20-20 बार और गाेविंद सागर बांध के सात बार गेट खोले जा चुके हैं। इनके अलावा जामनी बांध को छोड़कर अन्य सभी बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं। इस प्रकार से अभी तक बांधों से करीब 7049.14 एमसीएम अतिरिक्त पानी गेटों के जरिए छोड़ा जा चुका है।
जनपद को बांधों का जिला कहा जाता है। चौदह बांध परियोजनाएं संचालित हैं। पूरे जिले के बांधों की बात की जाए तो इनकी कुल भराव क्षमता 3455 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है। इनमें वर्तमान में 2839.28 एमसीएम पानी आ गया है। यह बांध करीब 70 फीसदी भरे हुए हैं। इस साल जिले में लगातार बारिश होने से सभी बांधों में पर्याप्त पानी पहुंचा और यह लबालब हो गए। अधिकांश बांधों की यह स्थिति अगस्त के अंतिम और सितंबर की शुरुआत में होती थी, लेकिन इस बार जुलाई के दूसरे सप्ताह में ही सारे डैम करीब भर गए हैं। करीब डेढ़ महीने पहले इनमें अच्छी तादाद में पानी आ गया है। यही कारण रहा कि जामनी बांध को छोड़कर सभी तेरह बांधों के गेट जुलाई माह में कई बार खोले जा चुके हैं और अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई माह में सबसे ज्यादा बीस-बीस बार राजघाट व माताटीला बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। जबकि भावनी के 19 बार गेट खोले गए। उटारी बांध के 16, कचनौंदा बांध के 12, लोअर रोहिणी के 10, शहजाद-रोहिणी के 8-8 बार गेट खोले जा चुके है। वहीं, गोविंद सागर बांध के 7 बार गेट खोले गए, जमडार के चार बार और बंडई के तीन बार गेट खोले गए। इस साल निर्माणाधीन भौंरट बांध से लगातार पानी की निकासी हो रही है। इस प्रकार से इस साल अभी तक बांधों से 7049.14 एमसीएम अतिरिक्त पानी छोड़ा जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मानसून सीजन में बांधों में पानी भरने का स्तर निर्धारित रहता है। इसके अनुसार ही बांधों को भरा जाता है और निर्धारित स्तर से अधिक जलस्तर होने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जाती है।
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जनपद के बांधों का जलस्तर
बांध - नदी का नाम - न्यूनतम जलस्तर - अधिकतम जलस्तर - वर्तमान जलस्तर - कुल भराव क्षमता - वर्तमान भराव
गोविंद सागर - शहजाद - 357.83 मी. - 363.23 मी. - 363.23 मी. - 96.84 एमसीएम - 82.92 एमसीएम
शहजाद - शहजाद - 310.50 मी. - 321.00 मी. - 320.50 मी. - 130.0 एमसीएम - 103.92 एमसीएम
जामनी - जामनी - 396.39 मी. - 403.55 मी. - 402.30 मी. - 92.87 एमसीएम - 63.34 एमसीएम
सजनाम - सजनाम - 367.20 मी. - 373.20 मी. - 372.00 मी. - 83.50 एमसीएम - 61.40 एमसीएम
रोहिणी - रोहणी - 393.00 मी. - 396.39 मी. - 395.25 मी. - 12.11 एमसीएम - 8.21 एमसीएम
उटारी - उटारी - 322.80 मी. - 326.80 मी. - 325.40 मी. - 15.09 एमसीएम - 9.39 एमसीएम
राजघाट - बेतवा - 356.62 मी. - 371.00 मी. - 369.80 मी. - 2200 एमसीएम - 1950.00 एमसीएम
माताटीला - बेतवा - 301.45 मी. - 308.45 मी. - 306.81 मी. - 641.06 एमसीएम - 427.23 एमसीएम
कचनौंदा - सजनाम - 334.75 मी. - 341.70 मी. - 341.00 मी. - 69.00 एमसीएम - 47.32 एमसीएम
लोअर रोहिणी - रोहिणी - 363.00 मी. - 368.00 मी. - 367.00 मी. - 12.74 एमसीएम - 8.15 एमसीएम
जमडार - जमडार - 363.35 मी. - 368.00 मी. - 367.00 मी. - 16.45 एमसीएम - 9.72 एमसीएम
भावनी - सजनाम - 309.64 मी. - 312.38 मी. - 310.60 मी. - 27.33 एमसीएम - 15.10 एमसीएम
बंडई - बंडई - 397.00 मी. - 403.50 मी. - 401.60 मी. - 12.59 एमसीएम - 7.83 एमसीएम
भौंरट - जामनी - 354.55 मी. - 360.90 मी. - 354.70 मी. - 45.08 एमसीएम - 4.75 एमसीएम
राजघाट और माताटीला के गेट खुले, ललितपुर-चंदेरी मार्ग का पुल डूबा
मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से बेतवा नदी पूरे उफान पर बह रही है। इससे राजघाट बांध में पानी की आवक अधिक होने पर बृहस्पतिवार की सुबह बांध से 3.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। राजघाट के गेट खुलने पर माताटीला बांध में पानी की आवक अधिक हुई। इस पर माताटीला से 3.60 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। हालांकि दोपहर तक बांध में पानी की आवक कम होने के कारण राजघाट बांध के 12 गेट खोलकर 1.96 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी। गेट खुले रहने के कारण ललितपुर से चंदेरी को जाने वाले पुल के ऊपर करीब पांच से सात फुट पानी जा रहा है। इस कारण भारी वाहनों का आवागमन थम गया है। छोटे वाहन राजघाट बांध के ऊपर से होकर निकल रहे हैं। राजघाट से पानी कम छोड़े जाने पर माताटीला बांध के गेटों से भी पानी की निकासी को कम किया गया।
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इस साल मानसून सीजन की शुरुआत से जिले में अच्छी बारिश हो रही है। जिस कारण से बांधों में पानी की आवक ज्यादा हुई। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए जुलाई माह में अधिकांश बांधों के कई बार गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे है। - भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड