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Lalitpur News: सकल घरेलू उत्पाद में जनपद का बढ़ा योगदान
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ललितपुर। जनपद का प्रदेश में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में प्रदर्शन अच्छा रहा है। जिले का प्रदेश की जीडीपी में 0.64 प्रतिशत योगदान है। प्रदेश सरकार ने हाल में वित्तीय वर्ष 2022-23 के आंकड़े जारी किए हैं, इसके अनुसार जनपद में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 85203 रुपये है, जबकि पूरे प्रदेश में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 83,636 है।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदेश की कुल जीडीपी 17,00,062 करोड़ रुपये थी, जिसमें जनपद का योगदान 10,968 करोड़ रुपये था। लेकिन, लगातार लघु व सूक्ष्म उद्योगों की सौगात मिलने के कारण सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2020-21 में प्रदेश की जीडीपी भले ही घटी हो, लेकिन जनपद ने बढ़ोतरी की थी। इस वर्ष प्रदेश की जीडीपी 16,44,946 करोड़ रुपये थी, जिसमें जनपद का योगदान 11,202 करोड़ रुपये का रहा। वित्तीय वर्ष में प्रदेश की जीडीपी बढ़कर 19,75,595 करोड़ रुपये हुई तो जनपद की 13,265 करोड़ रुपये हो गई।
हाल में जारी रिपोर्ट में 22,58,040 करोड़ रुपये प्रदेश की जीडीपी पहुंची है, जिसमें जनपद का योगदान 14,488 करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश में जनपद का जीडीपी में योगदान 0.64 प्रतिशत है। पिछले सालों में जनपद की जीडीपी में 9.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। चार वर्षों में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 67,095 रुपये से बढ़कर 85207 रुपये हो गई है। जबकि, प्रदेश स्तर पर प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 83,623 रुपये है।
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इनका रहा यह योगदान
जनपद की जीडीपी में वन, कृषि, पशुधन, मत्स्य पालन, खनन का 5492.42 करोड़ का योगदान रहा है। वहीं, विनिर्माण, विद्युत, गैस, जल पूर्ति सेवाएं तथा निर्माण के क्षेत्र में 2606.86 करोड़ रुपये, व्यापार, होटल एवं जलपान, परिवहन, रेलवे सेवाएं, वित्तीय सेवाएं बैंक आदि, लोक प्रशासन व रक्षा क्षेत्र की सेवाओं का 5145.42 करोड़ रुपये का योगदान रहा है। पिछले तीन वर्षों में 9.2 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
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वर्तमान में यह है आर्थिक स्थिति
अंत्योदय कार्ड की संख्या- 27244
मनेरगा मजदूरों की संख्या - 216379
उज्जवला योजना के कनेक्शन धारक- 1.94 लाख
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जिले की जीडीपी में चार साल में इजाफा हुआ है। प्रदेश की कुल जीडीपी में जनपद का 0.64 प्रतिशत योगदान है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। -केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।
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आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदेश की कुल जीडीपी 17,00,062 करोड़ रुपये थी, जिसमें जनपद का योगदान 10,968 करोड़ रुपये था। लेकिन, लगातार लघु व सूक्ष्म उद्योगों की सौगात मिलने के कारण सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2020-21 में प्रदेश की जीडीपी भले ही घटी हो, लेकिन जनपद ने बढ़ोतरी की थी। इस वर्ष प्रदेश की जीडीपी 16,44,946 करोड़ रुपये थी, जिसमें जनपद का योगदान 11,202 करोड़ रुपये का रहा। वित्तीय वर्ष में प्रदेश की जीडीपी बढ़कर 19,75,595 करोड़ रुपये हुई तो जनपद की 13,265 करोड़ रुपये हो गई।
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हाल में जारी रिपोर्ट में 22,58,040 करोड़ रुपये प्रदेश की जीडीपी पहुंची है, जिसमें जनपद का योगदान 14,488 करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश में जनपद का जीडीपी में योगदान 0.64 प्रतिशत है। पिछले सालों में जनपद की जीडीपी में 9.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। चार वर्षों में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 67,095 रुपये से बढ़कर 85207 रुपये हो गई है। जबकि, प्रदेश स्तर पर प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 83,623 रुपये है।
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इनका रहा यह योगदान
जनपद की जीडीपी में वन, कृषि, पशुधन, मत्स्य पालन, खनन का 5492.42 करोड़ का योगदान रहा है। वहीं, विनिर्माण, विद्युत, गैस, जल पूर्ति सेवाएं तथा निर्माण के क्षेत्र में 2606.86 करोड़ रुपये, व्यापार, होटल एवं जलपान, परिवहन, रेलवे सेवाएं, वित्तीय सेवाएं बैंक आदि, लोक प्रशासन व रक्षा क्षेत्र की सेवाओं का 5145.42 करोड़ रुपये का योगदान रहा है। पिछले तीन वर्षों में 9.2 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
वर्तमान में यह है आर्थिक स्थिति
अंत्योदय कार्ड की संख्या- 27244
मनेरगा मजदूरों की संख्या - 216379
उज्जवला योजना के कनेक्शन धारक- 1.94 लाख
जिले की जीडीपी में चार साल में इजाफा हुआ है। प्रदेश की कुल जीडीपी में जनपद का 0.64 प्रतिशत योगदान है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। -केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।