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Lalitpur News: खरखरी से जुडे़ नाले को मिलेगा नदी का रूप, पूरे वर्ष बहेगा पानी
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ललितपुर। ग्राम कारी पहाड़ी स्थित अमृत सरोवर से निकलने वाले पांच किलोमीटर लंबे नाले का पुनरोद्धार कर उसे फिर से नदी का स्वरूप दिया जाएगा। डीएम के निर्देश पर मनरेगा ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिसमें इसे गहरा और चौड़ा किया जाएगा। गर्मी के दिनों में भी इसमें पानी की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए इसके रास्ते में चैकडैम भी बनाया गया है। यह नाला खरखरी नदी में मिलता है।
ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम कारी पहाड़ी में अमृत सरोवर से एक नाला निकलता है। इसकी चौड़ाई और गहराई 15-15 फुट है। इस नाले के पानी से क्षेत्र के किसान करीब सौ एकड़ भूमि सिंचित करते हैं। नाले में अप्रैल माह तक पानी रहता है। यह नाला हंसली, बयरा मोहल्ला होते हुए सोंरई सड़क को पार करते हुए खरखरी नदी में मिलता है। खरखरी नदी आगे जाकर शहजाद नदी में मिलती है। शहजाद नदी पर शहजाद बांध बना हुआ है। देेखरेख के अभाव में कारी पहाड़ी का यह नाला काफी सिकुड़ और कम गहराई कम हो गई है।
जिलाधिकारी आलोक सिंह ने हाल ही में इस नाले का पुनरोद्धार करने के लिए मनरेगा विभाग को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। विभाग ने नाले का पुनरोद्धार की कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिसमें नाले की चौड़ाई बढ़ाने, गहरा करने के साथ इसके किनारों पर उगी झाड़ियों को साफ करने सहित इस पर चैकडैम का निर्माण करना शामिल किया है। अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा विभाग के द्वारा इस नाले का पुनरोद्धार किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना ऐसी होगी जिससे इसमें गर्मी के मौसम में भी पानी की उपलब्धता बनी रहे। नाले को नदी का स्वरूप मिल जाने से इस क्षेत्र की करीब 500-600 एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी। इसके साथ साथ गर्मी के दिनों में इसमें पानी रहने से गांव के लोगों की पेयजल समस्या खत्म होगी और मवेशियों के लिए भी इसका पानी बहुत उपयोगी होगा।
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पाटों पर लगेंगे बांस के पौधे
नाले को नदी का स्वरूप देने के बाद इसके दोनों ओर के पाटों को मजबूत बनाने को बांस के पौधे रोपित किए जाएंगे। बांस के पौधे बड़े होने पर इससे गरीब ग्रामीणों को आमदानी होगी।
ग्राम कारी पहाड़ी में स्थित अमृत सरोवर से निकले नाले का पुनरोद्धार करके उसे नदी का स्वरूप दिया जाएगा। जिससे इसमें वर्ष भर पानी की उपलब्धता रहेगी और लोगों को सिंचाई के साथ पेयजल के लिए भी सहायक होगा। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। - आलोक सिंह, जिलाधिकारी ललितपुर
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ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम कारी पहाड़ी में अमृत सरोवर से एक नाला निकलता है। इसकी चौड़ाई और गहराई 15-15 फुट है। इस नाले के पानी से क्षेत्र के किसान करीब सौ एकड़ भूमि सिंचित करते हैं। नाले में अप्रैल माह तक पानी रहता है। यह नाला हंसली, बयरा मोहल्ला होते हुए सोंरई सड़क को पार करते हुए खरखरी नदी में मिलता है। खरखरी नदी आगे जाकर शहजाद नदी में मिलती है। शहजाद नदी पर शहजाद बांध बना हुआ है। देेखरेख के अभाव में कारी पहाड़ी का यह नाला काफी सिकुड़ और कम गहराई कम हो गई है।
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जिलाधिकारी आलोक सिंह ने हाल ही में इस नाले का पुनरोद्धार करने के लिए मनरेगा विभाग को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। विभाग ने नाले का पुनरोद्धार की कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिसमें नाले की चौड़ाई बढ़ाने, गहरा करने के साथ इसके किनारों पर उगी झाड़ियों को साफ करने सहित इस पर चैकडैम का निर्माण करना शामिल किया है। अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा विभाग के द्वारा इस नाले का पुनरोद्धार किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना ऐसी होगी जिससे इसमें गर्मी के मौसम में भी पानी की उपलब्धता बनी रहे। नाले को नदी का स्वरूप मिल जाने से इस क्षेत्र की करीब 500-600 एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी। इसके साथ साथ गर्मी के दिनों में इसमें पानी रहने से गांव के लोगों की पेयजल समस्या खत्म होगी और मवेशियों के लिए भी इसका पानी बहुत उपयोगी होगा।
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पाटों पर लगेंगे बांस के पौधे
नाले को नदी का स्वरूप देने के बाद इसके दोनों ओर के पाटों को मजबूत बनाने को बांस के पौधे रोपित किए जाएंगे। बांस के पौधे बड़े होने पर इससे गरीब ग्रामीणों को आमदानी होगी।
ग्राम कारी पहाड़ी में स्थित अमृत सरोवर से निकले नाले का पुनरोद्धार करके उसे नदी का स्वरूप दिया जाएगा। जिससे इसमें वर्ष भर पानी की उपलब्धता रहेगी और लोगों को सिंचाई के साथ पेयजल के लिए भी सहायक होगा। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। - आलोक सिंह, जिलाधिकारी ललितपुर