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Lalitpur News: तेंदुए मौत के मामले में वन संरक्षक ने किया स्थलीय निरीक्षण
Thu, 06 Mar 2025 12:48 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:48 AM IST
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दो दिन बीत जाने के बाद भी जांच टीम नहीं पहुंची किसी निष्कर्ष पर
संवाद न्यूूज एजेंसी
ललितपुर। वन विभाग ने तेंदुए की शिकारी के फंदे मौत के मामले में दूसरे दिन स्थल पर जांच की है, बुधवार को इसकी जांच के लेकर वन संरक्षक झांसी महावीर कौलाजी जनपद में आए। उन्होंंने मौके पर जाकर तेंदुआ मौत का सीन रीक्रिएट किया। मौके पर एक-एक बिंदु पर जांच की जा रही है।
दो दिन पहले पाए गए मृत तेंदुए के घटना स्थल का निरीक्षण वन संरक्षक झांसी महावीर कौलाजी ने किया गया। उन्होंने मौके के सीन को रीक्रिएट के कोण से भी देखा। साथ ही आस-पास के दो- तीन किलोमीटर के एरिया में गहन कंबिंग कराई गई। साथ में जांच के दौरान कुछ और भी तथ्य सामने आए हैं, हालांकि अभी विभाग उन्हें उजागर नहीं कर रहा है। मौके पर तेंदुए से फंसी हुई लकड़ी के घिसटने के निशान एवं उसका ट्रेल जांच कर अधिकारियों ने देखा। शिकारी के फंदे का तथ्य और पुख्ता होने पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी के साथ पूरे प्रभाग में फंदा निरोधी अभियान चलाया जाएगा। जिसमें जरूरत पड़ने पर जिले की पुलिस विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। वन संरक्षक ने सभी जनपदवासियों कृषक बंधुओं से कहा गया है कि सुअरों को फंसाने के लिए इस तरह के जाल अपने खेतों के किनारे न लगाएं, जिसमें जंगली जानवर फंस जाते हैं। अगर आगे कहीं भी इस तरह का पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाते हुए और निगरानी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ शिरीन सिद्दकी, सतेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूूज एजेंसी
ललितपुर। वन विभाग ने तेंदुए की शिकारी के फंदे मौत के मामले में दूसरे दिन स्थल पर जांच की है, बुधवार को इसकी जांच के लेकर वन संरक्षक झांसी महावीर कौलाजी जनपद में आए। उन्होंंने मौके पर जाकर तेंदुआ मौत का सीन रीक्रिएट किया। मौके पर एक-एक बिंदु पर जांच की जा रही है।
दो दिन पहले पाए गए मृत तेंदुए के घटना स्थल का निरीक्षण वन संरक्षक झांसी महावीर कौलाजी ने किया गया। उन्होंने मौके के सीन को रीक्रिएट के कोण से भी देखा। साथ ही आस-पास के दो- तीन किलोमीटर के एरिया में गहन कंबिंग कराई गई। साथ में जांच के दौरान कुछ और भी तथ्य सामने आए हैं, हालांकि अभी विभाग उन्हें उजागर नहीं कर रहा है। मौके पर तेंदुए से फंसी हुई लकड़ी के घिसटने के निशान एवं उसका ट्रेल जांच कर अधिकारियों ने देखा। शिकारी के फंदे का तथ्य और पुख्ता होने पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी के साथ पूरे प्रभाग में फंदा निरोधी अभियान चलाया जाएगा। जिसमें जरूरत पड़ने पर जिले की पुलिस विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। वन संरक्षक ने सभी जनपदवासियों कृषक बंधुओं से कहा गया है कि सुअरों को फंसाने के लिए इस तरह के जाल अपने खेतों के किनारे न लगाएं, जिसमें जंगली जानवर फंस जाते हैं। अगर आगे कहीं भी इस तरह का पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाते हुए और निगरानी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ शिरीन सिद्दकी, सतेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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